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'राम मंदिर के पैसे से विधायक-सांसद तोड़े जा रहे?' उद्धव ठाकरे का BJP पर बड़ा हमला, 5 जुलाई को 'राम रक्षा आंदोलन' का ऐलान

Uddhav Thackeray on Ram Mandir Donation Row
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राम मंदिर अब किसी और वजह से चर्चा में है। सांसदों और विधायकों को तोड़ा जा रहा है और इस पूरी प्रक्रिया को 'ऑपरेशन' कहा जा रहा है। क्या भाजपा 'ऑपरेशन राम मंदिर' चला रही है? ALSO READ: कुंभ मेले से शुरू हुआ था राम मंदिर की दानराशि में गड़बड़ी का खेल, SIT जांच में सामने आईं चौंकाने वाली जानकारी

उन्होंने कहा कि चोरी तो हो ही रही है और इसके पर्याप्त सबूत भी हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि राम मंदिर से चुराए गए पैसे का इस्तेमाल पार्टियों को तोड़ने के लिए किया जा रहा है। हिंदू अब उन्हें माफ नहीं करेंगे।
 

भाजपा की सत्ता के मूल में राम मंदिर

उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा की सत्ता के मूल में राम मंदिर है। 1990 के राम मंदिर आंदोलन में शिवसैनिक भी शामिल थे। उनका आरोप है कि भाजपा ने इन घटनाओं का राजनीतिक लाभ उठाया और अब बेलगाम सत्ता का आनंद ले रही है।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर लगाए जा रहे आरोपों का उल्लेख करते हुए ठाकरे ने सवाल किया कि क्या कथित रूप से चोरी किया गया धन विपक्षी नेताओं को अपने पाले में लाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
 

राम रक्षा आंदोलन का आह्वान

उद्धव ठाकरे ने 5 जुलाई को राम रक्षा आंदोलन का आह्वान किया। उद्धव खुद दादर में होने वाले विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि हम राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके बाद महाराष्ट्र के सभी प्रमुख राम और हनुमान मंदिरों में 'रामरक्षा महाआरती' का भव्य आयोजन किया जाएगा। पार्टी ने सभी हिंदुत्व समर्थक को आंदोलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। ALSO READ: राम मंदिर ट्रस्ट में कौन-कौन शामिल हैं? जानिए सभी सदस्यों के नाम और उनके अधिकार
 
शिवसेना यूबीटी में बड़ी टूट के बाद उद्धव ठाकरे के इस कदम पर सभी की नजरें लगी हुई है। हाल ही में 9 में से 6 पार्टी सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए थे। इसके बाद उसके शिवसेना यूबीटी के व‍र‍िष्‍ठ नेताओं ने दिल्‍ली पहुंचकर लोकसभा स्‍पीकर से मुलाकात की और मांग की कि उनकी पार्टी से टूटकर आने वाले सांसदों के अलग गुट को मान्‍यता नहीं दी जाए।  
edited by : Nrapendra Gupta
लेखक के बारे में
नृपेंद्र गुप्ता
नृपेंद्र गुप्ता पिछले 21 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत हैं।   अनुभव : नृपेंद्र गुप्ता 2 दशक से ज्यादा समय से प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में कार्य.... और पढ़ें
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