0

दीपावली पर ऐसे हुआ था अयोध्या में श्रीराम का भव्य स्वागत

मंगलवार,अक्टूबर 15, 2019
0
1
जहां भी धर्म और ज्ञान की संवादात्मक बातें होती है उसे हम गीता कह सकते हैं। जैसे महाभारत में धृतराष्ट्र और विदुर का संवाद, अर्जुन और कृष्ण का संवाद, भीष्म और युधिष्ठिर का संवाद, यक्ष और युधिष्ठिर का संवाद आदि। इसी तरह रामायण में भी मुख्यत: 11 ऐसे ...
1
2
ऐसा कहा जाता है कि जहां पर भी रामायण का पाठ हो रहा होता है वहां पर हनुमानजी अदृश्य रूप में उपस्थित हो जाते हैं। प्राचीनकाल से ही यह धारणा चली आ रही है। मान लो कि इस वक्त एक ही समय में कई जगह रामायण पाठ हो रहा है तो क्या हनुमानजी सभी जगह एक साथ ...
2
3
सचमुच यह बहुत अजीब सवाल हो सकता है, क्योंकि राम की नीति और कृष्ण की नीति में बहुत अंतर है। श्रीकृष्ण अपने लक्ष्य को साम, दाम, दंड और भेद सभी तरह से हासिल करने का प्रयास करते हैं लेकिन राम तो मर्यादा पुरुषोत्तम राम है। उन्होंने कभी भी अनीति का सहारा ...
3
4
एक कथा के अनुसार माना जाता है कि रणक्षेत्र में वानर सेना तथा राम-लक्ष्मण में भय और निराशा फैलाने के लिए रावण के पुत्र मेघनाद ने अपनी शक्ति से एक मायावी सीता की रचना की, जो सीता की भांति ही नजर आ रही थीं। मेघनाद ने उस मायावी सीता को अपने रथ के सामने ...
4
4
5
राम के दो जुड़वा पुत्र लव और कुश थे। दोनों का ही वंश आगे चला। वर्तमान में दोनों के ही वंश के लोग बहुतायत में पाए जाते हैं। आओ जानते हैं कि कौन है लव और कुश के कुल के लोग जो भारत में आज भी निवास करते हैं।
5
6
लव और कुश राम तथा सीता के जुड़वां बेटे थे। कहते हैं कि जब राम ने वानप्रस्थ लेने का निश्चय कर भरत का राज्याभिषेक करना चाहा तो भरत नहीं माने। अत: दक्षिण कोसल प्रदेश (छत्तीसगढ़) में कुश और उत्तर कोसल में लव का अभिषेक किया गया। हालांकि यह अभी भी शोध का ...
6
7
राम की सेना में सुग्रीव के साथ वानर राज बालि और अप्सरा तारा का पुत्र अंगद भी था। राम और रावण युद्ध के पूर्व भगवान श्रीराम ने अंगद को अपना दूत बनाकर लंका भेजा था। लेकिन सवाल यह उठता है कि हनुमानजी के रहते हुए अंगद को क्यों श्रीराम ने दूत बनाकर भेजा?
7
8
रावण महापंडित था। वेद, ज्योतिष, तंत्र और योग का ज्ञाता था। वह युद्ध और मायावी कला में भी पारंगत था। रावण में कई बुराइयां थी तो अच्छाइयां भी थी। हालांकि रावण से बहुत कुछ सीखा भी जा सकता है। कम से कम 10 बातें तो सीखी ही जा सकती है।
8
9
सुग्रीव का भाई, अंगद का पिता, अप्सरा तारा का पति और वानरश्रेष्ठ ऋक्ष का पुत्र बाली बहुत ही शक्तिशाली था। देवराज इंद्र का धर्मपुत्र और किष्किंधा का राजा बाली जिससे भी लड़ता था लड़ने वाला कितना ही शक्तिशाली हो उसकी आधी शक्ति बाली में समा जाती थी और ...
9
10
अश्विन पूर्णिमा के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने अयोध्या से सटे फैजाबाद शहर के सरयू किनारे जल समाधि लेकर महाप्रयाण किया। श्रीराम ने सभी की उपस्थिति में ब्रह्म मुहूर्त में सरयू नदी की ओर प्रयाण किया। जब श्रीराम जल समाधि ले रहे थे तब उनके परिवार के ...
10
11
लोग यह भ्रम फैलाते हैं कि श्रीराम एक क्षत्रिय होने के नाते मांस का सेवन करते थे। इसीलिए तो माता सीता ने उन्हें हिरण मारकर लाने के लिए कहा था। यदि वे मांसाहारी नहीं थे तो क्यों माता सीता ने हिरण की मांग की थी? कुछ लोग यह भी कहते हैं कि माता सीता ने ...
11
12
पौराणिक काल में ऐसी कई महिलाएं हुई हैं जिन्हें हम आदर्श और उत्तम चरित्र की महिलाएं मानते हैं। लेकिन उनमें से सर्वोत्तम हैं माता सीता। जैसे श्रीराम को पुरुषों में उत्तम पुरुषोत्तम कहा गया है, उसी तरह माता सीता भी महिलाओं में सबसे उत्तम हैं। इसके कई ...
12
13
भगवान राम की नगरी अयोध्या हजारों महापुरुषों की कर्मभूमि रही है। यह पवित्र भूमि हिन्दुओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। यहां पर भगवान राम का जन्म हुआ था। यह राम जन्मभूमि है। आओ जानते हैं इसकी ऐतिहासिकता और इतिहास के 10 तथ्‍य।
13
14
आपको यह सुनकर संभवत: विश्वास न हो लेकिन इस पर विचार किए जाने में कोई बुराई नहीं है। दरअसल, भारत के लोगों ने दूसरों के कहने पर अपने इतिहास को मिथक ही मान लिया है। उस पर कभी वृहत्तर रूप में शोध नहीं किया। प्राचीन इतिहास के प्रमाण कभी नहीं ढूंढ गए। ...
14
15
श्रीरामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदासजी ने मुख्य रूप से श्रीराम के पैर के 5 ही चिह्न का वर्णन किया है- ध्वज, वज्र, अंकुश, कमल और ऊर्ध्व रेखा। किंतु अन्य पवित्र ग्रंथों को मिलाकर देखा जाए तो 48 पवित्र चिह्न मिलते हैं। दक्षिण पैर में 24 और वाम पैर में ...
15
16
'राम' यह शब्द दिखने में जितना सुंदर है उससे कहीं महत्वपूर्ण है इसका उच्चारण। राम कहने मात्र से शरीर और मन में अलग ही तरह की प्रतिक्रिया होती है जो हमें आत्मिक शांति देती है। हिन्दू धर्म के चार आधार स्तंभों में से एक है प्रभु श्रीराम। भगवान श्री राम ...
16
17
प्रभु श्रीराम जब सीता माता की खोज करते हुए कर्नाटक के हम्पी जिला बेल्लारी स्थित ऋष्यमूक पर्वत पर्वत पहुंचे तो वहां उनकी भेंट हनुमानजी और सुग्रीवजी से हुई। उस काल में इस क्षेत्र को किष्‍किंधा कहा जाता था। यहीं पर हनुमानजी के गुरु मतंग ऋषि का आश्रम
17
18
1.रामायण काल के राज्य किष्किंधा में सूर्यपुत्र बाली का राज था। उसका एक भाई था जिसका नाम सुग्रीव था। सुग्रीव इंद्रदेव का पुत्र था। अर्थात बाली और सुग्रीव की माता एक ही थी, लेकिन पिता अलग-अलग थे। सुग्रीव की पत्नी का नाम रूमा था तो बाली की पत्नी वानर ...
18
19
आपको यह जानकार आश्‍चय होगा कि रामायण काल में जो लोग हुए हैं उनमें से कुछ महाभारत काल के कुछ लोगों के भाई या संबंधी थे। जानिए इस सबसे बड़े रहस्य को।
19