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6 योगा टिप्स, सेहत और शांति के लिए

सोमवार,जनवरी 25, 2021
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हिमालय में कुछ ऐसी जगहें हैं जहां पर शून्य से 45 डीग्री से भी नीचे तापमान रहता है फिर भी वहां पर निर्वस्त्र रूप से रहकर साधुओं को तप करते देखे जाने की घटना से भारतीय सैकिन वाकिफ है। एक ओर जहां पर भारतीय सैनिक खून को जमा देवे और हाड़ कपा देने वाली ...
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अष्टांग योग में ध्यान को 7वीं सीढ़ी या योगांग माना गया है, परंतु जब से ध्यान का भी बाजारीकरण हुआ है तब से अब इसे डायरेक्ट किया या सीखा जा सकता है। मतलब यह कि आप छह सीढ़ियों को लांघकर सीधे सातवीं सीढ़ी पर पहुंच सकते हैं। यह चमत्कार तो ध्यान सिखाने ...
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भारतीय दर्शनशास्त्र कहता है कि हमारा मस्तिष्क ही हमें सफल या असफल करता है कोई बाहरी व्यक्ति, परिवार, समाज या देश नहीं। आपकी असफलता के लिए आप खुद ही जिम्मेदार हैं किसी को दोष देने का मतलब यह है कि आप अपनी कमजोरी को छिपा रहे या दबा रहे हैं। जब व्यक्ति ...
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उम्र बढ़ने के साथ ही शरीर फैलने लगता है और चेहरे पर झुर्रियां भी दिखाई देने लगती है। ऐसे में हम चेहरे की चमक या कांति खो बैठते हैं। आंखों के नीचे कालापन भी आ जाता है। ऐसा महसूस होने लगता है कि हम अधेड़ता या बुढापे की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में आप योग ...
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शायद ही आपको पता हो कि पेट संबंधी समस्या में कुछ ऐसी एक्सरसाइज भी है, जो पाचन संबंधी कई समस्याओं को दूर कर सकती हैं।
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वर्तमानकाल में अधिकतर लोगों की सोच नकारात्मक हो चली है। इसके पीछे कई राजनीतिक, सामाजिक और रहन-सहन में परिवर्तन के कारण भी हो सकते हैं। यह भी हो सकता है कि कोई व्यक्ति बचपन से ही गलत लोगों के साथ रहा हो या बाद में उसकी संगति गलत लोगों की हो गई हो। कई ...
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यदि ध्यान आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है तो यह आपके दिन का सबसे बढ़िया समय बन जाता है। आपको इससे आनंद की प्राप्ति होती है। फिर आप इसे पांच से दस मिनट तक बढ़ा सकते हैं। पांच से दस मिनट का ध्यान आपके मस्तिष्क में शुरुआत में तो बीज रूप से रहता है, ...
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कोरोना वायरस (coronavirus) का संक्रमण फेफड़ों को कमजोर कर देता है। इस दौर में जहां इम्युनिटी पावर (Immunity power) बढ़ाना जरूरी है वहीं फेफड़ों (Lungs) को सुरक्षित और मजबूत बनाए रखना भी जरूरी है और सबसे जरूरी है शरीर के भीतर का ऑक्सीजन लेवल बढ़ाना। ...
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कहते हैं कि जहां गंदगी होती है वहां पर ही वायरस और बैक्टीरिया पनपते हैं। अत: कोरोना काल में साफ-सफाई के साथ ही शरीर और मन की शुद्धि का भी महत्व बढ़ गया है। आओ जानते हैं कि स्नान के कितने प्रकार हैं और यह कैसे किया जाता है। यहां मुख्‍यत: दो तरह के ही ...
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कोरोनाकाल के दौरान लोगों में निराशा, हताशा और भय के साथ ही मन में नकारात्मक अर्थात निगे‍टिव सोच का जन्म भी हो चला है। ऐसे में सोच को सकारात्मक रखना जरूरी है क्योंकि सकारात्मक सोच से ही सबकुछ अच्छा होने लगता है और व्यक्ति फिर से सफलता प्राप्त कर सकता ...
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इस आसन को करने से व्यक्ति स्वयं को पूर्ण विश्राम की स्थिति में अनुभव करता है इसीलिए इसे विश्रामासन कहते हैं। इसका दूसरा नाम बालासन भी है। यह तीन प्रकार से किया जाता है। पेट के बल लेटकर, पीठ के बल लेटकर और वज्रासन में बैठकर। यहां प्रस्तुत है पेट के ...
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यदि निम्नलिखित 10 नियम आपने अपना लिए तो निश्चित ही शर्तिया आपको कभी भी कोई गंभीर रोग नहीं होगा और आप जीवनभर निरोगी बने रहेंगे, परंतु उससे पूर्व आपको 3 शर्तों का पालन करना होगा। जैसे कुछ पाने के लिए खोना पड़ता है उसी तरह यह 3 शर्तें अपनाएं।
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कोरोना वायरस सचमुच घातक है, लेकिन इससे संक्रमित हजारों लोग ठीक भी हो गए हैं। यदि आपने लोगों से मिलना-जुलना और भीड़ वाले क्षेत्र में जाना छोड़ दिया है तो सबसे बड़ा बचाव यही है। इसके अलावा भारतीय संस्कृति, परंपरा और आयुर्वेद में ऐसे कई उपाय और नुस्खे ...
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कोविड 19 अर्थात कोरोनावायरस के काल में इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के बारे में सभी सोचने लगे हैं। इसके लिए कुछ लोग प्रतिदिन एक्सरसाइज या एक घंटा घुमने की सलाह देते हैं तो कुछ लोग विटामिन सी के अलावा अन्य तरह की आयुर्वेदिक दवाई लेने की सलाह देते हैं। इसी ...
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कोरोनाकाल का संकटपूर्ण समय ऐसा है कि यदि आप इस काल में योग और यौगिक आहार के संबंध में नहीं जानते हैं तो जान लें, क्योंकि अन्न ही अमृत है और अन्न ही जहर है। जब तक कोरोनावायरस का काल चल रहा है तब तक खुद को और परिवार को बचाकर रखना जरूरी है। इसकी ...
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कोरोना वायरस के काल में इम्युनिटी पावर कैसे बढ़ाएं यह सभी जानना चाहते हैं साथ ही आप सेहतमंद कैसे बने रहे हैं यह भी जरूरी है। परंतु यह बात समझना जरूरी है कि भोजन से ही रोग उत्पन्न होते हैं और उसी से समाप्त। मतलब यह कि भोजन ही आपकी इम्युनिटी बढ़ाने ...
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कुछ वर्ष पूर्व आर्काइव्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित शोध के परिणाम के अनुसार लंबी उम्र के लिए हमारे जीन सिर्फ 30 प्रतिशत तक जिम्मेदार होते हैं बाकी का काम तो जीवन शैली करती है। कोरोनाकाल में हमारी लाइफ स्टाइल पूरी तरह से बदल गई है।
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पशुओं में रोग या बीमारी कभी गंभीर नहीं होती क्योंकि उनका शरीर वह नुस्खा जानता है जिससे रोग ठीक होता है, परंतु मनुष्य के पास बुद्धि होने के कारण वह अपने शरीर की पुकार कभी नहीं सुनता है वह हमेशा अपने मन की करता है। तो आओ जानते हैं कि किस तरह आप बगैर ...
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