दुर्लभ वारुणी पर्व, ये 5 काम कर लिए तो मिलेगा हजारों यज्ञों के बराबर पुण्य
Varuni festival: आज 17 मार्च 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ है। आज का दिन महादेव और हनुमान जी की साधना के साथ-साथ एक अत्यंत दुर्लभ 'वारुणी योग' का साक्षी बन रहा है। यह योग वर्षों बाद बनता है। चलिए जानते हैं इस दिन क्या खास उपाय करना चाहिए।
1. धार्मिक महत्व:
आज वारुणी योग का विशेष संयोग बन रहा है। शास्त्रों (नारद और स्कंद पुराण) के अनुसार, जब चैत्र कृष्ण त्रयोदशी के दिन शतभिषा नक्षत्र का मेल होता है, तो उसे 'वारुणी योग' कहा जाता है।
महत्व: इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करना करोड़ों सूर्य ग्रहणों के दौरान किए गए स्नान के समान पुण्यदायी माना गया है।
उपाय: यदि आप नदी स्नान नहीं कर सकते, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। यह "हजारों यज्ञों" के समान फल देने वाला माना जाता है। ये पांच कार्य जरूर करें- 1.स्नान, 2.दान, 3. तर्पण, 4.शिव पूजा, 5.हनुमान पूजा
2. मासिक शिवरात्रि और मधु कृष्ण त्रयोदशी
आज मासिक शिवरात्रि का व्रत भी रखा जा रहा है।
शिव साधना: चैत्र मास की त्रयोदशी तिथि सुबह 09:23 AM तक है, जिसके बाद चतुर्दशी शुरू हो जाएगी। भगवान शिव का जलाभिषेक और "ॐ नमः शिवाय" का जाप आज मानसिक शांति और बाधाओं से मुक्ति दिलाएगा।
रंग तेरस: कुछ क्षेत्रों में आज रंग तेरस का उत्सव भी मनाया जा रहा है।