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Written By WD Feature Desk
Last Modified: सोमवार, 16 फ़रवरी 2026 (15:33 IST)

फाल्गुन अमावस्या पर करें ये 3 खास उपाय, पितृदोष से मुक्ति और पितरों का आशीर्वाद मिलेगा

Falgun Amavasya AI
Phalguna Amavasya: फाल्गुन मास की अमावस्या 17 फरवरी 2026 को है, जो कि मंगलवार को पड़ने के कारण भौमवती तथा दर्श अमावस्या के नाम से भी जानी जाएगी। इसी दिन 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। अत: इस तिथि का महत्व अधिक बढ़ गया है। इस दिन पितृदोष से मुक्ति के लिए मात्र 3 उपाय जरूर करें।
 

1. पीपल में दीपक:

अमावस्या के दिन शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसो के तेल का दीपक लगाएं और अपने पितरों को स्मरण करें। पीपल की सात परिक्रमा लगाएं और कुछ अन्य जल रखकर लौट आएं। कर्पूर जलाने से देवदोष व पितृदोष का शमन होता है। प्रतिदिन सुबह और शाम घर में संध्यावंदन के समय कर्पूर जरूर जलाएं। कर्पूर को घी में डूबोकर फिर जलाएं और कभी कभी गुढ़ के साथ मिलाकर भी जलाएं।
 

2. हनुमान जी की पूजा:

फाल्गुन अमावस्या के दिन रात में हनुमान मंदिर जाकर आटे के दीपक प्रज्वलित करके वहीं बैठकर 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें और फिर गुड़ एवं चने का प्रसाद बांटें। ऐसा करने से जीवन में आ रही सभी समस्याओं का अंत होगा।
 

3. पिंडदान या तर्पण करें:

नदी के तट पर किसी योग्य पंडित से पिंडादान या तर्पण की क्रिया कराएं और उन्हें दान दक्षिणा दें। इस दिन नदी, जलाशय या कुंड आदि में स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पितरों का तर्पण करें। पितरों की आत्मा की शांति के लिए उपवास करें और किसी गरीब व्यक्ति को दान-दक्षिणा दें। इससे पितृदोष और कालसर्प दोष का निवारण होगा। जीवन में आ रही बाधा दूर होगी।