0

योग करते समय इन बातों का रखें ध्यान

बुधवार,सितम्बर 25, 2019
0
1
पीरियड्स के समय महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव देखे जाते हैं। इस समय कुछ महिलाओं को तकलीफ भी होती है, जैसे कमर दर्द व चिड़चिड़ापन। ऐसी तकलीफें महिलाओं में आमतौर पर देखी जाती हैं और ऐसे दर्द में या पीरियड्स के दौरान व्यायाम करना ठीक है कि ...
1
2
योग शरीर और मन को साधने की एक प्रक्रिया है। वेदों के छह अंगों में से एक है योग। मूलत: योग का वर्णन सर्वप्रथम वेदों में ही हुआ है लेकिन यह विद्या वेद के लिखे जाने से 15000 ईसा पूर्व के पहले से ही प्रचलन में थी, क्योंकि वेदों की वाचिक परंपरा हजारों ...
2
3
आओ जानते हैं आधुनिक काल के उन महान योगियों के बारे में जिन्होंने योग को फिर से संपूर्ण देश और दुनिया में प्रतिष्ठित किया।
3
4
संसार की प्रथम पुस्तक ऋग्वेद में कई स्थानों पर यौगिक क्रियाओं के विषय में उल्लेख मिलता है। योगाभ्यास का प्रामाणिक चित्रण लगभग 3000 ई.पू. सिन्धु घाटी सभ्यता के समय की मोहरों और मूर्तियों में मिलता है। योग का प्रामाणिक ग्रंथ 'योगसूत्र' 200 ई.पू. योग ...
4
4
5
ऐसा भी जरूरी नहीं है कि आप किसी व्यक्ति विशेष या भगवान से ही जुड़ते हों। हो सकता है कि आपका मन किसी भौतिक चीज को प्राप्त करना चाहता है, जैसे कि अपना नया घर या कार लेने की इच्छा जिसके बारे आप पूरे दिन में चाहे न चाहे,
5
6
योग का वर्णन वेदों में, फिर उपनिषदों में और फिर गीता में मिलता है, लेकिन पतंजलि और गुरु गोरखनाथ ने योग के बिखरे हुए ज्ञान को व्यवस्थित रूप से लिपिबद्ध किया। योग हिन्दू धर्म के छह दर्शनों में से एक है। ये छह दर्शन हैं- 1.न्याय 2.वैशेषिक 3.मीमांसा ...
6
7
योग को 'अंतरराष्ट्रीय' रूप से मनाने का प्रस्ताव भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ के सामने रखा था, जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने सभी राष्ट्रों की सहमति से 90 दिनों के अंदर ही पारित कर दिया और इस तरह योग दिवस का प्रस्ताव जिसे ...
7
8
हमारे पीएम नरेंद्र मोदीजी भी प्रतिदिन योग करते हैं। दुनियाभर में अब योग का प्रचलन बढ़ गया है। आओ अब जानते हैं कि योग करने से जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है।
8
8
9
भागदौड़ भरी जीवन शैली के चलते मनुष्य ने प्रकृति और स्वयं का सान्निध्य खो दिया है। इसी वजह से जीवन में कई तरह के रोग और शोक जन्म लेते हैं। हमारे पास नियमित रूप से योग करने या स्वस्थ रहने के अन्य कोई उपाय करने का समय भी नहीं है। यही सोचकर हम आपके लिए ...
9
10
'योग' भारत में एक आध्यात्मिक प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने (योग) का काम होता है। यह शब्द, प्रक्रिया और धारणा बौद्ध धर्म, जैन धर्म और हिन्दू धर्म में ध्यान-प्रक्रिया से संबंधित है।
10
11
21 जून की तारीख पूरे विशव में 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के नाम से दर्ज हो गई है। योग हमेशा से भारत की प्राचीन परंपरा का अमूल्य हिस्सा रहा है। योग करने से शारीरिक व मानसिक अनेक फायदे होते हैं। यह हम पंचतत्वों से बने मनुष्य को प्रकृति से जोड़ता है। ...
11
12
योग यानी जुड़ना और जुड़ना जिससे भी सच्चे मन से हो जाए, उससे ही योग लग जाता है। जब किसी को किसी से योग लगता है तब यह सहज ही हो जाता है। जैसे आपको किसी प्रिय को याद करते हुए मेहनत नहीं करनी पड़ती है। उस प्रिय की याद अपने आप में एक सुखद अनुभव होता है। यह ...
12
13
इस बार 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' देहरादून में एक बार फिर बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। ये चौथा योग दिवस है।
13
14
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। इस साल पूरे विश्व में चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। भारत देश में योग दिवस का एक अपना ही अलग महत्व है।
14
15
आज पूरा विश्व भारत की तरफ टकटकी लगाए देख रहा है और भारत के सामने योग का एक बहुत बड़ा बाजार है। दरअसल पीएम मोदी ने 27 सितंबर 2014 को जिस अंदाज में संयुक्त राष्ट्र संघ में 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने की अपील की और जिस ग्रैंड अंदाज में ...
15
16
विपश्यना ध्यान हमारे मन के विकारों को कम करता है या उन्हें जड़ से निकाल देता है। मन के विकार जैसे क्रोध, घृणा, डर, द्वेष इत्यादि का हमारी कार्यकुशलता पर अत्याधिक प्रभाव पड़ता है। ये मनोविकार हमारी कार्यकुशलता घटा देते हैं।
16
17
व्यक्ति आधुनिक जीवन शैली में इतना व्यस्त है कि उसे अपने शरीर का भान नहीं रहता। यही वजह है कि रोग से ग्रस्त हो जाने के बाद ही उसे पता चलता है कि शरीर रोगी बन गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। अब उसे डॉक्टर या भगवान ही बचा सकता है। लेकिन योग ...
17
18
आमतौर पर यह धारणा प्रचलित है कि संभोग के अनेक आसन होते हैं। 'आसन' कहने से हमेशा योग के आसन ही माने जाते रहे हैं। जबकि संभोग के सभी आसनों का योग के आसनों से...
18
19

उपनिषदों में योग चर्चा

बुधवार,जुलाई 5, 2017
योग हिन्दू जाति की सबसे प्राचीन तथा सबसे समीचीन संपत्ति है। यही एक ऐसी विद्या है जिसमें वाद-विवाद को कहीं स्थान नहीं, यही वह एक कला है जिसकी साधना से अनेक लोग अजर-अमर होकर देह रहते ही सिद्ध-पदवी को पा गए।
19