क्या युवाओं का डिग्री से मोहभंग हो गया? पहली बार घटा UG कॉलेजों में एडमिशन; हैरान कर देगी वजह!
AISHE report higher education trends India: भारत में हर साल लाखों युवा कॉलेज लाइफ और एक अदद अदभुत करियर का सपना लेकर ग्रेजुएशन (UG) में एडमिशन लेते हैं। लेकिन हाल ही में आए सरकारी आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) की नई रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। देश के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा हुआ है जब ग्रेजुएशन कोर्सेज में छात्रों का नामांकन (Enrollment) बढ़ने के बजाय घट गया है।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि युवा अब कॉलेज की डिग्री से दूरी बना रहे हैं? क्या यह रोजगार का संकट है, नीतियों में बदलाव या फिर युवाओं की बढ़ती निराशा? आइए शिक्षा विशेषज्ञों के हवाले से इस पूरे मामले को आसान भाषा में समझते हैं।
AISHE सर्वे के आंकड़े क्या कहते हैं?
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी वर्ष 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट (जो देश के 64,000 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों के डेटा पर आधारित है) के मुताबिक:
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सुखदेव थोराट और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर फुरकान क़मर ने इस बदलाव के पीछे कई गंभीर नीतिगत और सामाजिक कारणों को रेखांकित किया है:
AISHE सर्वे के आंकड़े क्या कहते हैं?
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी वर्ष 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट (जो देश के 64,000 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों के डेटा पर आधारित है) के मुताबिक:
एडमिशन घटने के 4 सबसे बड़े कारण: विशेषज्ञों का विश्लेषण
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सुखदेव थोराट और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर फुरकान क़मर ने इस बदलाव के पीछे कई गंभीर नीतिगत और सामाजिक कारणों को रेखांकित किया है:

