Navratri 2026 last day date: साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की महानवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी। यह दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप, मां सिद्धिदात्री को समर्पित है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, मां सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियों और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली हैं। धार्मिक महत्व के अनुसार नवरात्रि के नौ दिनों की साधना का फल इसी दिन मिलता है। यह दिन सिद्धि और सफलता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन की गई पूजा, साधना और उपाय विशेष फलदायी माने जाते हैं।
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महानवमी के दिन यदि आप श्रद्धापूर्वक कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो माता की असीम कृपा प्राप्त होती है। यहां 5 अचूक उपाय दिए गए हैं:
1. सबसे महत्वपूर्ण उपाय- कन्या पूजन/ कंजक पूजन
नवमी के दिन 2 से 10 वर्ष की आयु की 9 कन्याओं को घर बुलाकर उनका पूजन करें।
उनके पैर धोएं, उन्हें कुमकुम का तिलक लगाएं और आदरपूर्वक भोजन कराएं।
भोजन में काले चने, हलवा और पूरी का भोग जरूर लगाएं।
सामर्थ्य अनुसार भेंट नकदी दक्षिणा या फल देकर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
2. मां सिद्धिदात्री को कमल का पुष्प अर्पण
मां सिद्धिदात्री को कमल का फूल अत्यंत प्रिय है। यदि कमल उपलब्ध न हो, तो लाल गुलाब या गुड़हल के फूल चढ़ाएं। इससे मानसिक शांति मिलती है और करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
3. 'नर्वाण मंत्र' का जाप
घर में सकारात्मक ऊर्जा के संचार और अटके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए महानवमी के दिन 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' मंत्र का 108 बार यानी एक माला जाप करें। यह मंत्र मां के तीनों रूपों (महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती) की शक्ति को जागृत करता है।
4. सुहाग सामग्री का दान
5. भोग, हवन और दीप दान
मां सिद्धिदात्री को तिल का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है, इससे अनहोनी घटनाओं से रक्षा होती है। नवरात्रि के अंतिम दिन घर में छोटा सा हवन जरूर करें। हवन सामग्री में कपूर, गूगल और लौंग का जोड़ा डालकर आहुति दें। शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर और तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं, जिससे मां लक्ष्मी का वास बना रहे।
चैत्र नवरात्रि महानवमी FAQs
Q1. 2026 में चैत्र नवरात्रि की महानवमी कब है?
2026 में महानवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी, जो चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन होता है।
Q2. महानवमी के दिन किस देवी की पूजा होती है?
इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।
Q3. महानवमी का महत्व क्या है?
यह दिन सिद्धि, सफलता और मनोकामनाओं की पूर्ति का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि की साधना का फल इसी दिन प्राप्त होता है।
Q4. महानवमी पर कन्या पूजन क्यों किया जाता है?
कन्या पूजन में छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है, जिससे मां दुर्गा की विशेष कृपा मिलती है।
Q5. महानवमी पर क्या उपाय करने चाहिए?
मां सिद्धिदात्री की पूजा, मंत्र जाप (ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः), कन्या पूजन और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।
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