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भौम प्रदोष व्रत 2021 : मंगल प्रदोष व्रत करने के 5 फायदे

सोमवार,जनवरी 25, 2021
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आइए जानते हैं 12 फरवरी 2021 से सूर्य के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही किस राशि पर कैसा होगा असर...
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26 जनवरी 2021, मंगलवार को पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत मनाया जा रहा है। यह प्रदोष व्रत मंगलवार को होने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है।
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मंगलवार के दिन प्रदोष तिथि हो तो अति उत्तम, क्योंकि प्रदोष तिथि शिव जी की प्रिय तिथि है।
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पवनपुत्र अपने कई गुणों के कारण प्रभु श्रीराम को अत्यंत प्रिय रहे। ये गुण हमारे जीवन में भी बड़ा बदलाव लाने की शक्ति रखते हैं-
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भगवान शिव के अनमोल वचनों को 'आगम ग्रंथों' में संग्रहित किया गया है। आगम का अर्थ ज्ञान अर्जन। पारंपरिक रूप से शैव सिद्धांत में 28 आगम और 150 उप-आगम हैं।
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महाशिवरात्रि का पर्व सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन को भोलेनाथ के भक्त चरम उत्साह से मनाते हैं। आइए जानते हैं इस साल महाशिवरात्रि का पर्व कब आ रहा है...
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प्रस्तुत है मां सरस्वती के सरल मंत्र। वसंत पंचमी में मंत्र का पाठ करने से विद्या और बुद्धि में वृद्धि होती है।
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माना जाता है कि इस चर और अचर संसार में पुत्रदा एकादशी के व्रत के समान दूसरा कोई व्रत नहीं है। इस व्रत के नाम के अनुसार ही इसका फल है।
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भगवान श्रीकृष्ण बोले- हे राजन! इस एकादशी का नाम पुत्रदा एकादशी है। इसमें भी नारायण भगवान की पूजा की जाती है। इस चर और अचर संसार में पुत्रदा एकादशी के व्रत के
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हिन्दू धर्म के अनुसार एकादशी व्रत करने की इच्छा रखने वाले मनुष्य को दशमी के दिन से ही कुछ अनिवार्य नियमों का पालन करना चाहिए।
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अगर प्रतिदिन कोई मंत्र न पढ़ सकें तो कम से कम किसी खास अवसर पर या जैसे एकादशी या गुरुवार के दिन भगवान विष्णु का स्मरण कर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना
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एकादशी पर श्री विष्णु पूजन का विशेष महत्व है। यह चालीसा विष्‍णु जी को प्रिय है। एकादशी पर श्री विष्णु चालीसा का पाठ पढ़ने
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यह आरती करने से श्री हरि विष्णु प्रसन्न होकर खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देते हैं। यहां पढ़ें ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे...
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माह में 2 एकादशियां होती हैं अर्थात आपको माह में बस 2 बार और वर्ष के 365 दिनों में मात्र 24 बार ही नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखना है। हालांकि प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिकमास होने से 2 एकादशियां जुड़कर ये कुल 26 होती हैं। आओ जानते हैं कि किस माह में आती है ...
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ब्रह्मपुराण के अनुसार बाल्यकाल से ही शनिदेव भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे। वे भगवान श्रीकृष्ण के अनुराग में निमग्न रहा करते थे। युवावस्था में उनके पिताश्री ने उनका विवाह चित्ररथ
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प्रत्येक माह में दो एकादशी आती है। पौष में सफला एवं पुत्रदा एकादशी आती है। इस साल पुत्रदा एकादशी व्रत 24 जनवरी 2021 रविवार को है। प्रतिवर्ष पौष मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली पुत्रदा एकादशी का व्रत खासकर पुत्र की प्राप्ति और उसके सुख के लिए रखा जाता ...
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Shani mantra : शनिदेव के पौराणिक मंत्र

शुक्रवार,जनवरी 22, 2021
शनि भगवान के शीश पर स्वर्ण मुकुट, गले में माला तथा शरीर पर नीले रंग के वस्त्र सुशोभित हैं। शनिदेव गिद्ध पर सवार रहते हैं। हाथों में क्रमश: धनुष, बाण, त्रिशूल और वरमुद्रा धारण करते हैं।
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हनुमान जी के पिता वानरराज केसरी कपि क्षेत्र के राजा थे। हरियाणा का कैथल पहले कपिस्थल हुआ करता था। कुछ लोग इसे ही हनुमान जी की जन्म स्थली मानते हैं।
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शनिवार का दिन भगवान बजरंगबली को समर्पित है। इस दिन इन 5 मंत्रों से किया जा सकता है पवनपुत्र को प्रसन्न....
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