सम्बंधित जानकारी
- मध्यप्रदेश कांग्रेस में दिग्विजय सिंह बनाम जीतू पटवारी की सियासी जंग, जमीन पर खुलकर आई गुटबाजी
- UCC पर आगे बढ़ी मोहन यादव सरकार, कमेटी ने आम नागरिकों, धर्मगुरुओं और राजनीतिक दलों से मांगी राय
- Meenakshi Natarajan : मीनाक्षी नटराजन का नामांकन क्यों हुआ रद्द, कांग्रेस ने किया EC का घेराव, अब क्या होगा पार्टी का अगला कदम
- Rajya Sabha : कांग्रेस ने जारी की राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची, खरगे और पवन खेड़ा को कर्नाटक से, मध्यप्रदेश से मीनाक्षी नटराजन को उतारा
- MP में जल्द लागू होगा UCC! CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, मानसून सत्र से पहले होगी शुरुआत
जीतू पटवारी का भाई नाना पुलिस हिरासत में, ड्रग नेटवर्क में आया नाम
Jeetu Patwari Bhai Nana Patwari detained: मध्य प्रदेश की सियासत और पुलिस महकमे से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई 10 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स की तस्करी और एक बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़े मामले में की गई है।
माना जा रहा है कि हाल ही में पकड़े गए कुछ ड्रग तस्करों से पूछताछ के बाद इस हाई-प्रोफाइल नाम का खुलासा हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाना पटवारी को पूछताछ के लिए उठाया है। इस बीच, पटवारी परिवार द्वारा पटवारी की ओर से पुलिस को दिए आवेदन में कहा कि नाना की गाड़ी मिली है, कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवार ने सवाल किया है कि पुलिस बताए कि नाना पटवारी कहां है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में नार्कोटिक्स और स्थानीय पुलिस की संयुक्त सतर्कता के चलते कुछ संदिग्ध नशा तस्करों को दबोचा गया था। इनके पास से व्यावसायिक मात्रा में घातक एमडी ड्रग्स बरामद हुई थी। हिरासत में लिए गए ड्रग पैडलर्स और तस्करों से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपने इस अवैध कारोबार के स्थानीय संपर्कों और मददगारों के नामों का खुलासा किया।
तस्करों के बयानों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई 'नाना पटवारी' का नाम सामने आया। तस्करों ने दावा किया कि ड्रग्स की सप्लाई चेन और नेटवर्क में नाना पटवारी की भी संलिप्तता या संपर्क रहे हैं। ड्रग नेटवर्क जैसे गंभीर मामले में राजनीतिक रूप से रसूखदार परिवार का नाम आते ही पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया।
फिलहाल नाना पटवारी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें सिर्फ हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। तस्करों द्वारा लगाए गए आरोपों और सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स) की जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस ड्रग सिंडिकेट में उनकी भूमिका कितनी गहरी है। यदि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों (जैसे बैंक ट्रांजेक्शन या कॉल रिकॉर्ड) में नाना पटवारी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश कर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर सकती है।
क्या है कांग्रेस का आरोप?
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भ्रष्टाचार और उज्जैन जमीन मामले को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी। यही कारण है कि सरकार ने बदले की भावना से उनके भाई को हिरासत में लिया है। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तनखा ने भी अपनी सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा है कि इंदौर पुलिस ने बिना सूचना दिए नाना पटवारी को हिरासत में लिया है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
