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लॉकडाउन में अप्रैल फूल बनाना कहीं भारी ना पड़ जाए, जानिए खास 5 बातें

मंगलवार,मार्च 31, 2020
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चैत्र शुक्ल पक्ष की द्वादशी को वामन द्वादशी व्रत किया जात है। वामन द्वादशी 5 अप्रैल 2020 को है। इस दिन भगावन वामन की पूजा और आराधना के साथ ही व्रत करने और कथा सुनने का महत्व है। वैसे भाद्र शुक्ल द्वादशी में वामन जयंती आती है। भगवान वामन विष्णु के 10 ...
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धर्मराज दशमी का व्रत व त्योहार चैत्र शुक्ल पक्ष की दशमी को है। धर्मराज को यमराज भी कहते हैं। यमराज को पितृपति और दण्डधर भी कहते हैं।
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प्रत्येक माह में दो चतुर्थी होती है। इस तरह 24 चतुर्थी और प्रत्येक तीन वर्ष बाद अधिमास की मिलाकर 26 चतुर्थी होती है। सभी चतुर्थी की महिमा और महत्व अलग-अलग है। आओ जानते हैं चतुर्थी का व्रत करने के 5 लाभ।
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गुहराज निषाद ने अपनी नाव में प्रभु श्रीराम को गंगा के उस पार उतारा था। आज गुहराज निषाद के वंशज और उनके समाज के लोग उनकी पूजा अर्चन करते हैं। चैत्र शुक्ल पंचमी को उनकी जयंती है। अंग्रेजी तारीख के अनुसार 29 मार्च को। आओ जानते हैं केवट प्रसंग के प्रमुख ...
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चैत्र में शुक्ल पक्ष की तृतीया को भगवान विष्णु का मत्स्य अवतार हुआ था। इस अवतार की कथा मत्स्य पुराण में मिलती है। पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु ने सृष्टि को प्रलय से बचाने के लिए मत्स्यावतार लिया था। मत्स्य अर्थात मछली। कहते हैं इस अवतार में ...
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सिंध प्रांत के हिन्दुओं में झूलेलाल को पूजने पूजने की बहुत मान्यता है। सिंध प्रांत के हिन्दुओं को सिंधी कहा जाता है। आओ जानते उनके बारे में पांच खास बातें। झूलेलाल की जयंती चैत्र शुक्ल माह की द्वितीया को आती है।
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21 मार्च 2020, शनिवार को शनि प्रदोष व्रत है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि की शांति एवं शिव जी प्रसन्न करने के लिए शनि प्रदोष के दिन का अधिक महत्व है।
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इस बार पहला शनि प्रदोष व्रत जहां 7 मार्च को मनाया गया, वहीं दूसरा शनि प्रदोष व्रत 21 मार्च 2020, शनिवार को मनाया जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान शनिदेव को मनाने के ऐसे कई उपाय हैं जिनके द्वारा शनि की शांति होती है इसमें शनि प्रदोष के दिन ...
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20 मार्च को मां कर्मादेवी जयंती मनाई जा रही है। मां कर्मादेवी भगवान की महान भक्त थीं, इसलिए श्रीकृष्ण ने उन्हें साक्षात दर्शन दिए थे।
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शहर में दशा माता व्रत पूजा बुधवार को मनाई जा रही है। हिन्दू धर्म में दशा माता की पूजा तथा व्रत करने का विधान है। माना जाता है कि जब मनुष्य की दशा ठीक होती है तब उसके सभी कार्य अनुकूल होते हैं, किंतु जब यह प्रतिकूल होती है तब मनुष्य को बहुत परेशानी ...
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15 मार्च 2020, रविवार को एकनाथ षष्‍ठी मनाई जा रही है। प्रसिद्ध मराठी संत एकनाथ जी का जन्म हिन्दू कैलेंडर के अनुसार चैत्र कृष्ण षष्ठी को पैठण में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री सूर्यनारायण तथा माता का नाम रुक्मिणी था।
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Sankashti Chaturthi पर कई क्षेत्रों में 21 लड्डू बनाए जाते हैं और उनमें से एक लड्डू नमक का बनता है। उपवास खोलते समय यही लड्डू खाने होते हैं और जब नमक का लड्डू आ जाए तो फिर खाना बंद कर देना चाहिए। मान लीजिए पहली बार में ही नमक का लड्डू आ जाए तो फिर ...
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Ganesh Chalisa- जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥ जय जय जय गणपति राजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥ जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥
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हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार चैत्र कृष्ण द्वितीया यानी होली-धुलेंड़ी के अगले दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा की जाती है। इस वर्ष 11 मार्च 2020, बुधवार को भगवान चित्रगुप्त का पूजन-अर्चन किया जाएगा।
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फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को गोविंद द्वादशी व्रत होता है। इस वर्ष यह 07 मार्च 2020 को है, मत-मतांतर के चलते कई स्थानों पर यह व्रत 6 मार्च, शुक्रवार को भी किया जाएगा।
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आप भी शनि प्रदोष व्रत करना चाहते हैं तो आपको इस विधिपूर्वक एकमग्न होकर शिवजी का पूजन करना चाहिए। आइए जानें शनि प्रदोष व्रत-पूजन की सरल विधि...
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इस वर्ष रंगभरी एकादशी 06 मार्च दिन शुक्रवार को है।इसे आमलकी एकादशी भी कहते हैं।
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एक वैदिश नाम का नगर था जिसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र चारों वर्ण आनंद सहित रहते थे। उस नगर में सदैव वेद ध्वनि गूंजा करती थी तथा पापी, दुराचारी तथा नास्तिक
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भगवान विष्णु ने कहा है जो प्राणी स्वर्ग और मोक्ष प्राप्ति की कामना रखते हैं, उनके लिए फाल्गुन शुक्ल पक्ष में जो पुष्य नक्षत्र में एकादशी आती है उस एकादशी का व्रत अत्यंत श्रेष्ठ है
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