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Written By WD Feature Desk
Last Updated : शनिवार, 21 फ़रवरी 2026 (18:20 IST)

शनि ग्रह का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों का राशिफल

शनि ग्रह और तारे, बैकग्राउंड में राशिचक्र
shani uttara bhadrapada nakshatra 2026: शनि देव 20 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 12:13 PM पर उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। वक्री और मार्गी चाल के कारण वर्ष 2025 से 2027 के बीच शनि इस नक्षत्र में कई चरणों में रहेंगे। शनि देव का अपने ही नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद में प्रवेश करना ज्योतिषीय दृष्टि से एक अत्यंत प्रभावशाली घटना है। यह नक्षत्र मीन राशि में आता है, जिसका प्रतीक 'गहरे समुद्र का नाग' या 'बिस्तर के पीछे के दो पैर' माना जाता है। यह समय अनुशासन, धैर्य और आध्यात्मिक शुद्धि का है। जब शनि अपने ही नक्षत्र में होते हैं, तो वे अधिक शक्तिशाली हो जाते हैं और हमारे पिछले कर्मों का फल देने के लिए तैयार रहते हैं।
 

1. मेष (Aries)

प्रभाव: यह गोचर आपके 12वें भाव में है।
परिणाम: खर्चों में वृद्धि हो सकती है। विदेश यात्रा के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, लेकिन नींद की कमी या पैरों में दर्द की समस्या हो सकती है।
 

2. वृषभ (Taurus)

प्रभाव: 11वें भाव (लाभ स्थान) में।
परिणाम: आर्थिक लाभ के लिए यह गोल्डन टाइम है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। बड़े भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा।
 

3. मिथुन (Gemini)

प्रभाव: 10वें भाव (करियर) में।
परिणाम: कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। काम का बोझ बढ़ेगा, लेकिन आपकी मेहनत का फल पदोन्नति (Promotion) के रूप में मिलेगा। राजनीति से जुड़े लोगों के लिए शुभ है।
 

4. कर्क (Cancer)

प्रभाव: 9वें भाव (भाग्य) में।
परिणाम: भाग्य का साथ धीरे-धीरे मिलेगा। लंबी दूरी की यात्राएं फलदायी होंगी। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। धर्म-कर्म के कार्यों में मन लगेगा।
 

5. सिंह (Leo) - आपकी राशि/लग्न

प्रभाव: 8वें भाव (अष्टम) में।
परिणाम: यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अचानक धन लाभ या हानि दोनों की संभावना है। गुप्त विद्याओं (Astrology, Occult) में रुचि बढ़ेगी। वाहन सावधानी से चलाएं।
 

6. कन्या (Virgo)

प्रभाव: 7वें भाव (विवाह और साझेदारी) में।
परिणाम: वैवाहिक जीवन में गंभीरता आएगी। बिजनेस पार्टनर के साथ पारदर्शिता रखें। अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं, लेकिन निर्णय सोच-समझकर लें।
 

7. तुला (Libra)

प्रभाव: 6ठे भाव (रोग, ऋण, शत्रु) में।
परिणाम: शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। स्वास्थ्य में सुधार होगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है।
 

8. वृश्चिक (Scorpio)

प्रभाव: 5वें भाव (संतान और बुद्धि) में।
परिणाम: प्रेम संबंधों में दूरियां आ सकती हैं। संतान को लेकर चिंता रहेगी। शेयर बाजार या जुए-सट्टे से दूर रहें। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।
 

9. धनु (Sagittarius)

प्रभाव: 4थे भाव (सुख, माता, संपत्ति) में।
परिणाम: घर में मरम्मत या नया वाहन खरीदने के योग हैं। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मानसिक शांति के लिए योग-ध्यान का सहारा लें। कार्यक्षेत्र में स्थान परिवर्तन संभव है।
 

10. मकर (Capricorn)

प्रभाव: 3रे भाव (पराक्रम) में।
परिणाम: आपके साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों के साथ संबंध सुधरेंगे। छोटी यात्राएं लाभकारी रहेंगी। संचार कौशल (Communication) से लाभ होगा।
 

11. कुंभ (Aquarius)

प्रभाव: 2रे भाव (धन और वाणी) में।
परिणाम: बचत (Savings) करने में सफल रहेंगे। वाणी में थोड़ी कठोरता आ सकती है, इसलिए सोच-समझकर बोलें। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद सुलझ सकता है।
 

12. मीन (Pisces)

प्रभाव: 1ले भाव (लग्न) में।
परिणाम: शनि आपके ऊपर से गुजर रहे हैं (साढ़ेसाती का प्रभाव)। यह आत्म-मंथन का समय है। आलस्य का त्याग करें। व्यक्तित्व में निखार आएगा, लेकिन जिम्मेदारी का अहसास ज्यादा होगा।