Sheetala mata basoda tradition
: मार्च 2026 में शीतला सप्तमी (10 मार्च) और शीतला अष्टमी (11 मार्च) का पर्व मनाया जाएगा। इसे 'बसौड़ा' भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में शीतला माता को स्वच्छता और आरोग्य की देवी माना गया है, जो चेचक और खसरा जैसी बीमारियों से रक्षा करती हैं। कुछ क्षेत्रों में सप्तमी को ही मुख्य पूजा की जाती है (जिसे शीतला सप्तमी कहते हैं), जबकि राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अष्टमी का विशेष महत्व है। आप अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार दिन का चयन कर सकते हैं।
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10 मार्च 2026: शीतला सप्तमी (खाना पकाने का दिन)
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10 मार्च 2026 के विशेष मुहूर्त
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11 मार्च 2026: शीतला अष्टमी (मुख्य पूजन दिवस)
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शीतला पूजन के नियम और सावधानियां
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11 मार्च 2026 के विशेष मुहूर्त
यहां जानें इन दोनों दिनों का महत्व और आपको कब क्या करना चाहिए:
10 मार्च 2026: शीतला सप्तमी (खाना पकाने का दिन)
ज्यादातर घरों में सप्तमी के दिन भोजन बनाया जाता है और अष्टमी को उसे माता को अर्पित कर ग्रहण किया जाता है।
क्या करें: इस दिन शाम को स्वच्छ होकर बासी भोजन (बसौड़ा) तैयार किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से दही-चावल, मीठा भात, खाजा, चूरमा, राबड़ी और पूड़ियां बनाई जाती हैं।
माता शीतला को ठंडा भोजन प्रिय है, इसलिए सप्तमी की रात को ही सारा भोजन बनाकर रख दिया जाता है।
घर की साफ-सफाई करें और पूजन की सामग्री (हल्दी, कुमकुम, जल का कलश) तैयार रखें।
10 मार्च 2026 के विशेष मुहूर्त
शीतला सप्तमी पूजा मुहूर्त- 06:37 ए एम से 06:26 पी एम
अवधि- 11 घण्टे 50 मिनट्स
11 मार्च 2026: शीतला अष्टमी (मुख्य पूजन दिवस)
अष्टमी के दिन माता शीतला की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है।
क्या करें:
चूल्हा न जलाएं: इस दिन घर में ताजा भोजन नहीं बनाया जाता और न ही चूल्हा जलाया जाता है। पूरा परिवार सप्तमी को बना हुआ ठंडा भोजन ही ग्रहण करता है।
पूजा विधि: सुबह जल्दी ठंडे पानी से स्नान करें। माता शीतला के मंदिर जाकर या घर के बाहर होलिका दहन वाली जगह पर पूजा करें। माता को बासी भोजन (भोग), दही, और शीतल जल अर्पित करें।
नीम की पूजा: माता शीतला का वास नीम के पेड़ में माना जाता है, इसलिए नीम की पूजा करना भी शुभ होता है।
शीतला पूजन के नियम और सावधानियां
ताजा भोजन वर्जित: अष्टमी के दिन गर्म खाना खाना या बनाना पूरी तरह वर्जित होता है।
स्वच्छता का ध्यान: घर में कूड़ा-करकट न रखें, क्योंकि माता स्वच्छता प्रिय हैं।
गर्म जल का त्याग: इस दिन गर्म पानी से स्नान नहीं करना चाहिए।
दान का महत्व: पूजा के बाद बासी भोजन और जल का दान करना बहुत फलदायी माना जाता है।
11 मार्च 2026 के विशेष मुहूर्त
शीतला अष्टमी पूजा मुहूर्त- 06:36 ए एम से 06:27 पी एम
कुल अवधि- 11 घण्टे 51 मिनट्स।
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