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Meenakshi Natarajan : मीनाक्षी नटराजन का नामांकन क्यों हुआ रद्द, कांग्रेस ने किया EC का घेराव, अब क्या होगा पार्टी का अगला कदम

Meenakshi Natarajan
मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चल रहे चुनावी मुकाबले के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस नेता मी‍नाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को खारिज कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक उनके शपथ पत्र (एफिडेविट) में एक कानूनी मामले की जानकारी छिपाने के आरोप में रिटर्निंग ऑफिसर ने यह फैसला लिया। मध्यप्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी ने बताया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक लंबित मामले की जानकारी छिपाने के आधार पर रद्द किया गया है। 
राज्यसभा चुनाव से पहले इस घटनाक्रम ने मध्यप्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जहां कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और अन्य नेता चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे। भोपाल में कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। 
 

कांग्रेस ने क्या कहा 

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस फैसले को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित कोशिश है। वेणुगोपाल ने कहा कि नामांकन पत्र में किसी तरह की त्रुटि या जानकारी छिपाने का आरोप पूरी तरह निराधार है।  उन्होंने दावा किया कि भाजपा को जब यह एहसास हुआ कि कांग्रेस विधायकों को प्रभावित करने की उसकी कोशिशें सफल नहीं होंगी, तब उसने यह कदम उठाया।
 
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा का संविधान और लोकतंत्र के प्रति सम्मान केवल दिखावा है और पार्टी हर स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर संघर्ष करेगी।
 

नामांकन क्यों हुआ रद्द 

जानकारी के मुताबिक राज्यसभा की तीसरी सीट से भाजपा उम्मीदवार महेश केवट ने रिटर्निंग ऑफिसर के पास शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना में उनके खिलाफ दर्ज एक मामले की जानकारी अपने शपथ पत्र में नहीं दी।

महेश केवट की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता संकेत गुप्ता ने दावा किया कि तेलंगाना की एक अदालत में नटराजन के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है और इसकी जानकारी नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे में नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसी जानकारी देना अनिवार्य है।  गुप्ता ने यह भी दावा किया कि नामांकन पत्र में कुछ अन्य तकनीकी कमियां भी पाई गई थीं।
 

क्या बोलीं मीनाक्षी नटराजन

मीनाक्षी नटराजन ने अपना नामांकन रद्द होने पर कहा कि जब सदस्य संख्या नहीं होते हुए भी भाजपा ने एक तीसरा प्रत्याशी उतारा, वहीं से हमें यह समझ में आने लगा कि किस तरह संविधान, लोकतंत्र को कुचलने की राजनीति हो रही है। SIR के जरिए अलग-अलग  हथकंडे अपनाकर जो वोट चोरी की जा रही थी, अब राज्यसभा चुनाव और अन्य चुनावों को भी वैसा बनाने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने कहा कि  एक तरफ, ये महिलाओं की बात करते हैं दूसरी तरफ इन्होंने जिस तरह के हथकंडे अपनाए, पहले सदस्य संख्या न होने के बावजूद भी इन्होंने उम्मीदवार उतारा लेकिन जब उन्हें दिखा कि यहां एकता है तो उन्होंने एक लीगल नोटिस की आड़ में जिसे संज्ञान में भी लिया गया था, उसके आधार पर उन्होंने चुनौती दी। हमारे दोनों वकीलों ने सारे पक्ष रखे लेकिन उसे पूरी तरह सुना भी नहीं गया और फैसला आया। इससे स्पष्ट है कि उनकी नीति और नीयत क्या है। यह सिर्फ राज्यसभा की सीट की बात नहीं है। सवाल आज की स्थितियों पर है, सवाल यह है कि लोकतंत्र की जीत होगी या नहीं, भारत का संघीय ढाँचा रहेगा या नहीं, यहां जो तानाशाही लाने की कोशिश की जा रही है उसके खिलाफ हमारी पूरी पार्टी लड़ेगी, हम इस फैसले को चुनौती देंगे। 

जीतू पटवारी बोले- लगा देंगे जान

कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने पर कहा कि मध्य प्रदेश में कैसे प्रदेश कलंकित हो इसे लेकर लगातार भाजपा प्रयाय कर रही है। पूरे देश में ये चर्चा है कि वे(भाजपा) वोटर लिस्ट मैनिपुलेशन, विधायकों की खरीद-फिरोख्त करते हैं लेकिन मध्य प्रदेश के इतिहास में ये काला अध्याय भाजपा ने दर्ज करवा दिया है, जहां सीट डकैती हुई। अभी कुछ दिन पहले भाजपा और उनके नेताओं ने महिला आरक्षण का ढ़ोंग किया लेकिन महिलाओं के प्रति इनका समर्पण और उनकी सोच, मध्य प्रदेश के आज के इस घटनाक्रम से पूरे देश व दुनिया ने देख लिया। ये लड़ाई देश के लोकतंत्र को बचाने की है और कांग्रेस पार्टी पूरी जान लगा देगी।
 
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि हमारे उम्मीदवार का निर्वाचन बिना किसी आधार पर रद्द किया गया है। लोकतंत्र में यदि हम यहां(निर्वाचन आयोग के पास) नहीं आएंगे तो कहां जाएंगे? उन्होंने आगे कहा कि कल चुनाव आयोग क्या कहता है इस आधार पर हम निर्णय लेंगे लेकिन ये लोकतंत्र की सरासर हत्या है और ये जानबूझकर किया जा रहा है। चुनाव आयोग को मध्यस्थता करनी चाहिए और उन्हें ऐसा करना पड़ेगा। कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने क हाकि निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता तार-तार हो गई है क्योंकि 5.30 बजे हमें RO ने समय दिया लेकिन यहां 5.30 बजे चुनाव आयोग का कार्यालय बंद हो जाता है। 
 
उन्होंने कहा कि अगर हम RO के निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो उसके खिलाफ हम आवेदन कहां देंगे, चुनाव आयोग में देंगे लेकिन यह 5.30 बजे बंद हो जाता है। हम मिलना चाहते हैं लेकिन हमें कोई मिला नहीं। हमें आवेदन देने के लिए धरने पर बैठना पड़ा, उसके बाद हमारा आवेदन लिया गया। कानूनी सलाह लेकर हम आगे बढ़ेंगे।  Edited by : Sudhir Sharma
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