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Written By WD Feature Desk
Last Modified: शनिवार, 28 फ़रवरी 2026 (19:07 IST)

ईरान इजराइल अमेरिका युद्ध: ज्योतिष में किसकी जीत का संकेत? जानिए भविष्यवाणी

Iran and Israel war Prediction
Iran and Israel war: ज्योतिषीय गणना और ग्रहों की चाल के आधार पर फरवरी-मार्च 2026 का समय पूरी दुनिया और विशेषकर मध्य-पूर्व (Middle East) के लिए बहुत उथल-पुथल वाला दिखाई दे रहा है। यहां ज्योतिष के नजरिए से इजराइल-ईरान या अमेरिका ईरान युद्ध और वैश्विक स्थिति का विश्लेषण दिया गया है। खास बात यह कि इस युद्ध का आखिर क्या होगा परिणाम?
 

1. ग्रहों का खेल: मंगल और शनि का कनेक्शन

कुंभ में मंगल: ज्योतिष में मंगल को युद्ध, रक्त और क्रोध का कारक माना जाता है, जबकि शनि विनाश, न्याय और लंबी चलने वाली बाधाओं का। वर्तमान में शनि की राशि कुंभ में मंगल का गोचर चल रहा है जो कि 2 अप्रैल तक रहेगा। इस समय आकाश मंडल में मंगल और शनि का एक-दूसरे पर प्रभाव पड़ रहा है। जब भी ये दो क्रूर ग्रह आमने-सामने होते हैं, एक दूसरे की राशि में होते हैं या युति करते हैं, तो दुनिया में बड़े युद्ध या भीषण प्राकृतिक आपदाओं के योग बनते हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि युद्ध केवल कुछ दिनों का नहीं, बल्कि लंबे समय तक खिंचने वाला हो सकता है।
 

2. 3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण: एक अशुभ संकेत?

दो ग्रहण पास पास: हाल ही में 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण के दौरान वैश्‍विक तनाव चरम पर था और अब आगामी 3 मार्च 2026 को लगने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण (जो होली के दिन है) ज्योतिष की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। सूर्य ग्रहण धरती पर और चंद्र ग्रहण समुद्र पर असर डालता है। इसके चलते युद्ध के साथ ही प्राकृतिक आपदा की परिस्थिति बनती है।
 
अग्नि तत्व की राशि: यह चंद्र ग्रहण जिस नक्षत्र और राशि में पड़ रहा है, वह अग्नि तत्व से प्रभावित है। युद्ध के बीच ग्रहण का होना "अग्नि वर्षा" या मिसाइल हमलों में तेजी का संकेत देता है।
 
राजाओं/नेताओं पर संकट: मुण्डन ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण के समय युद्ध होना सत्ता परिवर्तन या किसी बड़े वैश्विक नेता (जैसे नेतन्याहू या खामनेई) के लिए शारीरिक या राजनीतिक संकट पैदा कर सकता है। मुण्डन ज्योतिष में ग्रहण का प्रभाव शासकों पर पड़ता है।
 

3. इजराइल और ईरान की कुंडलियां:

इजराइल की कुंडली:
इंटरनेट पर प्रचलित कुंडली के अनुसार इजराइल (स्थापना दिवस 14-15 मई 1948) की कुंडली में राहु की महादशा चल रही है। इसी के साथ ही राहू-केतु का प्रभाव है, जो उसे बहुत बैचेन और आक्रामक बनाता है। वर्तमान में राहु का प्रभाव और मंगल की दशाएं उन्हें अत्यधिक आक्रामक बना रही हैं। इजराइल में डर के साथ ही आक्रामकता का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष के अनुसार, इजराइल इस युद्ध में अत्यधिक घातक हथियारों का प्रयोग करेगा और उसे ऊपरी हाथ मिल सकता है। इजराइल की कुंडली कन्या लग्न (कुछ गणनाओं के अनुसार तुला लग्न) और राशि कर्क है, जो उसे अपनी ज़मीन के प्रति बेहद भावुक और रक्षात्मक बनाती है।
 
ईरान की कुंडली:
इंटरनेट पर प्रचलित कुंडली के अनुसार ईरान (1 अप्रैल 1979 स्थापना समय) की राशि वृषभ है लेकिन लग्न सिंह है। सिंह लग्न होने के कारण ईरान का स्वभाव अत्यधिक स्वाभिमानी, अडिग और सत्ता के प्रति कट्टर है। ईरान की वृषभ राशि पर इस समय शनि की दसवीं दृष्टि है। यह ज्योतिष में 'दंड' या 'परीक्षा' का समय माना जाता है। ईरान की कुंडली में वर्तमान में गुरु (Jupiter) की महादशा चल रही है, लेकिन मंगल का गोचर उसे युद्ध की आग में धकेल रहा है। इन ग्रह गोचर के कारण ईरान को आंतरिक विद्रोह और भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। उसकी सैन्य शक्ति तो मजबूत रहेगी, लेकिन जनता का असंतोष उसे कमजोर कर सकता है। जून तक ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना प्रबल नजर आ रही है।
 

निष्कर्ष (ज्योतिषीय भविष्यवाणी):

ज्योतिष के अनुसार, मार्च 2026 का मध्य इस युद्ध का सबसे विनाशकारी समय हो सकता है। अप्रैल के अंत तक ग्रहों की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे बड़े देशों के हस्तक्षेप के बाद युद्ध विराम (Ceasefire) की स्थितियां बन सकती हैं, लेकिन यह तय है कि ईरान में खोमनई की जान पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। हालांकि ज्योतिष केवल संकेत देता है, युद्ध का परिणाम मानवीय निर्णयों पर निर्भर है।