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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद श्रद्धालुओं की संख्या घटी, अयोध्या की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर

​Ram Mandir Theft Impact
Ram Mandir Theft Impact: विश्व में हिंदू आस्था का सर्वोच्च प्रतीक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, जिसे 550 वर्षों के लंबे संघर्ष और अनगिनत बलिदानों के बाद प्राप्त किया गया, आज एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम का सामना कर रहा है। श्रीराम लला की मंदिर व्यवस्था को देखने वाले कुछ लोगों ने ही कथित तौर पर आस्था के चढ़ावे पर कुदृष्टि डालकर उसे लूट लिया। इस घटना की सीधी चोट संपूर्ण विश्व से अयोध्या आने वाले रामभक्तों की आस्था और दिल पर भी पहुंची है।

​श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट

​इस चोरी की घटना के बाद अयोध्या आने वाले रामभक्तों की संख्या में चौंकाने वाली कमी देखी जा रही है। ​घटना से पहले आम दिनों में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1 लाख से 1.5 लाख तक होती थी। लेकिन, चढ़ावा चोरी की घटना के सामने आने के बाद यह संख्या घटकर अब मात्र 50 हजार से 70 हजार के बीच रह गई है।
श्रद्धालुओं की इस कमी का सीधा प्रभाव अयोध्या के सभी छोटे-बड़े व्यवसायों पर पड़ा है। यहां के रेस्टोरेंट और होटल खाली पड़े हैं, प्रसाद के काउंटर भरे के भरे रह जा रहे हैं और राम मंदिर सहित अयोध्या के विभिन्न अन्य मंदिरों के चढ़ावे पर भी इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है।

​क्या है रामभक्तों का कहना?

​इस संकट की तह तक जाने के लिए 'वेबदुनिया' ने अयोध्या आए श्रद्धालुओं, स्थानीय व्यवसायियों और अर्थजगत के जानकारों से बात की। उन्होंने इस घटना पर नाराजगी जाहिर की। ​पंजाब से रामजी के दर्शन करने आए श्रद्‍धालु सौरभ अरोड़ा ने कहा कि श्रीराम हमारे आस्था के प्रतीक हैं, उनका दर्शन तो हम करेंगे ही। किन्तु जो हमने मंदिर में चढ़ावे के लिए मन बनाया था, वह बदल गया है। अब मंदिर (ट्रस्ट) में दान न देकर हम किसी गरीब की मदद कर देंगे।
 
​मुंबई से आए श्रद्धालु अमित जैन ने इस चढ़ावा चोरी की घटना को घोर पाप बताते हुए कहा कि रामजी इन चोरों को सजा जरूर देंगे। दिल्ली से आए एक रामभक्त ने राजनीतिक और व्यवस्थागत नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर इस घटना पर सही और निष्पक्ष निर्णय नहीं हुआ, तो हम लोग (चुनावों में) विपक्ष को भी चुन सकते हैं।
​Ram Mandir Theft Impact

क्या कहते हैं संत-महंत और विशेषज्ञ

आचार्य मंदिर के महंत विवेक आचार्य ने कहा कि रामकाज में हुआ भ्रष्टाचार और चोरी अयोध्या की छवि को धूमिल कर रहा है। इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। जो 'कालनेमी' होते हैं, वे धर्म को आघात पहुंचाते हैं। प्रभु के चरणों में कुछ भी अर्पण करने से पहले अब लोग सोचेंगे, जिससे अन्य मंदिरों का चढ़ावा भी प्रभावित हुआ है।
 
SBI LIFE चीफ बिजनेस मैनेजर भूपेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि राम मंदिर के इस घटनाक्रम से अयोध्या की अर्थव्यवस्था पर काफी गहरा असर पड़ा है। यहां का व्यापार पूरी तरह श्रद्धालुओं पर निर्भर है, उनकी संख्या आधी होने से पूरा व्यवसाय प्रभावित हुआ है। सीए हेमा केशवानी के अनुसार, राम मंदिर के शुभारंभ के समय अयोध्या आने वाले भक्तों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल था, लेकिन इस घटना ने भक्तों की सोच पर गहरा प्रभाव डाला है। इतनी बड़ी गिरावट से पूरी इकोनॉमी डगमगा गई है।
 
जब इसी मामले में अर्थशास्त्री डॉ. जया सिंह से वेबदुनिया ने बात की तो उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष असर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के फुटफॉल (आगमन) पर पड़ा है। इसके चलते अयोध्या के छोटे-बड़े हर तरह के व्यापारी आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।
 
स्थानीय लोगों की मानें तो श्रीराम नगरी अयोध्या धाम का पूरा अस्तित्व और अर्थव्यवस्था प्रभु श्रीराम के नाम, उनकी आस्था और विश्वास के दम पर ही चलती है। संपूर्ण विश्व के रामभक्त इस समय श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी प्रकरण की निष्पक्ष व सही जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। भक्तों को अभी भी सरकार से एक सही और कड़े निर्णय का पूरा भरोसा है।

क्या है अयोध्या से जुड़ा यह पूरा मामला? 

उल्लेखनीय है कि हाल ही में अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। जांच के अनुसार, मंदिर के दानपात्रों से पिछले कुछ महीनों में करीब 70 बार चढ़ावे की चोरी की गई। इस घोटाले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर समेत मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारी शामिल थे।

आरोपियों ने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से बचकर इस काम को अंजाम दिया। यूपी सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) की तफ्तीश के बाद इस मामले में ट्रस्ट की ओर से FIR दर्ज कराई गई। पुलिस और SIT ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 70 लाख रुपए अधिक की भारतीय नकदी, अमेरिकी डॉलर (विदेशी मुद्रा) और कीमती आभूषण बरामद किए गए हैं।
 
इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा और दान-गिनती की व्यवस्था को बेहद कड़ा और गोपनीय कर दिया गया है। इस घटना के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। 
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
लेखक के बारे में
संदीप श्रीवास्तव
संदीप श्रीवास्तव करीब 25 वर्ष से ज्यादा समय से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वेबदुनिया के लिए उत्तर प्रदेश में स्ट्रिंगर के रूप में कार्य करते हैं। .... और पढ़ें