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डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार पर फिर किया दावा! खुद को बताया 'असली' हकदार
Donald Trump Nobel Peace Prize: एक बार फिर नोबेल पुरस्कारों (Nobel Prizes) की घोषणा की तारीख करीब आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए अपना दावा ठोका है। उन्होंने कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार के लिए किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में वह ज्यादा हकदार हैं। यह भी ध्यान रखने की बात है कि ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौता तोड़ दिया है और अमेरिका लगातार वहां हमला कर रहा है।
ट्रंप ने एयर फोर्स वन (अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष विमान) में बातचीत के दौरान कहा कि कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष समेत 8 लड़ाइयों को सुलझाने की वजह से वह नोबेल शांति पुरस्कार के लिए किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में ज्यादा हकदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल मई में भारत-पाक संघर्ष में 11 लड़ाकू विमान नष्ट हो गए थे। ALSO READ: फिर भड़केगी महायुद्ध की आग? ट्रंप का बड़ा एलान- ईरान के साथ समझौता खत्म, रातभर बरसे बम
क्या वाकई ट्रंप नोबेल के हकदार हैं?
ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट' नीति, बहुपक्षीय संधियों (जैसे पेरिस जलवायु समझौता या ईरान न्यूक्लियर डील) से पीछे हटना और उनका आक्रामक लहजा नोबेल समिति के पारंपरिक शांति के मानदंडों के खिलाफ माना जाता है। आलोचकों का यह भी तर्क है कि उनके द्वारा कराए गए कई समझौते (जैसे रवांडा-कांगो या इजराइल-हमास) दीर्घकालिक शांति स्थापित करने में पूरी तरह सफल नहीं रहे या उनकी कूटनीतिक भूमिका को लेकर अन्य देशों के दावे अलग हैं। नाटो (NATO) जैसे पारंपरिक सुरक्षा गठबंधनों के प्रति उनके सख्त और कभी-कभी उपेक्षापूर्ण रवैये को आलोचक वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा मानते हैं। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार
हालांकि उनके समर्थक मानते हैं कि उनके पहले कार्यकाल का सबसे बड़ा कूटनीतिक मील का पत्थर संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान और मोरक्को के साथ इजराइल के ऐतिहासिक संबंधों को बहाल करना था। दशकों बाद मध्य पूर्व में शांति की दिशा में यह एक बड़ा कदम था। उनके समर्थक अक्सर इस बात पर जोर देते हैं कि दशकों बाद ट्रंप पहले ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति रहे, जिनके कार्यकाल में अमेरिका ने किसी नए बड़े युद्ध में सीधे तौर पर कदम नहीं रखा। हालांकि उनके समर्थक यह भूल जाते हैं कि ट्रंप ईरान के साथ युद्ध में सीधे तौर पर शामिल हैं।
कब होती है नोबेल पुरस्कारों की घोषणा?
नोबेल पुरस्कारों की घोषणा हर साल अक्टूबर के महीने में की जाती है। अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में, लगातार कुछ दिनों के भीतर अलग-अलग क्षेत्रों जैसे- चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के विजेताओं के नामों की घोषणा की जाती है। इसके बाद, इन सभी विजेताओं को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि यानी 10 दिसंबर (नोबेल दिवस) को स्वीडन के स्टॉकहोम (और शांति पुरस्कार के लिए नॉर्वे के ओस्लो) में एक भव्य समारोह में पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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