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योग की नेती क्रिया के 7 चमत्कारिक फायदे

मंगलवार,फ़रवरी 11, 2020
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सर्दी के मौसम में स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ समस्याएं होना आम बात है। मौसम ठंडा होने के कारण सिरदर्द, कमर दर्द, जुकाम, बदन दर्द, जोड़ों में समस्या, सांस लेने में परेशानी और हार्ट संबंधी व मानसि‍क समस्याएं भी हो सकती हैं। लेकिन इन योग व्यायाम का साथ....
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वर्तमान में जीना ही ध्यान है। एकाग्रता ध्यान नहीं है। ध्यान का मूल अर्थ है जागरूकता, अवेयरनेस, होश, साक्ष‍ी भाव और दृष्टा भाव। ध्यान का अर्थ एकाग्रता नहीं होता। एकाग्रता टॉर्च की स्पॉट लाइट की तरह होती है जो किसी एक जगह को ही फोकस करती है, लेकिन ...
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शाम्भवी मुद्रा को शिव मुद्रा या भैरवी मुद्रा भी कहते हैं। शाम्भवी मुद्रा करना बहुत कठिन और बहुत सरल है। इसे यदि सही तरीके से नहीं किया जा रहा है तो यह कठिन है और सही ‍तरीके से किया जा रहा है तो यह बहुत सरल है।
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जब आप योग कर रहे हैं तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि योग करते समय आपको ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। यह आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है,
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पीरियड्स के समय महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव देखे जाते हैं। इस समय कुछ महिलाओं को तकलीफ भी होती है, जैसे कमर दर्द व चिड़चिड़ापन। ऐसी तकलीफें महिलाओं में आमतौर पर देखी जाती हैं और ऐसे दर्द में या पीरियड्स के दौरान व्यायाम करना ठीक है कि ...
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आर्काइव्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित शोध के परिणाम कहते हैं कि लंबी उम्र के लिए हमारे जीन सिर्फ 30 प्रतिशत तक जिम्मेदार होते हैं बाकी का काम तो जीवन शैली करती है। मतलब यह कि आपको जीवन शैली बदलना होगी अन्यथा आप 70 से 80 के बीच स्वर्ग सिधार ...
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योग शरीर और मन को साधने की एक प्रक्रिया है। वेदों के छह अंगों में से एक है योग। मूलत: योग का वर्णन सर्वप्रथम वेदों में ही हुआ है लेकिन यह विद्या वेद के लिखे जाने से 15000 ईसा पूर्व के पहले से ही प्रचलन में थी, क्योंकि वेदों की वाचिक परंपरा हजारों ...
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आओ जानते हैं आधुनिक काल के उन महान योगियों के बारे में जिन्होंने योग को फिर से संपूर्ण देश और दुनिया में प्रतिष्ठित किया।
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संसार की प्रथम पुस्तक ऋग्वेद में कई स्थानों पर यौगिक क्रियाओं के विषय में उल्लेख मिलता है। योगाभ्यास का प्रामाणिक चित्रण लगभग 3000 ई.पू. सिन्धु घाटी सभ्यता के समय की मोहरों और मूर्तियों में मिलता है। योग का प्रामाणिक ग्रंथ 'योगसूत्र' 200 ई.पू. योग ...
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ऐसा भी जरूरी नहीं है कि आप किसी व्यक्ति विशेष या भगवान से ही जुड़ते हों। हो सकता है कि आपका मन किसी भौतिक चीज को प्राप्त करना चाहता है, जैसे कि अपना नया घर या कार लेने की इच्छा जिसके बारे आप पूरे दिन में चाहे न चाहे,
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योग का वर्णन वेदों में, फिर उपनिषदों में और फिर गीता में मिलता है, लेकिन पतंजलि और गुरु गोरखनाथ ने योग के बिखरे हुए ज्ञान को व्यवस्थित रूप से लिपिबद्ध किया। योग हिन्दू धर्म के छह दर्शनों में से एक है। ये छह दर्शन हैं- 1.न्याय 2.वैशेषिक 3.मीमांसा ...
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मेडिटेशन को ही ध्यान लगाना केहते है, इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाकर रोजाना करने से कई फायदे होते हैं। अगर अभी तक आपने मेडिटेशन को अपने रूटीन में शामिल नहीं किया है तो, ये 13 फायदे जानने के बाद आप
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योग को 'अंतरराष्ट्रीय' रूप से मनाने का प्रस्ताव भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ के सामने रखा था, जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने सभी राष्ट्रों की सहमति से 90 दिनों के अंदर ही पारित कर दिया और इस तरह योग दिवस का प्रस्ताव जिसे ...
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सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ प्रक्रिया है। यह अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है। इसके अभ्यास से साधक का शरीर निरोग
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अष्टांग योग का सातवां अंग है ध्यान। दरअसल ध्यान सातवीं सीढ़ी है। योग में ध्यान सातवीं स्टेप है, लेकिन वर्तमान में कुछ संस्थान ऐसे हैं जो व्यक्ति को डायरेक्ट ध्यान लगाने या सिखाने का कार्य करते हैं। उन्होंने अपनी अलग ध्यान विधियां विकसित करके उसकी ...
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दैनिक जीवन के विभिन्न कार्यों में स्वरों की स्थिति का बहुत महत्व देखा जाता है। स्वर ज्ञाता ज्योतिषियों की भांति इसका प्रयोग करते हैं। विभिन्न कार्यों की सफलता-असफलता,
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ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन करने के लिए सबसे पहले शांत चित्त होकर शरीर ढीला करके बिल्कुल सीधे होकर बैठें।
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हमारे सनातन धर्म में समाधिस्थ ऋषि मुनियों ने समाधि के कुछ लक्षण बताए हैं। आइए जानते हैं कि समाधि के अष्ट लक्षण कौन से होते हैं-
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ध्यान शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य के लिए बिलकुल निःशुल्क हानिरहित उपचार पद्धति है। जब भी एकाग्र मन से किसी भी विषय में सोचा जाए, मनन किया जाए तो वह शीघ्र फलित होने लगता है,
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