अयोध्या राम मंदिर में नई समस्या! 23 कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा
चढ़ावे में घटे बड़े नोट, 10 और 20 के नोटों की संख्या बढ़ी, छोटे नोटों की गिनती में ज्यादा मशक्कत बनी इस्तीफे के कारण
Ram Mandir donation counting staff resignation: अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुए चढ़ावा और दान चोरी प्रकरण के बाद से नित नए खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब राम मंदिर के भीतर से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने 9 जुलाई को सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।
क्यों दिया कर्मचारियों ने इस्तीफा?
इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों के सामने एक अजीबोगरीब संकट खड़ा हो गया है। मंदिर के सूत्रों के मुताबिक दानपात्रों में अचानक 10 और 20 रुपए के नोटों की संख्या अत्यधिक बढ़ गई है। इसके विपरीत, 500 रुपए के नोटों की संख्या में भारी गिरावट आई है। दरअसल, छोटे नोटों की संख्या इतनी ज्यादा है कि उनकी गिनती करने और गड्डियां बनाने में कर्मचारियों को पहले से कहीं ज्यादा समय और कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, जिससे परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। ALSO READ: अयोध्या आहत है… रामलला के घर 'लूट' ने आस्था को घायल किया, सरयू किनारे गूंज रहा एक ही सवाल— 'अब न्याय कब?'
रामभक्तों के विश्वास को पहुंची ठेस
इस पूरे बदलाव से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि दान चोरी की इस घटिया और तुच्छ घटना ने देश-दुनिया के रामभक्तों को कितना गहरा आघात पहुंचाया है। भक्तों का भरोसा इस कदर डगमगाया है कि उन्होंने मंदिर में बड़ा कैश (500 के नोट) चढ़ाना बंद या बेहद कम कर दिया है।
अयोध्या के अन्य मंदिरों पर भी बुरा असर
चढ़ावा चोरी की घटना का असर सिर्फ राम जन्मभूमि मंदिर तक ही सीमित नहीं है। इसका सीधा और बड़ा असर अयोध्या के अन्य छोटे-बड़े मंदिरों के चढ़ावे और दान पर भी देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं के बीच उपजे अविश्वास के कारण पूरी धर्मनगरी के मंदिरों की दान व्यवस्था प्रभावित हुई है। ALSO READ: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद श्रद्धालुओं की संख्या घटी, अयोध्या की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर
नृपेन्द्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे
दूसरी ओर, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा अपने दो दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले प्रभु रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन किए और इसके बाद मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में दान पात्रों से हुई चढ़ावा चोरी की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और कलंक' बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्थाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।
निर्माण समिति की महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर निर्माण की प्रगति और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके तहत निम्नलिखित लक्ष्य तय किए गए हैं। राम मंदिर के सभी प्रमुख निर्माण कार्यों को 30 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य है। हुतात्मा स्मारक का निर्माण जुलाई के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। शेष 4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का काम 30 सितंबर तक पूरा होगा। इसके साथ ही मंदिर का भव्य ऑडिटोरियम दिसंबर 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा। ALSO READ: अयोध्या कांड में जीजा-साले निकले महाचोर, दान चोरी में अब होगी ED और IT की एंट्री
अखंड ज्योति और राम कथा संग्रहालय
पुराने मंदिर स्मारक का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जहां अब चौबीसों घंटे अखंड ज्योति जलाने की विशेष तैयारी की जा रही है। राम कथा संग्रहालय की 20 गैलरियों की स्टोरीलाइन पूरी तरह तैयार हो चुकी है।
नए सीईओ की नियुक्ति : मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत व पारदर्शी बनाने के लिए एक पूर्णकालिक सीईओ (CEO) की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी सिफारिशों के आधार पर ट्रस्ट अंतिम फैसला लेगा।

