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श्रीकृष्ण के 108 नाम : सौभाग्य, ऐश्वर्य, यश, कीर्ति, पराक्रम मिलेगा, अवश्य करें जाप

गुरुवार,अगस्त 18, 2022
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श्रीकृष्ण के जीवन में 8 अंक का बहुत महत्व था। वे श्री विष्णु के 8वें अवतार के रूप में 8वें मनु वैवस्वत के मन्वंतर के 28वें द्वापर में भाद्रपद के कृष्ण पक्ष अष्टमी को 8वें मुहूर्त में जन्में थे। वे 8 वक्त भोजन करते थे। इसीलिए जन्माष्टमी के दिन उनकी ...
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भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म, दर्शन, राजनीति, युद्ध, कर्म, जीवन, सत्य, न्याय, देश, परिवार और समाज आदि कई विषयों पर अपने विचार को महाभारत और इससे इतर प्रस्तुत किया है। श्रीकृष्ण पूर्णावतार थे और उन्होंने जो कहा वह आज भी प्रासंगिक है। उनकी नीतियां आज के ...
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भाद्रापद अर्थात भादो मास के कृष्‍ण पक्ष की अष्टमी को श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। अष्टमी तिथि 18 अगस्त की रात को 9:20 पर प्रारंभ होकर 19 अगस्त की रात को 10:59 बजे समाप्त होगी। तिथि के 18 अगस्त की रात्रि में प्रारंभ होने के चलते कई मंदिरों में 18 अगस्त ...
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Balarama Jayanti 2022: भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलरामजी की आज जयंती है। भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को उनका जन्मोत्सव मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 17 अगस्त को उनका जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। कहते हैं कि बलरामजी को छोटी छोटी ...
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पौंड्रक चुनार देश का प्राचीन नाम करुपदेश था। वहां के राजा का नाम पौंड्रक था। कुछ मानते हैं कि पुंड्र देश का राजा होने से इसे पौंड्रक कहते थे। कुछ मानते हैं कि वह काशी नरेश ही था। चेदि देश में यह 'पुरुषोत्तम' नाम से सुविख्यात था। इसके पिता का नाम ...
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भाद्रपद माह के कृष्‍ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के राजा कंस के कारागार में हुआ था। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 18 अगस्त 2022 गुरुवार को उनका 5250वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। आओ जानते हैं उनके जन्म के समय घटी 10 ऐसी ...
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Benefits of worshiping laddu gopal: कृष्‍ण जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्‍ण के बाल रूप की पूजा होती है। बाल रूप को कन्हा, कन्हैया, बालकृष्ण, बालमुकुंद, गोपाल कृष्ण, लड्डू गोपाल आदि नामों से जाना जाता है। लड्डू गोपाल के एक हाथ में लड्डू रहता है इसलिए ...
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भाद्रपद के कृष्‍ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 18 अगस्त 2022 रात्रि 9 बजकर 20 मिनट से अष्टमी प्रारंभ होगी जो 19 अगस्त को रात्रि 10:59 तक रहेगी। श्रीकृष्‍ण का जन्म रात्रि को 12 बजे हुआ हुआ तो इस मास ...
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Krishna Janmashtami bhoga: भादो माह के कृष्‍ण पक्ष की अष्टमी के दिन श्रीकृष्ण जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है, जिसे जन्माष्टमी कहते हैं। इस बार 5250वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन कृष्‍ण मंदिरों में उनके प्रिय भोजन और प्रसाद का उन्हें नैवेद्य ...
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बलराम का बलदाऊ और बलभद्र भी कहा जाता है, लेकिन उनका एक नाम संकर्षण भी है। आओ जानते हैं कि आखिर उनका श्रीकृष्‍ण के साथ क्या था रिश्ता और क्यों कहते हैं उन्हें संकर्षण।
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Story of Krishna Janmashtami : कहते हैं कि मथुरा में श्रीकृष्‍ण जन्मभूमि पर एक विशालकाय मंदिर बना था। इस भव्य मंदिर को कई बार तोड़ा गया और अंत में यहां पर एक ईदागाह बना दी गई। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में हुआ था। आओ जानते हैं मथुरा ...
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14 दिसंबर से गीता जयंती पाक्षिक समारोह प्रारंभ हो चुका है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को गीता जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस एकादशी को मोक्षदा एकादशी भी कहते हैं। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्ध में कुंती पुत्र अर्जुन को ...
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भगवान श्री कृष्‍ण को सांवलिया या सांवरिया सेठ भी कहा जाता है। राजस्थान में सांवलिया सेठ का विश्व प्रसिद्ध मंदिर है जहां प्रतिदिन हजारों लोग दर्शन करने आते हैं। आओ जानते हैं कि क्या है सांवलिया सेठ कहे जाने का इतिहास या पौराणिक कथा।
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भगवान श्रीकृष्ण को मोर मुकुट धारी कहा जाता है क्योंकि वे अपने मुकुट पर मोर पंख धारण करते थे। मोरपंख धारण करने के पांच कारण बताए जाते हैं, लेकिन हमें तो मात्र एक कारण ही समझ में आता है। आओ जानते हैं मोर पंख धारण करने की कथा।
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भगवान श्रीकृष्ण का रूप अनोखा है। करुपदेश का राजा पौंड्रक भी श्रीकृष्ण जैसे ही रूप रखकर खुद को वह विष्णु का अवतार मानता था। आओ जानते हैं श्रीकृष्ण के शुभ प्रतीकों के बारे में।
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भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तनी एकादशी कहते हैं। इसके अलावा इसे जलझूलनी यानी डोल ग्यारस भी कहते हैं। इसके अलावा इसे वामन और पद्मा एकादशी भी कहते हैं। इस बार यह एकादशी 17 सितंबर 2021 शुक्रवार को रहेगी। डोल ग्यारस के दिन आजमाएं 5 खास ...
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भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तनी एकादशी कहते हैं। इसके अलावा इसे जलझूलनी यानी डोल ग्यारस भी कहते हैं। इसके अलावा इसे वामन और पद्मा एकादशी भी कहते हैं। इस बार यह एकादशी 17 सितंबर 2021 शुक्रवार को रहेगी। आओ जानते हैं श्रीकृष्‍ण के जलवा ...
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राधा और श्रीकृष्‍ण का प्रेम अमर है। राधा ने श्रीकृष्‍ण से और श्रीकृष्ण ने राधा से नि:स्वार्थ और आत्मिक प्रेम किया था। इसी प्रेम का कारण आज श्रीकृष्ण के नाम के आगे राधा लगता है...राधे कृष्ण। कोई रुक्मिणी कृष्ण क्यों नहीं कहता जबकि रुक्मिणी भी तो राधा ...
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पुराणों के अनुसार अष्टमी तिथि को कृष्ण पक्ष में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था और इसी तिथि को शुक्ल पक्ष में देवी राधा का जन्म भी हुआ था। बरसाने में राधाष्टमी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। राधाष्टमी का पर्व जन्माष्टमी के 15 दिन बाद भद्रपद माह ...
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