क्या कैलाश विजयवर्गीय को पता था, नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट कटेगा?
दतिया को लेकर डैमेज कंट्रोल में जुटी पार्टी, सरकार से लेकर संगठन तक सक्रिय
भोपाल। दतिया उपचुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद अब मध्यप्रदेश भाजपा के अंदरूनी सियासत गर्मा गई है। उपचुनाव में दतिया से अपनी उम्मीदवारी तक मानकर चल रहे है नरोत्तम मिश्रा जहां पूरी ताकत से चुनाव प्रचार में जुटे थे, वहीं उन्होंने 13 जुलाई को नामांकन पत्र भरने की तैयारी कर ली थी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि कैसे अचानक नरोत्तम मिश्रा का टिकट कट गया और क्या इसकी जानकारी पार्टी के बड़े नेताओं को पहले से थी।
इन चर्चाओं के बीच प्रदेश के दिग्गज नेता और मोहन सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का 2 जुलाई को भाजपा दफ्तर में दतिया विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी को लेकर दिया गया बयान, अब सुर्खियों में है। दरअसल दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद 2 जुलाई को कैलाश विजयवर्गीय पार्टी दफ्तर पहुंचे थे तब मीडिया ने दतिया नरोत्तम मिश्रा की उम्मीदवारी को लेकर सवाल पूछा था तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा था कि "यह कहना अभी जल्दबाजी होगा"। उस वक्त कैलाश विजयर्गीय के बयान को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया था लेकिन अब जब दतिया से नरोत्तम मिश्रा का टिकट कट गया है तो उनके बयान के मायने तलाशे जा रहे है।
नरोत्तम मिश्रा समर्थकों की नाराजगी छोटी बात-वहीं अब दतिया से नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थकों की नाराजगी को छोटी बात बताते हुए कहा कि वह पार्टी की जीत के लिए काम करेंगे और आशुतोष तिवारी भारी बहुमत से जीतेंगे। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा के अंदर पूरी तरह लोकतंत्र है. बीजेपी का कार्यकर्ता इतना अनुशासित है कि पार्टी का निर्णय आने के बाद सभी उसे स्वीकार करते हैं। आशुतोष तिवारी भारी मतों से चुनाव जीतेंगे। यह हमारे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। पार्टी हर निर्णय पूरी सोच-समझ और व्यापक विचार-विमर्श के बाद लेती है। हम डंके की चोट पर चुनाव जीतेंगे।
वहीं नरोत्तम मिश्रा के उपचुनाव लड़ने की तैयारी पर उन्होंने कहा कि तैयारी तो बहुत लोग करते हैं, मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं और हजारों लोग टिकट की तैयारी करते हैं, लेकिन अंततः पार्टी का निर्णय ही सर्वोपरि होता है, सभी कार्यकर्ता उसका पालन करते हैं।
वहीं नरोत्तम मिश्रा भी पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम करेंगे. मैं उन्हें बहुत अच्छे से जानता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि वे पार्टी के फैसले को समझेंगे और उसका सम्मान करेंगे। जहां तक टिकट बदलने की बात है, एक बार उम्मीदवार घोषित होने के बाद बीजेपी की कभी ऐसी परंपरा नहीं रही कि टिकट बदला जाए। इसलिए मुझे नहीं लगता कि टिकट में कोई बदलाव होगा. आशुतोष तिवारी भी हमारे बहुत अच्छे और समर्पित कार्यकर्ता हैं।
दतिया में डैमेज कंट्रोल की कोशिश में पार्टी-दतिया विधानसभा उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों के विरोध और हंगामे के बीचपार्टी अब डैमेज कंट्रोल मोड में नजर आ रही है। पार्टी नेतृत्व लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि संगठन में सब कुछ सामान्य है और सभी नेता पार्टी के फैसले के साथ खड़े हैं। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया कि दतिया उपचुनाव को लेकर लिया गया निर्णय भारतीय जनता पार्टी का सामूहिक निर्णय है, जिसे सभी को शिरोधार्य करना होगा।
जगदीश देवड़ा ने कहा कि भाजपा में संगठन सर्वोपरि है और पार्टी द्वारा लिया गया हर निर्णय सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए मान्य होता है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता पूर्ण निष्ठा के साथ संगठन के निर्णय का पालन करेंगे। डॉ. नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक कद का उल्लेख करते हुए देवड़ा ने कहा कि वे भाजपा के वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं। उन्होंने संगठन और सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है तथा संगठन की कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हैं।
वहीं टिकट कटने पर नरोत्तम समर्थकों की नाराजगी पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं किसी प्रकार की छोटी-बड़ी नाराजगी है तो उसका समाधान पार्टी स्तर पर आपसी संवाद के माध्यम से कर लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं बनने दी जाएगी, जिससे संगठन प्रभावित हो। देवड़ा ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी में उम्मीदवार की घोषणा जरूर होती है, लेकिन चुनाव किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरी पार्टी का होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि दतिया उपचुनाव में भाजपा के सभी नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता पारिवारिक भावना तथा पूर्ण एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे और पूरा संगठन मिलकर पार्टी की प्रचंड विजय सुनिश्चित करेगा।

