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अधिक मास में करें तुलसी का पूजन, पढ़ें 10 फायदे एवं उपाय

शुक्रवार,सितम्बर 25, 2020
Simple Remedies
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धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि साढ़ेसाती चल रही है। शनि ग्रह इस समय मकर राशि में वक्री हैं। यानि मकर राशि में शनि उल्टी चाल चल रहे हैं। शनि की साढ़े साती जीवन में परेशानी प्रदान करती है। आइए जानते हैं इसके उपाय।
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हिन्दू पंचांग अनुसार प्रत्येक माह में पांच ऐसे दिन आते हैं जिनका अलग ही महत्व होता है जिन्हें पंचक कहा जाता है। प्रत्येक माह का पंचक अलग अलग होता है तो किसी माह में शुभ कार्य नहीं किया जाता है तो किसी माह में किया जाता है। इस बार 28 सितंबर 2020 ...
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जल अर्थात् पानी का धन-दौलत से बहुत करीब का संबंध माना गया है। दोनों ही समान गुणधर्मी होते हैं। दोनों की प्रकृति है बहना। यदि कद्र न की जाए, सहेज कर न रखा जाए तो दोनों बह जाते हैं।
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कुछ ज्योतिषी मानते हैं कि जिस वार को आपका जन्म हुआ है उस वार अनुसार ही आपका स्वभाव तय होता है। पौराणिक ग्रंथों में कई तरह की ज्योतिष विद्याओं का जिक्र मिलता है।
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बुध ग्रह बुद्धि, विवेक, ज्ञान, कला, शिक्षा, लेखन और संचार को प्रभावित करते हैं। बुध गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर होगा।
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23 सितंबर 2020 से राहु-केतु ने राशि परिवर्तन कर लिया है। राहु वृषभ में व केतु वृश्चिक में आ गया है। इस परिवर्तन का प्रभाव 12 राशियों पर क्या होगा आइए जानते हैं...
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लोग नहाने के बाद बाथरूम गंदा ही छोड़ देते हैं या बिना वजह पानी की बर्बादी करते हैं। ये आदत ज्योतिष के नजरिए से दुर्भाग्य बढ़ाने वाली है। इसकी वजह से चंद्र और राहु-केतु के दोष बढ़ते हैं।
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13 सितंबर, रविवार को गुरु धनु राशि में मार्गी हो गया है और 20 नवंबर को मकर राशि में जाने तक मार्गी ही रहेगा।
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बुध ग्रह कन्या राशि से तुला राशि में प्रवेश कर गए हैं।बुध ग्रह बुद्धि, विवेक, ज्ञान, कला, शिक्षा, लेखन और संचार को प्रभावित करता है। बुध गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा।
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मंगल ग्रह 09 सितंबर की मध्यरात्रि बाद 03 बजकर 48 मिनट पर वक्री हो गए हैं। मंगल के वक्री होने का क्या हो रहा है असर आपकी राशि पर
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ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु को छाया ग्रह माना गया है, इसलिए कुछ विद्वान राहु-केतु के 'गोचर' को अधिक मान्यता नहीं देते हैं किंतु यवनाचार्य जैसे
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सितंबर महीना आधे से ज्यादा बीत चुका है। इस माह ग्रहों में खासे परिवर्तन देखे जा रहे हैं। गुरु, सूर्य, राहु, केतु, शुक्र, बुध, मंगल की स्थितियों में बदलाव देखा जा रहा है। कुछ ग्रह राशि बदल चुके हैं कुछ बदलने वाले हैं, आइए डालते हैं एक नजर...
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सूर्य के उत्तरी गोलार्ध पर विषवत रेखा पर होने के कारण ही 23 सितंबर को दिन व रात बराबर होते है। खगोलीय घटना के बाद दक्षिण गोलार्ध
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ज्योतिष में राहु काल को अशुभ माना जाता है। अत: इस काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते है। भारतीय ज्योतिष में नौ ग्रह गिने जाते हैं,
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कमजोर मस्तिष्क वालों को बुधवार के दिन उपवास रखना चाहिए, क्योंकि बुधवार का दिन बुद्धि प्राप्ति का दिन होता है।
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अगर आप भी जीवन में अथाह धन पाकर अमीर बनना चाहते हैं तो आपके लिए हम लेकर आए हैं अदभुत उपाय। बेशुमार दौल‍त के मालिक बनना चाहते हैं तो ये 10 नमस्कार मंत्र कर सकते हैं आपकी यह इच्छा पूरी। इन मंत्रों का अगर नियम से जाप करेंगे, तो धन के रास्ते खुलने ...
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शारदीय नवरात्र की शुरुआत पितृपक्ष की समाप्ति के बाद हो जाती है। मगर इस बार 165 साल बाद अद्भुत योग बना है। पितृ पक्ष की समाप्ति के बाद शारदीय नवरात्र शुरू नहीं होंगे, बल्कि एक महीने के बाद नवरात्रों की शुरुआत होगी।
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परंपराएं निरर्थक या अनावश्यक नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे धार्मिक के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी छिपे होते हैं। जानिए ऐसी ही कुछ परंपराओं और उनके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को -
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संकेतों के अंतर्गत तिल विचार, अंग फड़कना और आसपास की प्रकृति और वातावरण को समझना आदि आते हैं। ज्योतिष के एक ग्रन्थ समुद्रिक शास्त्र में शरीर के अंगों के फड़कने के अर्थों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है।
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