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योग दिवस 21 जून को ही क्यों मनाया जाता है, जानें कारण और इसका महत्व

21 June International Yoga Day 2025
Benefits of yoga for health: जैसा हम सभी जानते हैं कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। 21 जून के दिन ही योग दिवस मनाने के पीछे एक विशेष कारण है। यह उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन (ग्रीष्म संक्रांति) होता है। इस दिन सूर्य दक्षिणायन में प्रवेश करता है। भारतीय परंपरा में, यह दिन आध्यात्मिक अभ्यास के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस अवधि में सूर्य का प्रकाश सबसे अधिक समय तक रहता है, जिसे ऊर्जा और जीवन का प्रतीक माना जाता है। योग भी ऊर्जा और जीवन शक्ति को बढ़ाने का विज्ञान है, इसलिए यह दिन योग के लिए बेहद खास माना गया।ALSO READ: 21 जून को साल के सबसे लंबे दिन पर करें ये 8 विशेष उपाय
 
21 जून का दिन उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति कहते हैं। यह दिन सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है, जो ऊर्जा और जीवन शक्ति का संकेत है। इसी कारण इस दिन को योग दिवस के लिए चुना गया, ताकि यह दिन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के महत्व को दर्शा सके।

इतना ही नहीं 21 जून न सिर्फ खगोलीय दृष्टि से खास है, बल्कि यह प्राकृतिक ऊर्जा के उच्चतम बिंदु को भी दर्शाता है। यह समय आत्ममंथन, ऊर्जा संतुलन और स्वास्थ्य साधना का भी होने के कारण इस को सही उपायों और आभार के साथ मनाना सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
 
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में की थी। उनके प्रस्ताव को 11 दिसंबर 2014 को 177 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ, और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया गया। पहला योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया, जिसमें 35,985 लोगों ने एक साथ 21 योगासन किए, जो एक विश्व रिकॉर्ड बना।
 
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का महत्व: योग दिवस का महत्व केवल एक दिन का समारोह नहीं है, बल्कि यह योग के बहुआयामी लाभों को वैश्विक स्तर पर मान्यता देने और अपनाने का एक आह्वान है, जैसे...ALSO READ: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025: मात्र 10 मिनट अंग संचालन करने से ही बने रहेंगे सेहतमंद
 
स्वास्थ्य और कल्याण: यह लोगों को योग के शारीरिक (लचीलापन, शक्ति, संतुलन), मानसिक (तनाव मुक्ति, एकाग्रता, शांति) और आध्यात्मिक (आत्म-जागरूकता, आंतरिक शांति) लाभों के बारे में जागरूक करता है।
 
जीवनशैली में बदलाव: यह लोगों को एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से लड़ने में योग एक शक्तिशाली उपकरण साबित हो सकता है।
 
वैश्विक एकता: यह विभिन्न संस्कृतियों और देशों के लोगों को एक साथ लाता है, जिससे सार्वभौमिक भाईचारे और सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा मिलता है।
 
प्राचीन भारतीय विरासत: यह भारत की प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विशेष रूप से योग के ज्ञान को विश्व मंच पर प्रदर्शित करता है।
 
तनाव प्रबंधन: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक आम समस्या है। योग दिवस लोगों को तनाव प्रबंधन के लिए एक प्रभावी तरीका प्रदान करता है।
 
आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा: योग हमें आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ता है। योग नहीं सिर्फ व्यायाम है, यह तो आत्मा का संग्राम है। इसे आत्मा से परमात्मा तक की यात्रा भी कहा जाता है तथा मन की शांति का रास्ता भी योग से होकर जाता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: विश्‍व योग दिवस 2025: योग से कैसे कर सकते हैं तोंद को कम?
 
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