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Written By WD Feature Desk
Last Updated : सोमवार, 9 फ़रवरी 2026 (16:06 IST)

फाल्गुन मास की अमावस्या कब है, क्या है इसका महत्व, जानिए मुहूर्त और करें उपाय

अमावस्या पूजन से संबंधित फोटो
Phalguna Amavasya festival : फाल्गुन मास की अमावस्या हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष फाल्गुन माह के अमावस्या तिथि को होती है। यह तिथि फरवरी और मार्च के बीच आती है। वर्ष 2026 में यह अमावस्या 17 फरवरी को है, जो कि मंगलवार को पड़ने के कारण भौमवती तथा दर्श अमावस्या के नाम से भी जानी जाएगी। बता दें कि 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। अत: इस तिथि का महत्व अधिक बढ़ गया है।ALSO READ: February 2026 Festivals: फरवरी माह के प्रमुख व्रत एवं त्योहार
 
  • फाल्गुन अमावस्या का महत्व
  • फाल्गुन अमावस्या 2026 की तिथि और मुहूर्त
  • सूर्य ग्रहण का विशेष संयोग
  • पितृ तर्पण
  • दीपदान
  • दान और पुण्य कार्य
  • गायत्री मंत्र का जप
  • स्नान और व्रत
  • कर्ज मुक्ति के लिए उपाय
  • पीपल की पूजा
 

आइए यहां जानते हैं इसका महत्व, पूजन के मुहूर्त, तिथि और उपाय के बारे में विशेष जानकारी...

 

फाल्गुन अमावस्या का महत्व

 
फाल्गुन अमावस्या को विशेष रूप से पितरों के प्रति श्रद्धा और उन्हें तृप्त करने का दिन माना जाता है। इस दिन को पितृ अमावस्या भी कहते हैं। इसे पितरों के तर्पण और श्राद्ध करने का विशेष महत्व है। पितरों की आत्मा को शांति और मोक्ष प्राप्त करने के लिए इस दिन तर्पण और पूजा करना शुभ माना जाता है। यह दिन बुरे कर्मों से मुक्ति पाने, जीवन में शांति और सुख प्राप्त करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और उपायों से जीवन की परेशानियों से निजात मिलती है।
 

फाल्गुन अमावस्या 2026 की तिथि और मुहूर्त

 
फाल्गुन अमावस्या की तारीख- 17 फरवरी 2026, मंगलवार
 
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 16 फरवरी 2026 को शाम 05:34 बजे से
 
अमावस्या तिथि समाप्त: 17 फरवरी 2026 को शाम 05:30 बजे तक
 
स्नान-दान का शुभ मुहूर्त: 17 फरवरी सुबह ब्रह्म मुहूर्त 05:16 से 06:07 बजे तक।
 

सूर्य ग्रहण का विशेष संयोग

17 फरवरी 2026, दिन मंगलवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है, जो कि वलयाकर सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण शाम 05:26 बजे से शुरू होकर 07:57 बजे तक रहेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और आप बिना किसी संकोच के पूजा-पाठ व दान कर सकेंगे।
 

पूजा विधि:

 
* फाल्गुन अमावस्या के दिन प्रातः सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
* घर के मंदिर में दीपक जलाएं और भगवान से अपने पितरों के लिए आशीर्वाद और शांति की कामना करें।
* यदि संभव हो तो पितरों का नाम लेकर उन्हें तर्पण दें, उनका श्राद्ध करें।
* गायत्री मंत्र का जाप करें और गरीबों को दान करें।
 

फाल्गुन अमावस्या के उपाय:

 

1. पितृ तर्पण

इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करना शुभ रहता है। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और जीवन में खुशहाली आती है। इस दिन कई धार्मिक और आध्यात्मिक क्रियाएं की जाती हैं।
 

2. दीपदान

अमावस्या की रात को दीप जलाना विशेष फलदायक होता है। यह अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का प्रतीक है और जीवन में सकारात्मकता लाता है।
 

3. दान और पुण्य कार्य

इस दिन गरीबों को वस्त्र, अन्न, या धन का दान करना पुण्य और सुख का कारण बनता है। यह दिन दान का भी विशेष महत्व रखता है।
 

4. गायत्री मंत्र का जप

फाल्गुन अमावस्या को गायत्री मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और सुख की प्राप्ति होती है। यह मंत्र दिव्य ऊर्जा का संचार करता है और जीवन में सफलता दिलाने में मदद करता है।
 

5. स्नान और व्रत

इस दिन विशेष रूप से गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना शुभ माना जाता है। यदि ऐसा संभव न हो, तो घर पर गंगाजल या पवित्र जल से स्नान करना भी लाभकारी होता है।

 

6. कर्ज मुक्ति के लिए उपाय

चूंकि फाल्गुन अमावस्या के दिन मंगलवार है, इसलिए हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक व सिंदूर अर्पित करें।
 

7. पीपल की पूजा

अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की जड़ में कच्चा दूध और जल अर्पित करें। शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे पितृ दोष और शनि दोष शांत होते हैं।
 
फाल्गुन अमावस्या का दिन विशेष रूप से तामसिक दोषों से मुक्ति पाने का अवसर है। अगर आप इस दिन पूजा और उपाय सही तरीके से करते हैं, तो यह आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Phalgun Festivals List 2026 : हिंदू कैलेंडर का अंतिम माह, फाल्गुन मास, जानिए इसका महत्व और व्रत त्योहारों की लिस्ट

Edited BY: Raajshri Kasliwal