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शनि की साढ़ेसाती और मंगल दोष मात्र शहद के इस उपाय से दूर हो जाएंगे

शनिवार,फ़रवरी 27, 2021
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लाल किताब के अनुसार किसी की कुंडली में दो तरह की स्थिति होती है सोया भाव और सोया ग्रह। जब कोई महत्वपूर्ण भाव या ग्रह सोया होता है जो व्यक्ति को उसके जीवन में उसके अनुसार फल नहीं मिलते हैं। सोया भाव या ग्रह को जगाने के कई तरीके हैं उनमें से एक है ...
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यदि आपकी कुंडली में मंगल ग्रह खराब है या पीड़ित है तो ज्योतिष अनुसार मंगल के उपाय बताए जाते हैं परंतु लाल किताब में मंगल कहां किस भाव में बैठा है इससे तय होता है कि उसका उपाय क्या होगा। उपाय करने से पहले यह जानना जरूरी है।
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लाल किताब के अनुसार कुछ खास बाता बताई गई है यदि आप उनका पालन करते हुए कुछ कार्य नहीं करेंगे तो ग्रहों के दुष्प्रभाव से बचें रहेंगे। आओ जानते हैं कि लाल किताब के अनुसार क्या नहीं करना चाहिए।
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लाल किताब में दो प्रकार से कुंडली बनाई जाती है। पहले प्रकार में हाथ की रेखा, पर्वत, भाव, राशि का निरीक्षण और निशानों को जांच परखकर कुंडली बनाते हैं दूसरे प्रकार में प्रचलित ज्योतिष शास्त्र की पद्धति द्वारा बनी कुंडली को परिवर्तित करके नई कुंडली बनाई ...
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राहु के कारण जीवन में अचानक आने वाली घटना और दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई बार अचानक कोई रोग उत्पन्न होता है व्यक्ति अस्पताल में भर्ती हो जाता है। राहु के कारण जातक पागलपन का भी शिकार हो जाता है। लाल किताब के वस्तु के अनुसार यूं तो राहु की स्थिति कई ...
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राहु का अधिदेवता 'काल' है तथा केतु का अधिदेवता 'सर्प' है। इन दोनों ग्रहों के बीच कुंडली में एक तरफ सभी ग्रह हों तो इसे 'कालसर्प' दोष कहते हैं। राहु-केतु हमेशा वक्री चलते हैं तथा सूर्य चन्द्र मार्गी। मानसागरी ग्रंथ के चौथे अध्याय के 10वें श्लोक में ...
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लाल किताब के अनुसार बुधवार का दिन माता दुर्गा का दिन माना जाता है। बुधवार का ग्रह है बुध और इस ग्रह के दूषित होने से नौकरी, व्यापार, बुद्धि सहित शरीर के कई अंगों पर यह असर पड़ता है। आओ संक्षिप्त में जानते हैं कि लाल किताब अनुसार किस तरह बुध ग्रह के ...
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लाल किताब के अनुसार पितृ दोष और पितृ ऋण से पीड़ित कुंडली शापित कुंडली कही जाती है। ऐसा व्यक्ति अपने मातृपक्ष अर्थात माता के अतिरिक्त मामा-मामी मौसा-मौसी, नाना-नानी तथा पितृपक्ष अर्थात दादा-दादी, चाचा-चाची, ताऊ-ताई आदि को कष्ट व दुख देता है और उनकी ...
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बृहस्पति ग्रह से संबंधित रत्न पांच रंगों में पाया जाता है- हल्दी रंग में, केशर/केशरिया, नीबू के छिलके के रंग का, स्वर्ण के रंग का तथा सफेद-पीली झांई वाला। चौबीस घंटे तक दूध में रखने पर यदि क्षीणता एवं फीकापन न आए तो असली होता है। चिकना, चमकदार, ...
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लाल किताब के अनुसार प्रत्येक ग्रह का अपना एक प्रतिनिधि वृक्ष होता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आपके घर या खेत के आसपास कौनसे वृक्ष हैं। जैसे कुंडली में शनि और चंद्र की युति विष योग बनाती है उसी तरह शनि और चंद्र से संबंधित वृक्ष पास पास लगे हैं ...
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लाल किताब में आपकी कुंडली देखकर भी मकान की स्थिति बताई जा सकती है और कुंडली के अनुसार भी मकान बनाया जा सकता है। लाल किताब के अनुसार प्रत्येक ग्रह का एक घर या मकान होता है जिसकी स्थिति के बारे में बताया गया है। जैसे शनि के मकान के पास कीकर, आम या ...
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लाल किताब में आपकी कुंडली देखकर भी मकान की स्थिति बताई जा सकती है और कुंडली के अनुसार भी मकान बनाया जा सकता है। लाल किताब के अनुसार प्रत्येक ग्रह का एक घर या मकान होता है जिसकी स्थिति के बारे में बताया गया है। जैसे शनि के मकान के पास कीकर, आम या ...
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ज्योतिष मनुष्य के जीवन के हर पहलू की जानकारी देता है। उसकी आयु का निर्धारण भी करता है। मगर जीवन-मरण ईश्वर की ही इच्छानुसार होता है अतः कोई भी भविष्यवक्ता इस बारे में घोषणा न करें ऐसा गुरुओं का निर्देश होता है। हाठ, खतरे की पूर्व सूचना दी जा सकती है। ...
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हमारे शरीर में कुछ विशेष स्थान पर ग्रहों का प्रभाव पड़ता है। यदि वह खराब हो या कि उसे खराब कर लिया गया हो तो हर ग्रह व्यक्ति को कुछ न कुछ बीमारी जरूर देता है। पहने हमने बताया था कि कौनसा ग्रह कैसी बीमारी देता है और अब जानिए कि दो ग्रहों की युति से ...
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शनिवार का ग्रह शनि ग्रह है। शनिवार की प्रकृति दारुण है। यह भगवान भैरव और शनि का दिन है। शनि हमारे जीवन में अच्छे कर्म का पुरस्कार और बुरे कर्म के दंड देने वाले हैं। कहते हैं कि जिसका शनि अच्छा होता है वह राजपद या राजसुख पाता है। यदि कुंडली में शनि ...
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लाल किताब का ज्योतिष परंपरागत ज्योतिष से थोड़ा भिन्न है। इसमें अंधराती कुंडली के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। परंतु यहां प्रस्तुत है संक्षिप्त में यह जानकारी की अंधराती कुंडली क्या है और किसी तरह इसके उपाय कर सकते हैं।
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लाल किताब के अनुसार शनि हमारे जीवन में अच्छे कर्म का पुरस्कार और बुरे कर्म के दंड देने वाले हैं। लाल किताब कुंडली में शनि ग्रह अगर पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में हो तो अशुभ फल देते हैं। शनि को पसंद नहीं है जुआ-सट्टा खेलना, शराब पीना, ब्याजखोरी ...
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कुंडली में राहु, केतु और शनि ग्रह को बुरा ग्रह माना जाता। लोग इन ग्रहों से फेर में पड़कर परेशान रहते हैं। परंतु यह राहु और केतु क्या है और किस तरह लोग इससे परेशान रहते हैं यदि यह जान लिया तो दोनों के ही चक्कर से बचा जा सकता है।
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बुधवार की प्रकृति चर और सौम्य मानी गई है। चर का अर्थ चलायमान होता है, जो स्थिर नहीं है। बुधवार का ग्रह है बुध। यदि कुंडली में बुध की स्थिति निम्निलिखित अनुसार है तो बुधवार का व्रत करना चाहिए। आओ जानते हैं कि किसे बुधवार का व्रत रखना चाहिए।
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