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महुआ मोइत्रा का दावा- कानून नहीं जानते बागी सांसद, BJP टिकट पर चुनाव लड़ने की चुनौती

mahua moitra
तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने संविधान के 91वें संशोधन का हवाला देते हुए दावा किया कि गद्दार टीएमसी सांसदों को कानून की जानकारी नहीं है। नियम यह है कि मूल राजनीतिक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य किसी दूसरी पार्टी में विलय करें, तभी इसे मान्यता मिल सकती है। ALSO READ: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद ममता बनर्जी के खिलाफ बड़ी बगावत की इनसाइड स्टोरी
 
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, गद्दार टीएमसी सांसदों को कानून की जानकारी नहीं है। संविधान के 91वें संशोधन (2003) ने पार्टी में विभाजन या अलग गुट बनाने संबंधी प्रावधान को समाप्त कर दिया था। सांसदों की संख्या कितनी है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। नियम यह है कि मूल राजनीतिक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य किसी दूसरी पार्टी में विलय करें, तभी इसे मान्यता मिल सकती है।
 
उन्होंने कहा कि सभी 19 गद्दार सांसदों को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहिए। ALSO READ: TMC में महाविस्फोट: 'अभिषेक बनर्जी या मैं...', ममता बनर्जी को सीनियर सांसद कल्याण बनर्जी का सीधा अल्टीमेटम
 

बागियों की सूची में किन सांसदों के नाम

टीएमसी के बागियों की लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम जादवपुर सीट से सांसद सायोनी घोष का है। लिस्ट में काकोली घोष दस्तीकार, युसुफ पठान, शताब्दी राय, मिताली बैग, माला रॉय, जून मालिया, पार्थ भौमिक, असित कुमार मल और दीपक अधिकारी के नाम शामिल हैं। कालीपद सोरेन, अबू ताहिर रहमान, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, खलीलुर्रहमान, अबू ताहिर खान, डॉ शर्मिला सरकार, प्रसून बंदोपाध्याय, बापी हलधर और जगदीश वर्मा बसुनिया के नाम भी बागियों की लिस्ट में है।   
 
गौरतलब है कि विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद से TMC के 4 राज्यसभा सांसद अब तक इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि लोकसभा के 19 बागी सांसदों की लिस्ट सामने आई है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बागी गुट को मान्यता मिल चुकी है।
edited by : Nrapendra Gupta
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