नेपाल की जेलों से भागे 6000 से ज्यादा खूंखार कैदी, बढ़ाई भारत की चिंता, सीमा पर अलर्ट
सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने नेपाल के जेलों से फरार हुए 35 कैदियों को सीमा पर धर दबोचा
Nepal Violence : नेपाल में हिंसा के बाद वहां के हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। 77 जिलों में जेलों से 6000 से ज्यादा कैदी फरार हो गए। जेल से फरार ये खूंखार कैदी नेपाल के साथ-साथ भारत के लिए भी बड़ा खतरा बन गए हैं। बॉर्डर पर भारतीय सुरक्षाबल अलर्ट है।
भारत की नेपाल से तकरीबन 1751 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों से सटी सीमा पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। सीमा पर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है।
भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल के जेलों से फरार हुए 35 कैदियों को धर दबोचा है। ये कैदी नेपाल में हाल के अशांति और दंगों के बीच जेलों से भाग निकले थे। कहा जा रहा है कि पकड़े गए कैदियों की संख्या में अभी और इजाफा हो सकता है।
ओली ने लिखा ओपन लेटर : इस बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने Gen z को लिखे खुले पत्र में कहा कि लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा नेपाल के और अगर इस मुद्दे को न उठाया हो तो मुझे कई फायदे मिलते। आज, शिवपुरी में नेपाल सेना के सैनिकों से घिरे एक सुरक्षित और अलग क्षेत्र में बैठकर, मैं आप सभी को याद कर रहा हूं।
पत्र में उन्होंने बताया कि वह बेहद जिद्दी हैं। अगर यह जिद नहीं होती, तो मैं कठिनाइयों में बहुत पहले ही हार मान लेता। इसी जिद की वजह से मैंने सोशल मीडिया कंपनियों से कहा कि वे नेपाल के नियमों का पालन करें और यहां रजिस्टर हों। इसी जिद की वजह से मैंने घोषणा की कि लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा नेपाल के हैं। इसी जिद की वजह से मैंने शास्त्रों में बताए अनुसार कहा कि भगवान राम का जन्म भारत में नहीं बल्कि नेपाल में हुआ था।
edited by : Nrapendra Gupta