सम्बंधित जानकारी
- होलाष्टक के 8 दिनों में किस दिन क्या करें और क्या नहीं?
- Holashtak 2026: होलाष्टक कब शुरू होगा और कब होगा समाप्त, क्या करें और क्या नहीं?
- Phalgun Festivals List 2026 : हिंदू कैलेंडर का अंतिम माह, फाल्गुन मास, जानिए इसका महत्व और व्रत त्योहारों की लिस्ट
- Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (24 फरवरी, 2026)
- कुंभ राशि में चतुर्ग्रही योग का धमाका, सिंह सहित इन राशियों की बदलेगी किस्मत
Holashtak 2026: होलाष्टक के 8 दिन क्यों माने जाते हैं अशुभ? जानें 12 राशियों पर क्या पड़ेगा असर
Effect of Holashtak on 12 Zodiac Signs: होली के पहले 8 दिनों का समय को होलाष्टक कहते हैं। इन आठ दिनों में हिरण्यकश्यप ने भक्त प्रहलाद तो प्राताड़ित किया था। भगवान शिव द्वारा कामदेव को भस्म करने के बाद देवी रति ने उन्हें पुनर्जीवित कर देने के लिए शिवजी से प्रार्थना की थी। और इन आठ दिनों में सभी ग्रह अपनी उग्रावस्था में रहते हैं। इसलिए इन आठ दिनों को अशुभ मानकर कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है। 3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्रग्रहण भी लग रहा है, जो भारत में दिखाई देगा। इस कारण होलाष्टक का प्रभाव और भी संवेदनशील हो गया है।
होलाष्टक के दिनों में 8 ग्रह होते हैं उग्र:
1. ज्योतिष विद्वानों के अनुसार अष्टमी को चंद्रमा, नवमी तिथि को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र और द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल तथा पूर्णिमा को राहु उग्र स्वभाव के हो जाते हैं।
2. इन ग्रहों के निर्बल होने से मनुष्य की निर्णय क्षमता क्षीण हो जाती है। इस कारण मनुष्य अपने स्वभाव के विपरीत फैसले कर लेता है।
3. यही कारण है कि व्यक्ति के मन को रंगों और उत्साह की ओर मोड़ दिया जाता है। इसलिए शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं।
4. होलाष्टक के आठ दिनों को व्रत, पूजन और हवन की दृष्टि से अच्छा समय माना गया है।
होलाष्टक का प्राकृतिक कारण:
इस दिन से मौसम परिवर्तन होता है, सूर्य का प्रकाश तेज हो जाता है और साथ ही हवाएं भी ठंडी रहती है। ऐसे में व्यक्ति रोग की चपेट में आ सकता है और मन की स्थिति भी अवसाद ग्रस्त रहती है। इसीलिए मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
होलाष्टक का 12 राशियों पर शुभ अशुभ प्रभाव
वर्ष 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी (मंगलवार) से शुरू हो रहा है और 3 मार्च (मंगलवार) को होलिका दहन के साथ समाप्त होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन 8 दिनों में सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु जैसे ग्रह उग्र स्वभाव में रहते हैं, इसलिए किसी भी शुभ कार्य (विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि) की मनाही होती है।
12 राशियों पर होलाष्टक 2026 का संभावित प्रभाव इस प्रकार है:
सकारात्मक/सामान्य प्रभाव वाली राशियां
वृषभ (Taurus): आर्थिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन निवेश सोच-समझकर करें।
सिंह (Leo): करियर में स्थिरता आएगी। आपकी कार्यक्षमता की सराहना होगी।
धनु (Sagittarius): पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। नौकरी में बदलाव के लिए समय अनुकूल है।
मीन (Pisces): रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
मध्यम प्रभाव वाली राशियां
मेष (Aries): कामकाज में व्यस्तता रहेगी। खर्चे बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें।
कन्या (Virgo): नए लोगों से संपर्क होगा, लेकिन सेहत के प्रति लापरवाही न बरतें।
तुला (Libra): मेहनत का फल मिलेगा, पर परिवार में छोटी बातों पर बहस से बचें।
मकर (Capricorn): करियर में मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। परिणाम मिलने में देरी हो सकती है।
सावधान रहने वाली राशियां
मिथुन (Gemini): भाग्य का साथ थोड़ा कम मिलेगा। ईगो के कारण रिश्तों में दूरी आ सकती है।
कर्क (Cancer): कार्यस्थल पर वरिष्ठों से मतभेद हो सकते हैं। मानसिक तनाव से बचें।
वृश्चिक (Scorpio): आपकी राशि में चंद्रमा की स्थिति के कारण आप उदास या आशंकित महसूस कर सकते हैं। वाद-विवाद से दूर रहें।
कुंभ (Aquarius): मंगल के गोचर के कारण क्रोध बढ़ सकता है। वाहन चलाते समय और धन के लेनदेन में सतर्क रहें।
