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जब जन्मे तब कौनसा ग्रह था सक्रिय, करें उम्र के हिसाब से प्लानिंग तो खुल जाएगा भाग्य

शुक्रवार,नवंबर 27, 2020
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प्रत्येक ग्रह का एक प्रतिनिधि पेड़, पौधा या वृक्ष होता है। जैसे गुरु का पेड़ पीपल है, सूर्य के तेजफल का वृक्ष, चंद्र का पोस्त का पौधा या दूध वाले वृक्ष, मंगल नेक के लिए नीम और मंगल बद के लिए ढाक, बुध के लिए केला या चौड़े पत्ते वाले वृक्ष, शुक्र के ...
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छठ पर्व पर सूर्य देव की पूजा का बहुत महत्व होता है, सूर्य को इस दिन शाम को और दूसरे दिन सुबह अर्घ्य दिया जाता है। सूर्य को अर्घ्य देने का ज्योतिष शास्त्र के अलावा लाल किताब में भी महत्व है। आओ जानते हैं कि इस दिन ज्योतिष के कौन से 5 उपाय कर सकते
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बुधवार की प्रकृति चर और सौम्य मानी गई है। ज्योतिष अनुसार यह भगवान गणेश और लाल किताब अनुसार दुर्गा माता का दिन है। कमजोर मस्तिष्क वालों को बुधवार के दिन उपवास रखना चाहिए, क्योंकि बुधवार का दिन बुद्धि प्राप्ति का दिन होता है।
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कहते हैं कि मंगल तो मंगलकर्ता है। मंगल अच्छा तो जीवन में सब मंगल ही मंगल होगा। मंगल का काम है मंगल करना। मंगल अशुभ होता है मांस खाने से। भाइयों से झगड़ने से और क्रोध करने से। मंगल का शासन आपके रक्त पर ‍अधिक होता है इसीलिए रक्त की खराबी भी मंगल के ...
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मंगलवार की प्रकृति उग्र है। मंगलवार का दिन हनुमानजी और मंगलदेव का है। लाल किताब के अनुसार मंगल नेक के देवता हनुमानजी और बद के देवता वेताल, भूत या जिन्न है। हर कार्य में मंगलकारी परिणाम प्राप्त करने के लिए मंगलवार का उपवास रखना चाहिए।
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मंगल दोष के कारण पति-प‍त्नी में सामंजस्य की कमी रहती है। एक-दूसरे से वैमनस्य रहता है। जीवनसाथी का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। आइए जानते हैं 7 सरलतम उपाय....
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मंगल का परिचय : मेष व वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल मकर में उच्च का और कर्क में नीच का माना गया है। सूर्य और बुध मिलकर मंगल नेक बन जाते हैं, सूर्य और शनि मिलकर मंगल बद बन जाते हैं। गुरु मित्र के साथ बलवान बन जाते हैं। राशि प्रथम भाव है और बुध और केतु ...
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लाल किताब में परंपरागत और स्थानीय संस्कृति के अनुभवों पर आधारित उपाय बताए गए हैं। इसमें एक और जहां वास्तुशास्त्र की बात की गई है तो दूसरी ओर सामुद्रिक विज्ञान को बताया गया है। आओ जानते हैं कि ऐसे कौन से 30 उपाय हैं जिन्हें करने से हर तरह के संकट दूर ...
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लाल किताब के अनुसार प्रत्येक ग्रह का एक मकान होता है। अर्थात एक ऐसा मकान होता है जिससे यह सिद्ध होता है कि उस मकान पर उक्त ग्रह का पूर्ण असर है। आओ जानते हैं कि शनि का मकान कैसा होता है।
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शनिवार की प्रकृति दारुण है। यह भगवान भैरव और शनि का दिन है। समस्त दुःखों एवं परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए शनिवार के दिन उपवास रखना चाहिए। शनि हमारे जीवन में अच्छे कर्म का पुरस्कार और बुरे कर्म के दंड देने वाले हैं। कहते हैं कि जिसका शनि अच्छा ...
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शनि ग्रह के लिए तीन तरह की अंगूठी होती है, पहला नीलम की अंगूठी, दूसरा लोहे की अंगूठी और तीसरा घोड़े के नाल की अंगूठी। लोहे के छल्ले या अंगुठी को शनि का छल्ला कहा जाता है। यहां लाल किताब के अनुसार लोहे की अंगूठी पहनने के 10 नियम जानिए।
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लाल किताब के ज्योतिष अनुसार अक्सर दही स्नान करने की सलाह दी जाती है। क्यों करते हैं दही स्नान और क्या है इसके 3 फायदे? आओ जानते हैं संक्षिप्त में।
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ज्योतिष के अनुसार शुक्र हमारे जीवन में स्त्री, वाहन और धन सुख को प्रभावित करता है। यह एक स्त्री ग्रह है। कहते हैं कि इसके शुभ प्रभाव के कारण जातक ऐश्वर्य को प्राप्त करता है। शुक्रवार की प्रकृति मृ‍दु है। यह दिन एक और जहां लक्ष्मी का दिन है वहीं ...
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लाल किताब में शुक्र ग्रह के देवी-देवताओं में लक्ष्मी माता को उसका अधिपति देव माना गया है। शुक्रवार देवी लक्ष्मी का वार है। आओ जानते हैं लाल किताब इस संबंध में क्या कहती है और क्या 7 उपाय करना चाहिए।
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लाल किताब के अनुसार बुधवार का दिन माता दुर्गा का दिन माना जाता है और इस ग्रह के दूषित होने से नौकरी, व्यापार, बुद्धि सहित शरीर के कई अंगों पर यह असर डालता है। आओ संक्षिप्त में जानते हैं कि लाल किताब इस संबंध में क्या कहती है।
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सोमवार की प्रकृति सम है। सोमवार का दिन शिवजी और चंद्रदेव का दिन है। सोमवार के दिन उन लोगों को उपवास रखना चाहिए जिनका स्वभाव ज्यादा उग्र है। इससे उनकी उग्रता में कमी होगी।
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जिस प्रकार वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का कारक के रूप में प्रयोग भावानुसार होता है परंतु लाल किताब में प्रत्येक भाव का कारक होता है। लाल किताब के अनुसार भाव के कारक, ग्रहों के पक्के घर कहलाते हैं। लाल किताब में राशि की जगह भाव की प्रधानता है इसलिए इन ...
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लाल किताब के अनुसार जीवन का नक्षा आपके हाथ में छपा हुआ है और उसके भाग्य उसकी मुट्ठी में बंद रहता है। बंद मुट्ठी एकदम से नहीं खुलती है परंतु हाथों के विकसित होने और जमाने की हवा लगने के बाद बंद मुठ्ठी खुलती जाती है, तो आजो जानते हैं कि इस खुली मुट्ठी ...
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24 जनवरी को शनि ने धनु से मकर राशि में गोचर किया था। फिर 11 मई को ही वे वक्री हुए और अब 29 सितंबर 2020 को वे पुन: मार्गी होंगे। ऐसे में लाल किताब के अनुसार इसे बचने के उपाय जानिए।
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