Author Vrijendra Singh Jhala 2.html

Thu, 8 Oct 2026

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वृजेन्द्रसिंह झाला
वृजेन्द्रसिंह झाला पिछले 30 से ज्यादा वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। 
 
अनुभव : वृजेन्द्रसिंह झाला तीन दशक से ज्यादा का प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया का अनुभव है। वर्तमान में विश्व के पहले हिन्दू पोर्टल वेबदुनिया में समाचार संपादक के रूप में कार्यरत हैं। स्थानीय रिपोर्टिंग के साथ ही विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, निकाय चुनाव को कवर करने का अनुभव। चुनावों के दौरान राजनेताओं, उम्मीदवारों के साक्षात्कार। राजनीति, सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दे, इतिहास, धर्म-अध्यात्म आदि विषयों में विशेषज्ञता।
 
वर्ष 2016 के उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ को करीब से कवर करने का अनुभव। उस दौरान विभिन्न संत-महंतों से साक्षात्कार। वृजेन्द्र ने करीब ढाई वर्ष तक नटनागर शोध संस्थान में प्रकाशन एवं जनसंपर्क अधिकारी के रूप में भी काम किया है। यह संस्थान मध्यकालीन मालवा, राजस्थान और गुजरात अथाह इतिहास समेटे हुए है। वेबदुनिया के साथ ही प्रभासाक्षी, सिफी, याहू हिन्दी, एमएसएन आदि के साथ कार्य करने का अनुभव। 
 
शिक्षा एवं अन्य योग्यताएं : वृजेन्द्र को हिन्दी के साथ अंग्रेजी का भी ज्ञान है। राजस्थानी मां बोली है। जहां तक शिक्षा का सवाल है, इनके पास कई डिग्रियां हैं। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक होने के साथ ही ज्योतिष, इतिहास और समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री भी है। पीजीडीसीए होने के कारण इन्हें डिजिटल मीडिया की तकनीक समझने में आसानी हुई। इनके पास विधि (Law) की डिग्री भी है, जिससे कानून संबंधी खबरों को लिखने और समझने में आसानी होती है।

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Sharad Purnima: कब है शरद पूर्णिमा? इस दिन किसकी होती है पूजा? चंद्रमा की रोशनी में क्‍यों रखते हैं खीर?

Sharad Purnima: कब है शरद पूर्णिमा? इस दिन किसकी होती है पूजा? चंद्रमा की रोशनी में क्‍यों रखते हैं खीर?Sharad Purnima 2026: आश्‍विन माह की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। इसे कोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा तथा कोजागरी लक्ष्मी पूजा भी कहते हैं। इस बार शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर, रविवार 2026 को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा वर्षभर की सभी पूर्णिमा तिथियों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। शरद पूर्णिमा के दिन चांद अपनी 16 कलाओं से युक्त होकर धरती पर अमृत की वर्षा करता है। पूर्णिमा की रात जिस भी चीज पर चंद्रमा की किरणें गिरती हैं, उसमें अमृत का संचार होता है। आइए जानते हैं शरद पूर्णिमा के दिन किसकी होती है पूजा? खीर बनाकर पूरी रात चंद्रमा की रोशनी में क्‍यों रखी जाती है?