दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं, बैंक फ्रॉड मामले में 3 साल की सजा बरकरार, उपचुनाव का रास्ता साफ
भोपाल। दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने बैंक फ्रॉड मामले में दायर उनकी अपील खारिज कर दी है। इसके साथ ही निचली अदालत द्वारा सुनाई गई तीन साल की सजा को बरकरार रखा गया है। राजेंद्र भारती को बैंक धोखाधड़ी (बैंक फ्रॉड) के एक मामले में तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई थी। राजेंद्र भारती ने अपनी याचिका में सजा पर स्टे लगाने की मांग की थी, जिस पर हाईकोर्ट में बुधवार औऱ गुरुवार को सुनवाई हुई थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया।
क्या है पूरा मामला?-कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को जिस मामले में सजा मिली है वह पूरा मामला 27 साल पुराना साल 1998 का है, जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पिता के नाम पर संचालित एक संस्थान की 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी, जिस पर तत्कालीन ब्याज दर 13.5 प्रतिशत थी। बाद में जब बैंक ने ब्याज दरें कम कर दीं, तब राजेंद्र भारती ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक के तत्कालीन लिपिक रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर दस्तावेजों में काट-छाँट की और एफडी की समय सीमा को बढ़ाकर 15 साल कर दिया, जिससे पुरानी ब्याज दर का लाभ मिलता रहे।
इस मामले का खुलासा साल 2011 में हुआ जब बैंक के तत्कालीन प्रशासक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की मांग की। हालांकि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने पर मामला जिला न्यायालय और फिर उच्च न्यायालय तक पहुँचा। बाद में राजेंद्र भारती की मांग को पूरे मामले को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर किए है। गुरुवार को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने बैंक एफडी हेराफेरी और जालसाजी के मामले में 3 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कांग्रेस विधायक को दो धराओं में 3--3 साल और एक धारा में 2 साल की सजा सुनाई है। हलांकि कोर्ट ने कांग्रेस विधायक को जमानत भी दे दी थी। कोर्ट के फैसले के बाद मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी है।
दतिया में उपचुनाव का रास्ता साफ-दिल्ली हाईकोर्ट ने राजेंद्र भारती की याचिका खारिज होने के बाद अब दतिया उपचुनाव का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा दतिया में उपचुनाव की घोषणा की जा चुकी है और 30 जुलाई को दतिया में मतदान होगा और 3 अगस्त को नतीजे आएंगे। वहीं 13 जुलाई तक नामांकन किया जा सकेगा। हाईकोर्ट के फैसले को देखते हुए बीजेपी और कांग्रेस ने अब तक अपने उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक एलान नहीं किया है।

