
13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने फैसलों से जहां प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त किया है, वहीं जनता के दिलों में अपनी अलग जगह बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने कुशल नेतृत्व में प्रदेश के विकास और जनता के हित में भाजपा के 456 संकल्पों में एक साल के भीतर ही 45 संकल्प पूरे कर लिए है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कहते हैं कि वह जनता से किए गए एक-एक संकल्प को पूरा करेंगे।
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान में मध्यप्रदेश की सक्रिय भागीदारी
इंदौर में एक दिन में वृहद पौधारोपण का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड। एक दिन में रोपे गए 12 लाख पौधे।
जल गंगा संवर्धन अभियान (5 जून से 30 जून)
प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए 5 जून से 30 जून तक जल-गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया।
अभियान के अंतर्गत जलाशयों की सफाई के साथ-साथ पौधरोपण का कार्य भी किया गया। जल स्त्रोतों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी साझा रूप से शासन, प्रशासन और जनता ने ली।
विकसित भारत संकल्प-यात्रा (16 दिसंबर -23 से 26 जनवरी – 2024 )
विकसित भारत संकल्प यात्रा में शामिल हुए प्रदेश के 2 करोड़ से अधिक लोग। 54 लाख से अधिक लोगों को मिला योजनाओं का लाभ।
स्वच्छता ही सेवा-2024 स्वच्छता ही सेवा (17 सितम्बर – 02 अक्तूबर – 2024)
स्वभाव स्वच्छता - संस्कार स्वच्छता थीम पर पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन किया जा रहा है।
सफाई मित्रों और स्वच्छता चैंपियन्स को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया जा रहा है।
श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर मध्यप्रदेश में मनी दीपावली
अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए मध्यप्रदेश कैबिनेट की तरफ से आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को भेजे गए धन्यवाद पत्र।
भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन से 5 लाख लड्डू प्रसाद के रूप में अयोध्या भेजे गए।
सभी जिलों में प्रभात फेरियाँ, कलश यात्राएँ निकाली गईं, विशेष स्वच्छता अभियान चलाए गए। मंदिरों, पवित्र नदियों और जलाशयों में दीपदान किए गए। शासकीय भवनों को रोशनी से जग-मग किया गया।
श्रीराम कथा सप्ताह में गायन, कथा वाचन, श्रीरामचरित मानस पाठ आधारित प्रतियोगिताओं, भजन संध्याओं, नृत्य नाटिकाओं एवं परिचर्चाओं का आयोजन किया गया।
मध्यप्रदेश की धरती से होकर श्रीराम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह में अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं का जगह-जगह स्वागत-सत्कार किया गया।
प्रदेश के 28 पवित्र स्थानों पर श्रीरामचरित लीला समारोह आयोजित किए गए।
ओरछा एवं चित्रकूट में भगवान श्रीराम पर केंद्रित विशेष आयोजन किए गए।
मकर संक्रांति उत्सव (दिनांक 10 से 15 जनवरी-2024)
माँ तुझे प्रणाम’ योजना के अंतर्गत 150 युवतियों के दल को स्टेच्यु ऑफ यूनिटी, एकता नगरी, केवड़िया, गुजरात के भ्रमण पर भेजा गया।
स्वामी विवेकानन्द की जन्म-जयंती के अवसर पर अर्जुन पुरस्कार विजेता और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। महिलाओं और युवाओं पर केन्द्रित रोज़गार मेलों का भी आयोजन किया गया।
वर्ष 2024-25 में 3 लाख 65 हजार करोड़ रुपए से अधिक का बजट प्रस्तुत। 16% की बढ़ोतरी।
अगले 5 साल में बजट को दोगुना करने का लक्ष्य। अगले पांच वर्षों में प्रदेश का बजट 7 लाख करोड़ रुपये वार्षिक तक ले जाने का प्रयास है।
इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों को 224 करोड़ की राशि का सरकार ने किया भुगतान।
स्वामित्व योजना के माध्यम से 36 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 24 लाख लोगों को स्वामित्व अधिकार पत्र वितरित।
मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के लिए बजट में 600 करोड़ रुपए का प्रावधान। योजना प्रारंभ से अब तक 6 लाख 16 हजार से अधिक प्रकरणों में 5 हजार 626 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि का अंतरण।
मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना 2.0' के अंतर्गत 1 करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीयन। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 30 हजार 500 से अधिक श्रमिक परिवारों को 670 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह सहायता राशि का अंतरण।
मजदूरों की दिव्यांगता और मृत्यु के आधार पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 4 लाख रुपये की।
श्रमिकों को ई-स्कूटर खरीदने के लिए 40 हजार की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के माध्यम से प्रतिमाह 55 लाख से अधिक हितग्राहियों को पिछले 10 महीनों में 3 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक रुपये से अधिक पेंशन राशि का अंतरण किया गया है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों का संग्रहण पाराश्रमिक 3000 रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़कर 4000 हजार रुपये हुआ।
30 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के तेदूपत्ता संग्रहण के लाभांश 115 करोड़ रुपए की बोनस राशि का वितरण।
जनजातीय वर्ग के समग्र विकास और कल्याण के लिए 40 हजार 804 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान। पिछले बजट की तुलना में 23.4% की बढ़ोतरी।
पीएम जन-मन योजना अंतर्गत प्रदेश में बहुउद्देश्यीय केन्द्र, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़क, समग्र शिक्षा एवं विद्युतीकरण कार्यों के लिए 1,607 करोड़ रुपए का प्रावधान।
पीएम जन-मन योजना अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल जिलों में 7 हजार 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हो रहे अधोसंरचना के कार्य। कुल 11 लाख से अधिक भाई-बहनों को मिलेगा लाभ।
पीएम जन-मन मिशन में प्रदेश के बैगा, भारिया और सहरिया परिवारों के अविद्युतीकृत घरों तक बिजली पहुँचाने की कार्ययोजना स्वीकृत। 1 लाख प्रति परिवार से अधिक की लागत आने पर बसाहटों में एक किलोवाट क्षमता के ऑफ ग्रिड प्रणाली (सोलर+बैटरी) से विद्युतीकरण किया जाएगा।
पीएम जन-मन योजना अंतर्गत इस वर्ष 22 नवीन छात्रावास होंगे प्रारंभ एवं 217 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आदि –आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत प्रदेश के 7 हजार 300 से अधिक जनजातीय बहुल ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं का निर्माण और कौशल विकास के हो रहे काम।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में आहार अनुदान योजना अंतर्गत 450 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित।
आहार अनुदान योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों की 2 लाख 18 हजार से अधिक बहनों के खातों में जनवरी 2024 से लेकर अक्टूबर 2024 तक 325 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है।
जनजातीय वर्गों के विद्यार्थियों को जे.ई.ई, क्लैट एवं नीट जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अच्छी कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आकांक्षा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10 करोड़ 42 लाख रुपए का प्रावधान।
जनजातीय वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को वर्ष 2023-24 में प्री एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति अंतर्गत 505 करोड़ 66 लाख रुपए की राशि वितरित की गई। वर्ष 2024-25 में 728 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति का भुगतान अनुमानित।
छात्रावासों के विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण एवं मार्गदर्शन हेतु 24x7 मित्र हेल्पलाइन प्रारंभ की गई।
छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिये कम्प्यूटर की शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तु वर्ग के बालकों को मिलने वाली स्कॉलरशिप 1230 रुपए से बढ़ाकर 1550 रुपए की गई। बालिकाओं को मिलने वाली स्कॉलरशिप 1,270 रुपए से बढ़ाकर 1,590 रुपए प्रतिमाह की गई।
जबलपुर एयरपोर्ट और मदन महल फ्लायओवर वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम से जाना जाएगा।
विशेष पिछड़ी जनजातीय के युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती कराने के लिये प्रशिक्षण हेतु बैगा, भारिया एवं सहरिया बटालियन गठित की जायेगी।
विशेष सशस्त्र पुलिस बल (SAF) की 35वीं बटालियन, मण्डला का नामकरण वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर किया जाएगा।
पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 8 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाएगा।
छिंदवाड़ा में श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकापर्ण किया गया।
वर्ष 2024-25 हेतु अनुसूचित जाति उपयोजना अंतर्गत 27,900 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित।
अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति, गणवेश, छात्रावास सुविधा आदि के लिए वर्ष 2024-25 में ₹1,427 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित।
वर्ष 2024-25 बजट में सड़क व पुल के निर्माण एवं संधारण के लिए लगभग 10 हजार करोड़ का प्रावधान।
ग्वालियर-बेंगलुरू , ग्वालियर-अहमदाबाद और ग्वालियर-दिल्ली-अयोध्या विमान सेवा का शुभारंभ।
यातायात की सुगमता के लिए भोपाल में बीआरटीएस कॉरिडोर हटाया गया।
350 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि-पूजन हुआ। इसके अलावा भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर एवं सतना में भी बन रहे हैं एलिवेटेड कॉरिडोर।
10 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 724 किमी लम्बी 24 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास।
भारत सरकार द्वारा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 3 हजार 500 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत।
माननीय प्रधानमंत्री के कर कमलों से 2 अलग-अलग कार्यक्रमों में 24 हजार 500 (17000+7500) करोड़ रुपये की अधोसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
प्रधानमंत्री द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजनांतर्गत मध्यप्रदेश के 33 स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास एवं 133 रेल ओवर ब्रिज एवं अंडरपास का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया।
मध्य प्रदेश को 364 विभिन्न रेल परियोजनाओं की सौगात। प्रदेश की चौथी सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस (खजराहो से हजरत निजामुद्दीन) ट्रेन मिली।
भोपाल में वंदे भारत ट्रेनों के रख-रखाव और सुविधाओं के विकास हेतु लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से नए कोचिंग कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास।
निशातपुरा-संत हिरदाराम नगर रेल खण्ड का लोकार्पण।
भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन एवं सागर में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 550 से अधिक शहरी ई बसों का संचालन करने का निर्णय।
जबलपुर में 485 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के लिये नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति।
उज्जैन-जावरा के मध्य 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे निर्माण के लिए 5 हजार 17 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति। इस मार्ग के निर्माण से उज्जैन, इंदौर एवं आस-पास के क्षेत्र मुम्बई-दिल्ली 8 लेन इण्डस्ट्रीयल कारीडोर (एक्सप्रेस-वे) से जुड़ जाएंगे।
1540 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भोपाल मेट्रो के नए 8 स्टेशनों का भूमिपूजन और नगरीय निकायों को विकास कार्यों के लिए 1 हजार करोड़ रुपये की राशि का अंतरण किया गया ।
ग्वालियर में देश में सबसे कम समय में बनकर तैयार हुए, मध्यप्रदेश के सबसे बड़े राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयरपोर्ट का उद्घाटन।
इंदौर-उज्जैन के मध्य शुरू होगा मेट्रो ट्रेन संचालन।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अब तक 8, 565 ग्रामों को 19,378 किलोमीटर लंबाई की 8,410 सड़कों से बारहमासी मार्ग से जोड़ा गया। (बजट के अनुसार)
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में वित्तीय वर्ष (2024-2025) में 1 हजार कि.मी. की सड़कों के निर्माण एवं लगभग 2 हजार कि.मी. सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य। (बजट के अनुसार)
रीवा एयरपोर्ट को डीजीसीए का लाइसेंस मिला।
राष्ट्रपति के कर कमलों से 1 हजार 692 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले उज्जैन-इन्दौर सिक्स-लेन मार्ग का भूमि-पूजन किया गया।
रीवा-भोपाल के मध्य नई ट्रेन का संचालन प्रारम्भ।
विंध्य क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात। मध्य प्रदेश का छठा एयरपोर्ट, रीवा एयरपोर्ट का शानदार शुभारंभ किया गया।
18 हजार 36 करोड़ की लागत से इंदौर-मनमाड रेलवे लाइन परियोजना स्वीकृति
309 किमी लंबी रेल लाइन पर 30 नए रेलवे स्टेशन बनेगे।
रेल परियोजना से प्रदेश के जनजातीय बहुल आकांक्षी जिला बड़वानी, धार, खंडवा, खरगोन, इंदौर सहित निकटवर्ती जिले लाभान्वित होंगे।
3 हजार 589 करोड़ की लागत से भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के 4-लेन में अपग्रेड करने की स्वीकृति।
6-लेन आगरा-ग्वालियर राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर की परियोजना स्वीकृत।
वर्ष 2024-25 बजट में 19 हजार 406 करोड़ रुपए का प्रावधान, जो वर्ष 2023-24 से 1 हजार 46 करोड़ रुपए अधिक है।
उद्योगों सहित सभी गैर-कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे तथा कृषि उपभोक्ताओं को प्रतिदिन औसतन 10 घंटे बिजली प्रदान की जा रही है।
308 करोड़ रुपये की लागत से खरगौन जिले में जलूद उर्जा संयंत्र का भूमि-पूजन।
प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में PNG पाइपलाइन से गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने का निर्णय।
गुणवत्तापूर्ण व विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के लिए रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) का हो रहा क्रियान्वयन।
ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट ने प्रथम चरण में 278 मेगावॉट की पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन करना प्रारंभ किया।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के लिए वर्ष 2024-25 में 10 हजार 279 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान।
वर्ष 2024-25 बजट में सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण व संधारण के लिए 13 हजार 596 करोड़ रुपए का प्रावधान।
प्रदेश में कुल 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित। वर्ष 2025-26 तक 65 लाख हेक्टेयर और वर्ष 2028-29 तक 1 करोड़ हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य।
अनुमानित लागत 44 हजार 605 करोड़ रुपए।
परियोजना से प्रदेश के 10 जिलों के 1,900 ग्रामों में 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
41 लाख की आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी।
130 मेगावाट विद्युत उत्पादन भी होगा।
केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिये 24 हजार 290 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत।
मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ।
प्रदेश के 10 जिलों को मिलेगा लाभ।
केन बेतवा लिंक परियोजना, संशोधित पार्वती सिंध परियोजना और नर्मदा घाटी विकास विभाग की अन्य प्रस्तावित महत्वपूर्ण परियोजनाओं से भी प्रदेश में 19 लाख 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ेगी।
“पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के उद्देश्य की पूर्ति के लिए 133 वृहद एवं मध्यम प्रेशराइज्ड सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली आधारित परियोजनाएं निर्माणाधीन।
1320 करोड़ रुपए की लागत वाली चितरंगी दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को स्वीकृति। सिंगरौली जिले में परियोजना से 32 हजार 125 हेक्टेयर में सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा।
4 हजार 197 करोड़ 58 लाख रूपये की लागत से जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को स्वीकृति। नीमच जिले में परियोजना से 1 लाख 8 हजार 600 हेक्टेयर में सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा।
नगरीय विकास के लिये वर्ष 2024-25 हेतु 16 हजार 744 करोड़ का प्रावधान।
स्मार्ट सिटी मिशन -2.0 उज्जैन व जबलपुर स्मार्ट सिटी के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 270 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान।
मध्यप्रदेश के शहरों के मास्टर प्लान की सड़कों के उन्नयन एवं विकास हेतु 250 करोड़ रुपए का प्रावधान।
मुख्यमंत्री शहरी क्षेत्र अधोसंरचना (चतुर्थ चरण) निर्माण योजना के लिए 1 हजार 630 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गई है।
कायाकल्प अभियान के अंतर्गत 1550 करोड़ रुपये के निवेश से बदल रही है शहरों में सड़कों की सूरत ।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में प्रदेश के 51 हजार आवासों में गृह प्रवेश करवाया।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए बजट वर्ष 2024-25 में 27 हजार 870 करोड़ रुपए का प्रावधान।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 3 हजार 500 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान, जिससे 20 करोड़ मानव दिवस के सृजन का लक्ष्य।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए वर्ष 2024-25 के बजट में 4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान।
हर ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केंद्र की होगी स्थापना।
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए वर्ष 2024-25 बजट में 66 हजार 605 करोड़ रुपए का प्रावधान।
कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023-24 में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषकों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना जारी।
वर्ष 2024-25 बजट में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन फसल ऋण उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से 600 करोड़ रुपए का प्रावधान। लगभग 32 लाख से अधिक कृषक हो रहे हैं लाभान्वित।
वर्ष 2023-24 में किसानों को 19 हजार 946 करोड़ का फसल ऋण वितरण। वर्ष 2024-25 में 23 हजार करोड़ रुपए के फसल ऋण वितरण का लक्ष्य।
जून -2024 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अंतर्गत 81 लाख से अधिक किसानों के खातों में योजना के प्रारंभ वर्ष 2019-20 से लेकर अब तक 27 हजार करोड़ रुपये की राशि का अंतरण।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अंतर्गत 4 हजार 900 करोड़ रुपए का प्रावधान।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अंतर्गत 81 लाख से अधिक किसानों के खातों में अब तक 10 किस्तों के माध्यम से 15 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक का अंतरण किया गया।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2023 में 97 लाख 71 हजार एवं रबी 2023-24 में 80 लाख 96 हजार कृषक बीमित हुए। वर्ष 2024-25 में योजना अंतर्गत 2 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान।
फसल बीमा योजना खरीफ – 23 के अंतर्गत 25 लाख से ज्यादा किसानों को 750 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के दावों का भुगतान किया गया । फसल बीमा योजना के इतिहास में पहली बार प्रदेश में किसानों के लिए ऋण की अदायगी की अंतिम तिथि (28 मार्च) से पहले सरकार ने दावों का भुगतान किया और किसानों को अनावश्यक ब्याज भरने के दण्ड से बचाया।
पिछले लगभग 4 वर्ष में किसानों के खातों में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में कृषकों के खाते में 1 हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम राशि रूपये 3900/- प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता राशि की स्वीकृति।
किसानों को समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर प्रति क्विंटल 125 रुपये बोनस भुगतान। योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपए का प्रावधान।
रबी विपणन वर्ष 2024-25 में 6 लाख से अधिक किसानों से 48 लाख 35 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जा चुका है ।
मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना अब प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के नाम से लागू।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में राहत देने 24 हजार 420 करोड़ रूपये की सब्सिडी देने का निर्णय।
रागी के बराबर न्यूनतम समर्थन मूल्य 4290 रुपए के बराबर कोदो और कुटकी का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगा उपार्जन।
अटल कृषि ज्योति योजना अंतर्गत 10 हॉर्सपावर तक के किसानों को ऊर्जा प्रभार में सब्सिडी दी जा रही। वर्ष 2024-25 बजट में 11 हजार 65 करोड़ रुपए का प्रावधान।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 1 हेक्टेयर तक के भूमिधारकों को 5 हॉर्सपावर तक के विद्युत पंप उपयोग पर निःशुल्क विद्युत आपूर्ति।
फसल विविधीकरण योजना के लिए 20 करोड़ रुपए एवं प्राकृतिक खेती प्रोत्साहन एवं विस्तार के लिए 30 करोड़ रुपए का प्रावधान।
किसानों के हित में निर्णय लेते हुए सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4 हजार 892 प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन करने का निर्णय लिया गया है ।
पशुपालकों एवं गौसंवर्धन के विकास व संरक्षण के लिए वर्ष 2024-25 के लिए 590 करोड़ रुपए का प्रावधान।
मुख्यमंत्री सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के लिए बजट में 150 करोड़ रुपए का प्रावधान।
भारतीय नव वर्ष इस चैत्र माह से अगले वर्ष तक गौ-वंश रक्षा वर्ष मनाया जा रहा है।
चरनोई की भूमि से अधिग्रहण हटाए जायेंगे।
प्रदेश में संचालित 2400 से अधिक गौ-शालाओं में 3 लाख 70 हजार से अधिक गौ-वंश का पालन।
गौ-वंश के बेहतर आहार के लिये प्रति गौ-वंश मिलने वाली 20 रुपये की राशि बढ़ाकर 40 रुपये करने का निर्णय।
घायल गायों के लिये हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग वाहन की व्यवस्था।
दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने म.प्र. सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच एमओयू।
ग्वालियर स्थित आदर्श गौ-शाला में देश के पहले 100 टन क्षमता वाले सीएनजी प्लांट की स्थापना।
दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गाँव बनेगा वृंदावन गांव।
प्रदेश में मई 2023 से प्रारंभ 406 चलित पशुचिकित्सा इकाइयों द्वारा अब तक 7 लाख 30 हजार से अधिक पशुओं को घर पहुंच चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। (बजट के अनुसार)
प्रदेश में उपलब्ध 4 लाख 42 हजार हेक्टेयर जलक्षेत्र में से 4 लाख 40 हजार हेक्टेयर जलक्षेत्र में हो रहा मछली पालन।
अहमदाबाद में आयोजित ग्लोबल फिशरीज कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के सिवनी जिले को बेस्ट इनलेण्ड डिस्ट्रिक्ट का प्रथम पुरस्कार।
बालाघाट जिले की प्राथमिक सरस्वती मछुआ सहकारी समिति को मछुआ सहकारी समिति की श्रेणी में प्राप्त हुआ द्वितीय पुरस्कार।
वर्ष 2024-25 में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 81 % की वृद्धि के साथ 26 हजार 560 करोड़ रुपए का प्रावधान।
जेंडर बजट में 19 हजार 21 करोड़ से अधिक की वृद्धि। महिला सशक्तिकरण के लिए शासन के विभागों को 1 लाख 21 हजार करोड़ का प्रावधान।
नारी सशक्तिकरण की दिशा में अभूतपूर्व कदम। महिलाओं को मध्यप्रदेश लोक सेवा में 35% तक आरक्षण देने का निर्णय लिया।
लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 1 करोड़ 29 लाख बहनों के खातों में जनवरी माह से नवंबर माह तक 17 हजार 640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण।
लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत माह दिसंबर 2023 से अभी तक 5 लाख 12 हजार लाड़ली बालिकाओं के खाते में 170 करोड़ रुपये की राशि का छात्रवृति के रूप में अंतरण।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अक्टूबर 2024 तक की स्थिति में 3 लाख 66 हजार 786 हितग्राहियों को पंजीकृत कर राशि रूपये 123 करोड रुपए का भुगतान किया गया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) एवं गैर PMUY अंतर्गत कनेक्शनधारी पात्र लाड़ली बहनों के लिए 450 रुपए में गैस रीफिल किया जाएगा।
प्रदेश की लगभग 26 लाख बहनों के खातों में 450 रुपये में गैस सिलिंडर की रीफिलिंग के लिए जुलाई 2023 से अगस्त 2024 तक 715 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला एवं राज्य सरकार की गैर उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बजट में 520 करोड़ रुपए का प्रावधान।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत 3 चरणों में अब तक लगभग 89 लाख नि:शुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रदेश में ग्रामीण आजीविका मिशन योजनान्तर्गत बजट में 800 करोड़ रुपए का प्रावधान।
मिशन आरंभ वर्ष 2012 से अब तक महिला स्व-सहायता समूहों को उपलब्ध कराई गई 10 हजार 560 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता।
5 लाख स्व- सहायता समूहों के माध्यम से 62 लाख ग्रामीण बहने हुई आत्मनिर्भर।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस- 24 की पूर्व संध्या पर प्रदेश भर में ”साड़ी वाकेथान” का आयोजन किया गया , जिसमें लाखों महिलाओं ने भाग लिया ।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बीमा कवर का लाभ देने का निर्णय ।
महिला उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ रुपए का अंतरण।
सभी नगरीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के मानदेय में 20 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा।
सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना अंतर्गत 19 लाख से अधिक बालिकाओं के बैंक खाते में 57 करोड़ 18 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया।
12 हजार 670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्र में उन्नयन किये जाने का निर्णय एवं 549 नए आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत किये गए।
इंदौर की पुलिस बटालियन नंबर-1, अहिल्याबाई बटालियन के नाम से जानी जाएगी।
विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा के लिए वर्ष 2024-25 बजट में 52 हजार 682 करोड़ रुपए का प्रावधान।
सीएम राइज विद्यालयों के लिए 2,737 करोड़ रुपए का प्रावधान। प्रदेश में 369 सर्वसुविधायुक्त सीएम राइज़ विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत लगभग 150 सीएम राइज विद्यालय नवीन भवन में संचालित होंगे।
इन विद्यालयों में 1 किमी से अधिक दूर रह रहे प्राथमिक शाला एवं 2 किमी. से ज्यादा दूर रह रहे अन्य कक्षा के बच्चों के लिए परिवहन व्यवस्था लागू।
नई शिक्षा नीति के तहत वर्ष 2024-25 में लगभग 3,200 प्राथमिक शालाओं में पूर्व प्राथमिक कक्षाएं होंगी प्रारंभ।
विद्यार्थियों में कौशल विकास एवं एमर्जिंग ट्रेंड्स के दृष्टिगत ए.आई, मशीन लर्निंग, कोडिंग आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
शासकीय स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता के साथ खेल, नृत्य, संगीत शिक्षकों के 11 हजार पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है।
समेकित छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत लगभग 63 लाख विद्यार्थियों को नि:शुल्क गणवेश एवं लगभग 87 लाख विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें दी जाएंगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 लागू करने वाले देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश।
शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकरण हुआ- 12 अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एम.ओ.यू।
व्यावसायिक शिक्षा एवं सामान्य शिक्षा का एकीकरण कर क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर 35 व्यावसायिक विषयों का पाठ्यक्रम में समावेश किया गया है।
एमपी बोर्ड 12वीं में 75 फीसदी अंक पाने वाले करीब 90 हजार स्टूडेंट्स को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि मिलेगी।
प्रदेश के दो सीएम राइज़ स्कूलों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ 10 स्कूलों में चुना गया है। अंर्तराष्ट्रीय संस्था ''टी-4 एज्युकेशन'' अनुसार सीएम राइज विनोबा स्कूल, रतलाम को 'इनोवेशन' श्रेणी में तथा सीएम राइज मॉडल उच्चतर माध्यमिक स्कूल, झाबुआ को 'सपोर्टिंग हेल्दी लाइफ्स' श्रेणी में चयनित।
सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अंतर्गत 11 हजार 706 केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र में उन्नत किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम उषा) के अंतर्गत प्रदेश के 8 विश्वविद्यालयों में अधोसंरचना तथा अन्य विकास कार्यों के लिए 400 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत।
हर जिले में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना-
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 485 करोड़ रुपए का निवेश।
55 जिलों में पूर्व से संचालित एक महाविद्यालय का पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में उन्नयन।
इन कॉलेजों में 1750 शैक्षणिक एवं 369 तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पद सृजित।
पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस को बहुसंकायी बनाने एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के संचालन हेतु 7 महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर नवीन संकाय एवं 55 महाविद्यालयों में स्रातक व स्नातकोत्तर स्तर पर संस्कृत, बायोटेक्नोलॉजी, कम्प्यूटर साइंस विषय प्रारंभ।
पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में सेंटर फॉर रिसर्च इन स्कीम एंड पॉलिसी (CRISP) के माध्यम से 8 रोज़गारोन्मुखी स्किल-आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन।
महाविद्यालयों के लिए 2 हजार से अधिक नवीन पद सृजित।
170 करोड़ रुपये की लागत से खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय का उद्घाटन।
सागर में रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय एवं गुना में तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ।
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के नाम से होगा सागर में आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज।
शासकीय महाविद्यालयों में कृषि को एक विषय के रूप में जोड़ा गया।
पायलट ट्रेनिंग के लिए विश्वविद्यालय में कोर्स शुरू होगा।
नर्सिंग शिक्षण संस्थाओं में हुई अनियमितताओं के सभी मामलों में कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इंजीनियरिंग-मेडिकल की तर्ज़ पर नर्सिंग स्टूडेंट्स की स्टेट लेवल पर परीक्षा होगी।
केंद्र के नर्सिंग एक्ट के अनुसार राज्य में आयोग गठित होगा। भविष्य में नर्सिंग संस्थाओं को मान्यता राष्ट्रीय आयोग देगा।
शिक्षा में गुणवत्ता के लिये भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, रीवा के 6 विश्वविद्यालयों में इन्क्यूबेशन केंद्रों की स्थापना की गयी है।
उज्जैन के इंजीनियरिंग कॉलेज में आईआईटी का सैटेलाइट कैंपस प्रारंभ करने का निर्णय लिया है।
मध्यप्रदेश के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बस की सुविधा दी जाएगी।
विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की अंक सूची एवं उपाधियों को डिजी लॉकर में अपलोड करने की व्यवस्था लागू कर दी गई है।
मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा के सकल नामांकन अनुपात में राष्ट्रीय औसत से आगे निकला। राज्य का वर्ष 2021-22 का सकल पंजीयक (जीईआर) अनुपात अखिल भारतीय अनुपात 28.4 की तुलना में 28.9 दर्ज हुआ है।
राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपति अब कुलगुरु कहे जाएँगे।
आगर-मालवा में नया विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है।
आईआईटी इंदौर के सहयोग से उज्जैन में निर्मित देश के प्रथम शोध-आधारित नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं उद्यमिता अनुभवात्मक विद्यार्जन केंद्र (डीप-टेक रिसर्च और डिस्कवरी सैटेलाईट कैंपस ) का उद्घाटन किया गया ।
प्रदेश में कुल 268 शासकीय आई.टी.आई. संचालित हैं। इस वर्ष 22 नवीन आई.टी.आई. प्रारंभ की जायेंगी, जिनसे 5 हजार 280 अतिरिक्त सीट्स की वृद्धि होगी।
देवास, छिंदवाडा एवं धार को ग्रीन स्किलिंग आई.टी.आई. में विकसित कर सोलर टेक्नीशियन एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक पाठ्यक्रम प्रांरभ किये गये हैं।
बजट 2024-25 में स्वास्थ्य के क्षेत्र में 21 हजार 444 करोड़ रुपए का प्रावधान।
प्रदेश में अभी 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। अगले सत्र से सिंगरौली और श्योपुर में शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होंगे। इसके अलावा अगले दो वर्ष में 6 अन्य नए शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित होने लगेंगे।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 961 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नीमच, मंदसौर और सिवनी में चिकित्सा महाद्यिालयों का लोकार्पण किया गया।
592 करोड़ रुपए की लागत से उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन।
पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा का हुआ शुभारम्भ - प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से गंभीर रूप से बीमार/दुर्घटनाग्रस्त लोगों को एयरलिफ्ट कर समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए सरकार की संवेदनशील पहल।
चिकित्सा शिक्षा विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का विलय सुशासन और कार्यदक्षता का उदाहरण बना है।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक 4 करोड़ 2 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित। अब तक 38 लाख से अधिक हुए निःशुल्क उपचार।
प्रत्येक जिले में जिला अस्पताल एवं सिविल अस्पतालों को एक-एक शव-वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय ।
सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
मेडिकल कॉलेजों के साथ नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत।
शिवपुरी, रतलाम, खण्डवा, राजगढ़ एवं मंदसौर में शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों का भूमिपूजन किया गया।
स्वास्थ्य संस्थानों में 46 हजार 491 नये पदों (नियमित/संविदा/आउटसोर्स) के सृजन की स्वीकृति।
सभी को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए 50 जिला चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों का संचालन प्रारम्भ।
512 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति-पत्रों का वितरण।
प्रदेश में 800 आयुष आरोग्य मंदिर का संचालन भी प्रारंभ हुआ।
22 जिलों में आयुष चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 213 पदों के सृजन का निर्णय।
02 नवीन श्योपुर एंव सुजालपुर(शाजापुर ) में 50 बिस्तरीय चिकित्सालय की स्थापना।
साइबर तहसील परियोजना प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू। इसके माध्यम से नामांतरण, बंटवारा आदि विभिन्न राजस्व प्रकरणों का ऑनलाईन निराकरण साइबर तहसीलदार के माध्यम से सुनिश्चित होगा। ऐसी पहल करने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है।
प्रदेश सरकार की अभिनव पहल साइबर तहसील 2.0 का शुभारंभ
नामांतरण प्रक्रिया कार्य 25 दिवसों के भीतर पूर्ण किया जा सकेगा।
नागरिको को दावा आपत्ति संबंधी लिंक, आदेश प्रति, अद्यतन खसरा और नक्शों की प्रतियां एसएमएस, व्हाट्सअप्प या ईमेल के माध्यम से घर बैठे प्राप्त होंगी।
सभी संभागों में मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में संभागीय समीक्षा बैठकों का आयोजन। इन बैठकों में विकास एवं कानून व्यवस्था के विषय में विस्तृत चर्चा के साथ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप मौके पर लिए गए निर्णय।
संभागीय समीक्षा बैठकों के दौरान बड़े पैमाने पर किए गए विकास कार्यो के लोकार्पण एवं शिलान्यास।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित एवं अनियमित आवाज के प्रयोग को किया प्रतिबंधित।
प्रदेश में खुले में मांस मछली की बिक्री पर लगाया गया प्रतिबन्ध।
प्रदेश में कहीं भी बोरवेल के गड्ढे खुले होने की स्थिति न रहे। ऐसे सभी गड्ढों को अभियान चलाकर बंद किया जा रहा है।
राजस्व महाभियान के दोनों चरणों में 80 लाख राजस्व प्रकरणों का निराकरण।
राजस्व महाअभियान के प्रथम चरण में 15 जनवरी से 29 फरवरी 2024 तक 30 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा।
18 जुलाई से 31 अगस्त तक राजस्व महाअभियान 2.0 में 49 लाख 15 हजार 311 प्रकरणों का हुआ निराकरण। और 88 लाख से अधिक eKYC पूर्ण
105 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर डीम्ड अनुज्ञा प्राप्त करने और 300 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों पर त्वरित अनुज्ञा प्रदान करने की व्यवस्था लागू।
सोलहवीं विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिये दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मंत्रिपरिषद के सदस्यों की नेतृत्व क्षमता विकसित करने हेतु एवं दो दिवसीय लीडरशिप समिट का आयोजन दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बना। मंत्रियों को विशेषज्ञों ने दिए शासन में कुशलता और दक्षता लाने के मंत्र।
राज्य सरकार द्वारा जिलों, संभागों, तहसीलों आदि की सीमाओं के पुनः निर्धारण एवं नियुक्तिकरण के एक पृथक प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग बनाने का निर्णय लिया गया है।
उज्जैन शहर के केडी गेट से इमली तिराहा मार्ग चौड़ीकरण के लिये 23 धार्मिक स्थलों को हटाने के लिये व्यवस्थापकों, पुजारियों और नागरिकों द्वारा सहयोग कर साम्प्रदायिक सौहार्द का उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया।
निजी स्कूलों द्वारा कोर्स की किताबें, यूनिफार्म एवं अन्य शिक्षण सामग्री किसी निर्धारित दुकान से खरीदने के लिए पालकों पर अनुचित दबाव डाले जाने के मामले में मुख्यमंत्री द्वारा स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश।
मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे,आयकर की दृष्टि से 1972 के नियम में बदलाव हो रहा है।
नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 में प्रदेश में पहली बार तीन लोगों को प्रदान की नागरिकता।
मध्यप्रदेश की अंतरराज्यीय सीमाओं पर 1 जुलाई, 2024 से परिवहन जांच चौकियों के स्थान पर रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट की व्यवस्था शुरू की।
23 करोड़ 87 लाख की लागत से नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन" (नेवा) को मध्यप्रदेश विधानसभा में क्रियान्वित करने के लिए परियोजना का अनुमोदन।
विभागों को सुविधाजनक तरीके से क्लाउड सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए "मध्यप्रदेश क्लाउड पॉलिसी 2024" का अनुमोदन।
वारंट और समन की तामील के लिए ई-तकनीक का उपयोग किया जाएगा। मध्यप्रदेश, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा।
2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला उनकी पात्रतानुसार उच्च पद का प्रभार।
बालाघाट के कमकोदादर में हुई मुठभेड़ में नक्सलियों को धूल चटाने वाले 24 शासकीय पुलिस सेवकों का आउट ऑफ टर्न प्रमोशन।
प्रदेश की सुरक्षा मैं तैनात पुलिसकर्मियों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 हजार 700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 25 हजार मकान बनाने का लक्ष्य है। जिसमें 12 हजार 526 मकान बनना आरंभ हो गए हैं और 10 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो गए हैं।
प्रदेश में थानों की सीमाओं के पुर्ननिर्धारण का कार्य तेजी से जारी।
दिनांक 3 मार्च 2024 को पूरे प्रदेश के सभी 968 पुलिस थानों में एक साथ जन-संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
एक साल में मध्यप्रदेश पुलिस में होगी 7500 पुलिसकर्मियों भर्ती।
प्रदेश के किसी जवान के शहीद होने पर दी जाने वाली सहायता राशि में से 50% शहीद की पत्नी और 50% राशि माता-पिता को दी जाएगी।
शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली मासिक अनुदान राशि बढ़ाकर ₹10 हजार की गई।
शहीदों की बेटियों एवं बहनों के विवाह पर आशीर्वाद राशि भी बढ़ाकर ₹51 हजार की गई।
भूतपूर्व सैनिकों को शासकीय नौकरियों में आरक्षण।
मध्यप्रदेश निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए वर्ष 2024-25 में 586 करोड़ रु. का प्रावधान।
सरकारी नौकरियों के लिए चयनित लगभग 11 हजार उम्मीदवारों को सौंपे गए नियुक्ति-पत्र।
प्रदेश में कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। सभी विभागों की लगभग 1 लाख तक भर्तियां की जाएंगी।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़े वर्गों तथा निःशक्तजनों के बैकलॉग/कैरीफॉरवर्ड पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान की समय-सीमा में 01 जुलाई 2024 से 30 जून, 2025 तक एक वर्ष की वृद्धि की गई।
स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए नई पहल के तहत, प्रदेश के स्टार्टअप को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता के लिए 50 हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया।
प्रदेश में राज्य स्तरीय 'रोजगार दिवस' के अवसर पर रिकार्ड 7 लाख युवाओं को 5 हज़ार करोड़ रुपये का स्व-रोजगार ऋण वितरित।
अग्निवीर योजना में युवाओं का अधिक से अधिक चयन हो, इस उद्देश्य से 360 घंटे प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य।
मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना अंतर्गत वर्ष 2024 में करीब 20 हजार चयनित छात्र-प्रशिक्षणार्थियों को लगभग 41 करोड़ रुपये स्टाइपेंड वितरित किये गए।
वर्ष अप्रैल 2023 से जून 2024 अब तक कुल 616 जॉब फेयर आयोजित किये गये व लगभग 61 हजार आवेदकों को निजी क्षेत्र में नियुक्ति हेतु ऑफर लेटर प्रदाय किये गये।
ग्वालियर में नवनिर्मित श्रीमंत माधवराव सिंधिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का उदघाटन।
वर्ष 2024-25 में संस्कृति विभाग के लिए 1,081 करोड़ रुपए का प्रावधान।
विक्रम सांस्कृतिक पर्व का दिनांक 01 मार्च से 09 अप्रैल, 2024 तक किया गया आयोजन। इस दौरान कालजयी महानायकों की तेजस्विता पर केन्द्रित भारत के अपने किस्म के पहले संग्रहालय “वीर भारत न्यास” का शिलान्यास एवं उज्जैन के रामघाट पर 25 लाख दीपों का प्रज्वलन एवं उज्जयिनी गौरव दिवस का आयोजन किया गया।
विक्रमोत्सव के दौरान विक्रमादित्य, उनके युग, भारत उत्कर्ष, जनजागरण और भारत विद्या पर एकाग्र आर्ष- भारत, विक्रम नाट्य समारोह, पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव, विक्रम नाट्य समारोह, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, अंतरराष्ट्रीय इतिहास समागम, श्रीकृष्ण लीलामृत, विश्व ज्योतिष उत्सव, शिल्प मेला आदि विशिष्ट कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
दिनांक 29 फरवरी, 2024 को माननीय प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से विक्रमोत्सव के अवसर पर विश्व की पहली “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी” का शुभारंभ कर भारतीय काल गणना परंपरा का साक्षात्कार पूरी दुनिया से कराया गया है।
शासकीय कैलेंडर में विक्रम संवत अंकित करना प्रारंभ किया गया।
मंडला में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण।
1450 किमी लंबे राम वन गमन पथ का निर्माण कराएगी सरकार।
जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े, उन स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास का गठन किए जाने की स्वीकृति।
'पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा' प्रारम्भ। प्रदेश के 8 शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली और खजुराहो को हवाई सेवा से जोड़ा गया।
"पीएम श्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा का संचालन प्रारम्भ।
राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अयोध्या में एक आस्था – भवन ( धर्मशाला ) निर्माण करने का निर्णय लिया गया है।
देवालयों में लगने वाली सामग्री को कुटीर उद्योग के अंतर्गत प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए स्व-सहायता समूहों तथा क्षेत्र के युवाओं को कलाकारों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। इन सामग्रियों के विक्रय के लिए स्टॉल की व्यवस्था भी की जाएगी।
स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत चित्रकूट के घाट पर आध्यात्म के अनुभव की नवीन परियोजना का भूमि-पूजन किया गया है।
चित्रकूट नगर के प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक विकास के लिये चित्रकूट विकास प्राधिकरण की स्थापना को स्वीकृति।
केन-बेतवा एवं पार्वती-कालीसिंध-चम्बल परियोजना जल कलश यात्रा का आयोजन।
यूनेस्को के विश्व हेरिटेज सेंटर द्वारा भारत की अस्थायी सूची में मध्यप्रदेश की 6 धरोहरों को सम्मिलित किया गया है। ग्वालियर किला, धमनार का ऐतिहासिक समूह, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, चंबल घाटी के रॉक कला स्थल, खूनी भंडारा, बुरहानपुर और रामनगर, मंडला का गोंड स्मारक इसमें शामिल हैं।
मध्यप्रदेश में क्रूज टूरिज्म को गति प्रदान करने के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) एवं गुजरात सरकार के साथ एमओयू किया है जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम (स्टैच्यू ऑफ वननेस) से गुजरात के कावडि़या में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक क्रूज संचालित किया जायेगा।
पिछले एक वर्ष में 11 करोड़ से अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश आए हैं। यह किसी भी राज्य की संख्या में बहुत अधिक है।
प्रत्येक विकासखंड में विकसित होगा एक वृंदावन गांव। और नगरीय निकाय में गीता भवन बनाये जाएंगे।
दमोह में रानी दमयंती संग्रहालय बनाया जाएगा।
लोकमाता देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती वर्ष पर विजयादशमीं का पावन पर्व पूरे प्रदेश में शस्त्र-पूजन के साथ मनाया गया।
राम राजा की नगरी ओरछा (जिला निवाड़ी) को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के निर्णय ।
सिंहस्थ-2028 की तैयारी हुई प्रारंभ, टास्कफोर्स का हुआ गठन।
सिंहस्थ- 2028 की कार्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान।
मां शिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प पूरा करने के लिए 1 हजार 24 करोड़ की लागत से बनने वाली कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का भूमिपूजन।
साधु-संतों के लिए हरिद्वार की तरह उज्जैन में स्थायी धार्मिक नगरी व आश्रम बनाए जाएंगे। इसके अंतर्गत सभी 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर, संत-महंत और प्रतिनिधियों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
शासकीय सेवकों/ पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत की वृद्धि, बढ़कर 50% डीए।
प्रदेश के किसी जवान के शहीद होने पर दी जाने वाली सहायता राशि में से 50% शहीद की पत्नी और 50% राशि माता-पिता को दी जाएगी।
पत्रकार बीमा योजना में बीमा कंपनी द्वारा प्रीमियम की दरों में की गई वृद्धि का भार राज्य सरकार उठाएगी।
मध्यप्रदेश जैन कल्याण बोर्ड का गठन करने का निर्णय।
स्वच्छ भारत अभियान में मध्यप्रदेश बना सिरमौर
स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 568 करोड़ रुपए का प्रावधान।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में देश के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार लगातार सातवीं बार इन्दौर को मिला।
मध्यप्रदेश, देश का दूसरा स्वच्छतम राज्य और भोपाल स्वच्छतम राजधानी बना।
प्रदेश के 7 शहर वाटर प्लस, 361 शहर ओडीएफ डबल प्लस, एक शहर 7-स्टार, एक 5-स्टार, 24 शहर 3-स्टार और 132 शहर 1-स्टार गार्बेज फ्री श्रेणी में पुरस्कृत हुए।
'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत 'स्वच्छ औद्योगिक पार्क' अभियान में उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी को सबसे स्वच्छ औद्योगिक पार्क का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला।
उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 के बजट में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान।
वर्ष 2024 में, मध्यप्रदेश शासन द्वारा निवेश को आकर्षित करने के लिए मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु एवं कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में इंटरेक्टिव सेशन आयोजित किए गए। आगमी इंटरेक्टिव सेशन हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, एंव नई दिल्ली में प्रस्तावित।
म.प्र. में निवेश को आकर्षित करने के लिए उद्योग और पर्यटन के बाद खनिज क्षेत्र में कॉन्क्लेव का आयोजन।
उज्जैयिनी विक्रम व्यापार मेला एवं ग्वालियर व्यापार मेला-2024 में वाहनों के आरटीओ पंजीयन पर 50% की छूट दी गई।
व्यापार मेले में हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों के क्रय-विक्रय के जरिए लोकल को बनाया गया वोकल।
नीमच के औद्योगिक क्षेत्र झांझरवाड़ा में 135 करोड़ की लागत से विश्वेश्वरैया डेनिम प्रा.लि. कपड़ा एवं परिधान निर्माण औद्योगिक इकाई एवं 450 करोड़ लागत की मेसर्स स्वराज सूटिंग्स प्रा.लि. की कपड़ा एवं परिधान निर्माण इकाई का भूमिपूजन हुआ। इन दोनों इकाइयों में लगभग 2500 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।
प्रदेश में नगर निगम और औद्योगिक क्षेत्रों में मॉल, रेस्टारेंट, मुख्य बाजार और बिजनेस सेंटर 24 घंटे खुले रहने के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार की मंजूरी।
वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। फरवरी 2025 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का होगा आयोजन।
प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिसके नोडल अधिकारी जिले के कलेक्टर रहेंगे। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
मुरैना में मेगा लेदर, फुटवेयर एण्ड एसेसरीज़ क्लस्टर डेव्हलपमेंट पार्क की स्थापना के लिए स्वीकृति।
औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई जिला नर्मदापुरम में पॉवर एवं रिन्युबल एनर्जी इक्यूपमेंट मेन्युफेक्चरिंग जोन की स्थापना एवं संचालन के लिए स्वीकृति।
भारतमाला परियोजना अंतर्गत तहसील पीथमपुर, जिला धार में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना स्वीकृति।
त्यौंथर (रीवा) में 400 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होगा।
माइनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक घरानों से प्रदेश में 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
उद्योगों को प्रोत्साहित करने और एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए कटनी और सिंगरौली में इनलेंड कंटेनर डिपो का निर्माण किया जाएगा।
विंध्य क्षेत्र में मऊगंज और मैहर में एमएसएमई का नया इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जाएगा।
वर्ष 2024 में प्रदेश में 5 रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित किए जा चुके है एवं आगामी रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव भी प्रस्तावित है।
1st रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव उज्जैन में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले।
2nd रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव जबलपुर में 22 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले जिनसे 13 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
3rd रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव ग्वालियर में 8 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले जिनसे लगभग 35 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
4th रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव सागर में 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले जिनसे 27 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
5th रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव रीवा में 31 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले जिनसे 28 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।