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राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की छुट्टी
Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम और ऐतिहासिक बैठक में सोमवार को एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला लिया गया। राम मंदिर में दान चोरी को लेकर पिछले कुछ समय से मचे भारी बवाल के बीच, ट्रस्ट के वर्तमान महासचिव चंपत राय का इस्तीफा आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है। चंपत राय के साथ ही ट्रस्ट के दो अन्य प्रमुख सदस्यों, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भी ट्रस्ट से छुट्टी कर दी गई है। इस बीच, खबर है कि एसआईटी जांच पूरी होने तक ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव होंगे।
हालांकि इससे पहले यह खबर भी थी कि ट्रस्ट के महासचिव पद की जिम्मेदारी विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के महासचिव बजरंग लाल बागड़ा को सौंपी गई है और औपचारिक प्रक्रियाओं के बाद जल्द ही अपना नया कार्यभार संभाल सकते हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक समय से पहले की गई थी। बैठक में ट्रस्ट के सदस्यों ने पूरे मामले (चढ़ावा चोरी की घटना) पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी से सभी आहत हैं।
गोविंद देव गिरि ने कहा कि हम सबके लिए यह लज्जाजनक स्थिति है। गिरि ने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की सभी वस्तुएं सुरक्षित हैं। लोगों को किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
इस तरह चला पूरा मामला
ट्रस्ट की बैठक भी काफी हंगामेदार रही। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय बैठक स्थल से करीब 50 मीटर दूर बैठे थे। उन्हें बैठक में नहीं बुलाया गया था। दूसरी ओर, बैठक में पहुंचे गोपाल राव को डाटकर बाहर निकाल दिया गया। दरअसल, उन्हें भी बैठक में नहीं बुलाया गया था, लेकिन वे वहां पहुंच गए।
बड़ी मुश्किल से माने महंत नृत्य गोपाल दास
खबर है कि काफी मान-मनौव्वल के बैठक में आने के लिए तैयार हुए। दरअसल, उन्हें बैठक के लिए कोई बुलाने नहीं गया था। वे चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी काफी नाराज थे। क्योंकि जब नृत्य गोपाल दास अस्पताल में भर्ती थे, इनमें से कोई उनके हालचाल लेने नहीं गया।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
