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सिक्किम के राज्यपाल माथुर के दो वर्ष पूरे, प्रो. रावत ने की सौजन्य भेंट

Om Prakash Mathur Governor of Sikkim; Prof Ramesh Kumar Rawat
सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर का कार्यकाल 31 जुलाई को दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (गैंगटोक) के कुलसचिव प्रो. (डॉ) रमेश कुमार रावत ने रविवार, 2 अगस्त को राजभवन (लोक भवन) में उनसे शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल को शुभकामनाएं दीं एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
 
मुलाकात के दौरान चोमू (राजस्थान) निवासी प्रो. रावत ने राज्यपाल माथुर को सिक्किम का पारंपरिक पटका व शॉल पहनाकर और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही, उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रगान का एक सुंदर फोटो फ्रेम भी उन्हें भेंट किया। इस अवसर पर प्रो. रावत ने राज्यपाल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि 75 वर्ष की आयु में भी ओम प्रकाश माथुर एक युवा जैसी ऊर्जा और अदम्य साहस के साथ कार्य कर रहे हैं।
 
मौसम की कठिन परिस्थितियों—सर्दी, बारिश, बर्फबारी और भूस्खलन—की परवाह न करते हुए उन्होंने एक सच्चे सैनिक की भांति भारत-चीन सीमा पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने गैंगटोक (5500 फीट) से लेकर 19000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित सेना की विभिन्न चौकियों का दौरा कर नित नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
 
राज्यपाल के प्रयासों से सीमा पर तैनात जवानों को कई बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, साथ ही शहीद जवानों की स्मृति में मूर्तियों व स्मारकों का निर्माण करवाया गया। यह उनकी दूरदर्शिता और सेना की मजबूती के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे सिक्किम और देश की जनता खुद को सुरक्षित महसूस करती है। जन-जन में लोकप्रिय राज्यपाल माथुर ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल में कई जनहितैषी कदम उठाए हैं।
 
ओमप्रकाश माथुर ने लोकभवन कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई नई पहलें शुरू कीं। सिक्किम की विश्व प्रसिद्ध ऑर्गेनिक खेती के मॉडल को देशभर में अपनाने की अपील की और स्थानीय लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया। उनके सार्थक प्रयासों के फलस्वरूप एक ही महीने के भीतर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का सिक्किम दौरा संभव हुआ, जिससे सिक्किम की जनता का उत्साह बढ़ा।
 
अपनी कुशल कार्यशैली, सरल स्वभाव और जनता से सीधे संवाद के कारण वे मात्र दो वर्षों में ही सिक्किम के लोगों के बीच "ओम जी भाई साहब" के नाम से अत्यधिक लोकप्रिय हो चुके हैं।
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