बुधवार, 15 अप्रैल 2026
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Written By WD Feature Desk

Shitala Mata Bhog: बसोड़ा पर्व, शीतला माता भोग के 7 विशेष व्यंजन

शीतला माता भोग का सुंदर फोटो
Devotional food for Shitala Mata: बसोड़ा पर्व और शीतला माता का विशेष महत्व हिंदू धर्म में है। यह पर्व खासतौर पर उत्तर भारत में मनाया जाता है और विशेष रूप से होली के दूसरे दिन मनाया जाता है। बसोड़ा पर्व को शीतला अष्टमी भी कहा जाता है, जो शीतला माता के पूजा के दिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को लेकर विशेष रिवाज और परंपराएं हैं, जिसमें मुख्य रूप से शीतला माता की पूजा और उनके प्रसन्न होने के लिए भोग अर्पित किए जाते हैं।
 

शीतला माता भोग के विशेष व्यंजन:

शीतला माता के भोग में आमतौर पर ठंडे और साधारण भोजन का प्रचलन है, क्योंकि यह मान्यता है कि शीतला माता का भोग ठंडे और पके हुए खाने से प्रसन्न होता है। शीतला माता के भोग के दौरान निम्नलिखित विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं:
 

1. पूड़ी (पूरियां):

बसोड़ा पर्व पर पूड़ियां विशेष रूप से बनाई जाती हैं, जिन्हें गुड़ के साथ खाया जाता है। ये गर्मी से बचने के लिए ठंडी करके माता को अर्पित की जाती हैं।
 

2. खीर:

इस दिन दूध और चावल से बनी खीर बनाना आम बात है। यह मीठा व्यंजन शीतला माता के भोग के रूप में अर्पित किया जाता है। खीर का स्वाद दूध के साथ साधारण तरीके से बनाया जाता है, जिसमें इलायची, किशमिश, और सुगंधित मसाले डाले जाते हैं।
 

3. हलवा:

गाजर का हलवा या सूजी का हलवा शीतला माता को अर्पित किया जाने वाला एक प्रमुख भोग है। इसे घी और शक्कर के साथ बनाया जाता है।
 

4. बेसन के लड्डू:

शीतला माता के भोग के लिए बेसन के लड्डू एक प्रमुख और लोकप्रिय व्यंजन है। इन लड्डुओं को घी में तलकर, फिर चीनी के साथ मिलाकर शीतला माता को अर्पित किया जाता है।
 

5. बिना मसाले का भोजन:

इस दिन शीतला माता के भोग के लिए खासतौर पर बिना ज्यादा मसाले वाला और ठंडा भोजन पकाया जाता है। इस भोजन में दाल और सादा चावल शामिल होते हैं। इन्हें किसी प्रकार के गर्म मसाले का प्रयोग न करके हल्के तरीके से तैयार किया जाता है।
 

6. पठारी:

यह एक तरह का ठंडा व्यंजन होता है, जिसे विशेष रूप से बसोड़ा पर्व में तैयार किया जाता है। यह साधारण भोजन का हिस्सा होता है, जिसमें चावल, दही और गुड़ मिलाकर खाया जाता है।
 

7. ठंडी मीठा दही:

शीतला माता के भोग के लिए ठंडी मीठा दही भी अर्पित की जाती है। यह दही शीतला माता के लिए एक विशेष श्रद्धा का प्रतीक है और इसे गुड़ के साथ मिश्रित किया जाता है।
 
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