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भगवान महावीर स्वामी के जन्म की 5 खास बातें

गुरुवार,अप्रैल 2, 2020
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अंगुत्तर निकाय धम्मपद अठ्ठकथा के अनुसार वैशाली राज्य में तीव्र महामारी फैली हुए थी। मृत्यु का तांडव नृत्य चल रहा था। लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि इससे कैसे बचा जाए। हर तरफ मौत थी। लिच्छवी राजा भी चिंतित था। कोई उस नगर में कदम नहीं रखना चाहता ...
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ललितपुर। बुंदेलखंड की अयोध्या के तौर पर प्रसिद्ध ओरछा दुनिया का ऐसा इकलौता मंदिर है जहां मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की पूजा राजा के रूप में होती है और स्थानीय नियमित रूप से अपने राजा को सलामी देकर दिन की शुरुआत करती है।
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तुलसीदास जी रचित रामचरित मानस में नारियों को सम्मान जनक रूप में प्रस्तुत किया है। जिससे ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता:’ ही सिद्ध होता है। नारियों के बारे में उनके जो विचार देखने में आते हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं:-
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लॉकडाउन में घर पर ही रहकर समय का सदुपयोग किया जा सकता है। यदि आप पढ़ने का शौक रखते हैं तो आपके लिए हम लाएं हैं ऐसी 10 रोचक और मजेदार किताबों की सूची जिन्हें पढ़कर सच में ही आपको लगेगा की कुछ पढ़ा और ज्ञान बढ़ा। आप इन्हें ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। हालांकि ...
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धर्म, ज्योतिष, माया सभ्यता या नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी का हवाला देकर कुछ लोगों द्वारा पिछले कई वर्षों से दुनिया के खत्म होने का दावा किया जाता रहा है। कुछ लोग इस दावे के चलते निश्चित ही दहशत में रहते हैं तो कुछ इसे अंधविश्वास मानते हैं। दुनिया के ...
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भगवान श्रीराम के तीन भाई थे। लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी एक बहन भी थीं। दक्षिण रामायण में इस बात का उल्लेख मिलता है कि भगवान श्रीराम और उनके तीनों भाईयों की बहन का नाम शांता था।
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राम के बारे में कुछ ऐसी बातें हैं जिनका विवरण श्रीरामचरितमानस या अन्य रामायण में नहीं है। इनका विस्तृत विवरण केवल वाल्मीकि कृत रामायण में है।
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पहली बात यह समझने की है कि सामान्य रोग, बुखार या बीमारी के लिए औषधि काम आती है लेकिन महामारी के लिए नहीं। भारत प्राचीन काल से ही अपने लोगों को महामारी से बचाने के 4 तरीके अपना रहा है।
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कम ही लोगों को ज्ञात होगा कि भगवान शिव की दरअसल 6 संतानें हैं। इनमें तीन पुत्र हैं और इन्‍हीं के साथ उनकी 3 पुत्र‍ियां भी हैं। इनका वर्णन शिव पुराण में मिलता है।
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सिखों के छठवे गुरु, गुरु हर गोविंद सिंह जी का जन्म बडाली (अमृतसर, भारत) में हुआ था। वे सिखों के पांचवें गुरु अर्जुन सिंह के पुत्र थे। उनकी माता का नाम गंगा था।
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वेदी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में छब्बीस, शिवचरित्र में इक्यावन, दुर्गाप्तसति और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। यहां प्रस्तुत है मां दुर्गा के प्रसिद्ध 10 के चमत्कारिक और सिद्ध ...
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पांच महत्वपूर्ण सरोवरों में से एक नारायण सरोवर का संबंध भगवान विष्णु से है। अन्य सरोवरों के नाम हैं- मान सरोवर, बिंदु सरोवर, पंपा सरोवर और पुष्कर सरोवर।
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एक बार महादेव पार्वती वन में गए चलते-चलते गहरे वन में पहुंच गए तो पार्वती जी ने कहा-भगवान, मुझे प्यास लगी है। महादेव ने कहा, देवी देखो उस तरफ पक्षी उड़ रहे हैं। वहां जरूर पानी होगा। पार्वती जी वहां गई। वहां एक नदी बह रही थी। पार्वती ने पानी की ...
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पहले बधाई मेरे घर आई है। बधाई स्वरूप रनुबाई और धणियर राजा आए हैं। हे रनुबाई! तुम बड़े बाप की बेटी हो, सुंदर घेरदार कीमती चूंदड़ ओढ़ो। इस कीमती साड़ी से तुम्हारी शोभा सुंदरता का मैं कैसे बखान करूं। जिनके घर रनुबाई आ गई हैं, उन घरों में आनंद का सरोवर लहरा ...
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गणगौर माता के दरबार में हाजिरी देने के समय उखाणे / उखाने बोले जाते हैं। पूजा करने वाली महिलाएं एक-एक करके माता के सामने अपने पल्लू के कोने को कलश के पानी में डुबो कर माता जी के मुख को छुआती हुई इन उखाणे का उच्चारण करतीं हैं जिनमें उनके पति के नाम ...
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घर में फालतू का सामान बहुत होता है और छूट जाती है वे जरूरी वस्तुएं जो हमारे जीवन में संकट के दौरान काम में आती है। आधुनिक युग में व्यक्ति उन वस्तुओं पर ज्यादा आश्रित हो गया है जो विज्ञान के द्वारा जन्मी है, लेकिन उन वस्तुओं के अभाव में व्यक्ति खुद ...
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27 मार्च 2020, शुक्रवार को मत्स्य जयंती है। मत्स्य जयंती को भगवान विष्णु के प्रथम अवतार जो मत्स्य अवतार था, उसकी पूजा और प्रार्थना करने के लिए मनाया जाता है।
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चेन्नई से लगभग 60 किलोमीटर दूर एक तीर्थस्थल है जिसे 'पक्षी तीर्थ' कहा जाता है। यह तीर्थस्थल वेदगिरि पर्वत के ऊपर है। दक्षिण रेलवे के मद्रास एगमोर-रामेश्वरम् रेलमार्ग पर मद्रास से करीब 56 किमी दूरी पर आता है चेंगलपट्ट स्टेशन, यहां से 14 किमी दूरी पर ...
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गणगौर गीतों को झालरिया गीत कहते हैं। झालरिया गीत गणगौर के विशेष गीत हैं। कुछ गीत हैं जिनमें कन्या अपने पिता से अनुरोध करती है कि पिता हमें अभी ससुराल मत भेजो, अभी तो हमारे बाग-बगीचों में खेलने के दिन हैं। दादाजी हमारे बाप के कुआं-बावड़ी हैं, हमारे ...
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