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सोने की रामचरित मानस भी सुरक्षित है और रामजी के आभूषण भी, गोविंद देव गिरि ने दिखाईं वस्तुएं
कहा- ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय निर्दोष हैं, लेकिन वे असावधान रहे
Gold Ramcharitmanas safe: राम मंदिर को दान में मिलीं वस्तुओं के गायब होने के विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने एक वीडियो में वस्तुओं को दिखाया। वीडियो में सोने की रामचरितमानस, काकभुशुंडि की प्रतिमा के साथ ही अन्य आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि इस पूरे मामले में गोविंद देव गिरि ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बचाव किया। उन्होंने कहा कि चंपत राय निर्दोष हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय के इस्तीफे पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने एएनआई से बातचीत में कहा कि मैं जब ये कहता हूं कि वे (चंपत राय) निर्दोष हैं, तो मेरा मतलब है कि इस पूरे कांड के साथ उनका कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें (चंपत राय को) 32 वर्षों से जानता हूं, इसलिए ऐसी कोई लिप्तता उनकी होगी, इसके बारे में मैं सोच भी नहीं सकता। लेकिन कार्यपद्धति के बारे में वे स्वयं असावधान रहें, ये बात माननी पड़ेगी। आखिरकार, उन्होंने एक अपराधी को अपना ड्राइवर रखा था। उस आदमी के पास चाबियां थीं और वह सब कुछ नियंत्रित करता था।
#WATCH | Ayodhya, Uttar Pradesh: Swami Govind Dev Giri Ji Maharaj, Treasurer of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, displays ornaments of Shri Ram Janmbhoomi Temple. pic.twitter.com/j3o0HQodk3
— ANI (@ANI) July 6, 2026
यह किसी की साजिश हो सकती है
गोविंद देव गिरि ने कहा कि राय के ड्राइवर ने ही यह सब किया है। मुझे आशंका है कि ड्राइवर बाहरी लोगों से जुड़ा था। हो सकता है कि उन्होंने ही उसे ऐसा करने और उन्हें रिपोर्ट करने के लिए उकसाया हो। मुझे अक्सर लगता है कि यह सब दूसरों की साजिश थी। यह सब CEO के अभाव से हुआ, क्योंकि देखरेख के काम के लिए उस अनुशासन की जरूरत होती है, जो पेशेवर नौकरशाह लाते हैं। इसलिए, हम एक CEO लाएंगे, हमने तीन नामों को चुनने और उनकी सिफारिश करने के लिए एक समिति बनाई है और हम उनमें से किसी एक को चुनेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सोने की रामचरितमानस, काकभुशुंडि की प्रतिमा, रामजी की चरणपादुकाएं और दान में मिले अन्य आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं।
ट्रस्ट ने रखे वित्तीय आंकड़े
ट्रस्ट ने उन तत्वों पर भी निशाना साधा जो इस प्रकरण का उपयोग हिंदू आस्था और राम जन्मभूमि को कमजोर करने व भ्रम फैलाने के लिए कर रहे हैं। स्थिति स्पष्ट करते हुए ट्रस्ट ने अपनी वित्तीय स्थिति के प्रमुख आंकड़े (शुरुआत से 31 मार्च 2026 तक) साझा किए। ट्रस्ट ने बताया कि दान में प्राप्त कुल राशि 3,264 करोड़ रुपए है। राम मंदिर के निर्माण एवं अन्य व्यय 2,370 करोड़ रुपए है। मंदिर को कुल चढ़ावा (प्रारंभ से लेकर 31 मार्च 2026 तक) 582 रुपए है, संचालन व्यय के लिए उपयोग की गई राशि 391 करोड़ रुपए है।
श्रद्धालुओं की भेंट का पूरा हिसाब
इससे पहले ट्रस्ट ने बताया था कि नकद राशि के अलावा भक्तों द्वारा प्रभु रामलला को कुल 2 हजार 926 वस्तुएं अर्पित की गई हैं, जो पूरे विवरण के साथ रजिस्टर में दर्ज हैं और एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) फर्म द्वारा इनका आंतरिक अंकेक्षण किया जाता है। भक्तों को इसकी रसीदें भी दी गई हैं। यदि कोई श्रद्धालु अपनी भेंट का सत्यापन करना चाहता है, तो वह तिथि व समय निश्चित कर अयोध्या आकर मिलान कर सकता है। दान में आई चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल में गलाकर छड़ें बनाई गई हैं, जिनकी शुद्धता और वजन का प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध है।
ट्रस्ट ने भविष्य में प्रबंधन और संचालन प्रणाली की कमजोरियों को दूर करने पर जोर दिया है। SIT की सिफारिशों के अलावा, विशेषज्ञों से भी स्वतंत्र परामर्श लेने का सुझाव दिया गया है ताकि भविष्य में मंदिर प्रबंधन की एक आदर्श, कुशल और पूर्णतः पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की जा सके जो अनुकरणीय उदाहरण बने।
Edited by: vrijendra Singh Jhala
