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महफिल में छा जाने वाले होते हैं March माह में जन्मे जातक

शनिवार,फ़रवरी 29, 2020
Person Born on March
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होलाष्टक का आशय है होली के पूर्व के आठ दिन हैं, जिसे होलाष्टक कहते हैं। धर्मशास्त्रों में वर्णित 16 संस्कार जैसे- गर्भाधान, विवाह, पुंसवन (गर्भाधान के तीसरे माह किया जाने वाला संस्कार), नामकरण, चूड़ाकरण, विद्यारंभ, गृह प्रवेश, गृह निर्माण, गृह ...
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आइए जानते हैं, वर्ष 2020 में कब मनाई जाएगी होली और किस दिन होगा होलिका दहन और क्या हैं शुभ मुहूर्त
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इस वर्ष 9 मार्च 2020, सोमवार को होलिका दहन किया जाएगा तथा 10 मार्च 2020, मंगलवार को रंगबिरंगा त्योहार होली हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। आइ ए जानते हैं 9 मार्च 2020 को कब दहन करें होली....
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होलाष्टक 2 मार्च से प्रारंभ हो रहा है। प्राचीन मान्यता अनुसार इस अवधि में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है। इन 13 कार्यों को कर आप समस्त दोषों से बच सकते हैं।
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व्यक्ति ने किस पक्ष की किस तिथि के किस प्रहर के किस मुहूर्त और नक्षत्र में जन्म लिया इससे उसका भविष्य निर्धारित होता। सिर्फ प्रहर नहीं सभी को देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। जातक ने किस प्रहर में जन्म लिया है इस संबंध में सामान्य जानकारी।
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होली ऐसा पर्व है जो पूरे भारत में लगभग एक स्‍वरूप में मनाया जाता है। हां, थोड़ा बहुत रूप और मनाने के रीति और रिवाजों में जरूर बदलाव हैं। रंगों की होली खेलने से पूर्व होलिका पूजन की परंपरा प्रचलित है। होलिका पूजन में इन 10 प्रमुख बातों का ध्यान रखना ...
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होलाष्टक होली से पहले के 8 दिनों को कहा जाता है। इस वर्ष होलाष्टक 02 मार्च से प्रारंभ हो रहा है, जो 09 मार्च यानी होलिका दहन तक रहेगा। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर पूर्णिमा ​तिथि तक होलाष्टक माना जाता है। 09 मार्च को होलिका दहन के ...
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केले का पेड़ काफी पवित्र माना जाता है और कई धार्मिक कार्यों में इसका प्रयोग किया जाता है। भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को केले का भोग लगाया जाता है। केले के पत्तों में प्रसाद बांटा जाता है। आओ जानते हैं केले की पूजा के 5 चमत्कारिक लाभ।
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व्यक्ति ने किस पक्ष की किस तिथि के किस प्रहर के किस मुहूर्त और नक्षत्र में जन्म लिया इससे उसका भविष्य निर्धारित होता। सिर्फ प्रहर नहीं सभी को देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। जातक ने किस प्रहर में जन्म लिया है इस संबंध में सामान्य जानकारी।
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शास्त्रों में फाल्गुन शुक्ल पक्ष का महत्व विशेष प्रकार की उपासना पूजा के लिए जाना जाता है। फाल्गुल शुक्ल की चतुर्थी को गणेश जी की प्रतिष्ठित प्रतिमा को विधिवत पूजन
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होली का रंगीला पर्व बस आने ही वाला है। होली के इस पावन अवसर पर राशि के अनुसार रंगों का प्रयोग आपके जीवन में अधिक से अधिक
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व्यक्ति ने किस पक्ष की किस तिथि के किस प्रहर के किस मुहूर्त और नक्षत्र में जन्म लिया इससे उसका भविष्य निर्धारित होता। सिर्फ प्रहर नहीं सभी को देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। जातक ने किस प्रहर में जन्म लिया है इस संबंध में सामान्य जानकारी।
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हिन्दू धर्म के मुताबिक यह पर्व 2 दिन मनाया जाता है। जिसमें पहले दिन होलिकादहन किया जाता है और दूसरे दिन रंग वाली होली/धुलेंडी खेली जाती है।
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व्यक्ति ने किस पक्ष की किस तिथि के किस प्रहर के किस मुहूर्त और नक्षत्र में जन्म लिया इससे उसका भविष्य निर्धारित होता। सिर्फ प्रहर नहीं सभी को देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। जातक ने किस प्रहर में जन्म लिया है इस संबंध में सामान्य जानकारी।
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फुलैरा दूज से गुलरियां बनाकर सुखाई जाती है, मध्यप्रदेश निमाड़ अंचल में इस बड़बुले कहते हैं। जिनमें गोबर से कई प्रकार की आकृतियां बनाकर माला बनाई जाती है। दो दीयों को मिलाकर उसमें कंकड़ डाल कर नारियल बनाया जाता है। उसी तरह पान, बरफी, मठरी, लड्डू सब ...
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व्यक्ति ने किस पक्ष की किस तिथि के किस प्रहर के किस मुहूर्त और नक्षत्र में जन्म लिया इससे उसका भविष्य निर्धारित होता। सिर्फ प्रहर नहीं सभी को देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। जातक ने किस प्रहर में जन्म लिया है इस संबंध में सामान्य जानकारी।
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फुलेरा दूज एक शुभ पर्व है, जिसे उत्तर भारत के लगभग सभी क्षेत्रों में बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है।यह त्योहार भगवान कृष्ण को समर्पित है।
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होली का रंगबिरंगा सजीला पर्व इस साल 9 और 10 मार्च 2020 को है। आइए जानते हैं रंगों से जुड़ी खास रोचक बातें...रंगों की पसंद से जान सकते हैं अपनी गर्लफ्रेंड को...
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इस बार फाल्गुन कृष्ण अमावस्या 23 फरवरी 2020, रविवार को मनाई जा रही है। इस दिन का भारतीय जनजीवन में अत्यधिक महत्व हैं।
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