28 अगस्त 2026 को वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण: संपूर्ण जानकारी, सूतक काल और राशिफल
Partial Lunar Eclipse: वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को (पूर्ण चंद्र ग्रहण) लगा था। अब वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण 27-28 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में घटित होगा। राहु और शनि के प्रभाव वाली इस राशि में ग्रहण लगने से ज्योतिषीय दृष्टिकोण से मानसिक और आर्थिक उथल-पुथल के संकेत मिलते हैं।
ग्रहण की समय-सारणी एवं सूतक काल
ग्रहण की तिथि: 28 अगस्त 2026
ग्रहण का प्रारंभ (IST): सुबह 06:53 बजे से
सूतक काल: धार्मिक नियमानुसार सूतक काल ग्रहण प्रारंभ होने से 9 घंटे पहले शुरू होता है। भारत में मान्य नहीं।
कुल अवधि: उपछाया और मुख्य छाया मिलाकर कुल घटनाक्रम लगभग 5 घंटे 38 मिनट चलेगा (मुख्य आंशिक चरण 3 घंटे 18 मिनट का होगा)।
चंद्र ग्रहण से जुड़ी 5 मुख्य बातें
गहरे स्तर का आंशिक ग्रहण (Deep Partial Eclipse): पृथ्वी की मुख्य घनी छाया (Umbra) चंद्रमा के लगभग 96.2% हिस्से को ढक लेगी। चंद्रमा का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही चमकीला रहेगा।
'ब्लड मून' जैसा नजारा: 96% से अधिक हिस्सा ढकने के कारण अधिकतम ग्रहण के समय चंद्रमा गहरा लाल या तांबे (Coppery Red) के रंग का दिखाई देगा।
'माइक्रो मून' (Micro Moon) इफेक्ट: चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से अधिक दूरी (Apogee) पर होगा, जिससे यह आम पूर्णिमा की तुलना में आकार में थोड़ा छोटा दिखाई देगा।
दृश्यता (कहां दिखेगा): यह ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और प्रशांत महासागर के हिस्सों में दिखाई देगा।
भारत में स्थिति व सूतक मान्यता: भारतीय समयानुसार ग्रहण सुबह 6:53 बजे (सूर्योदय और चंद्र अस्त के बाद) होगा, इसलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में दृश्यमान न होने के कारण यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा।
राशियों पर प्रभाव (इन 5 राशियों के लिए शुभ)
यह चंद्र ग्रहण निम्नलिखित 5 राशियों के लिए अत्यंत भाग्यशाली रहने वाला है:
मेष राशि: आय के नए स्रोत बनेंगे, रुका हुआ धन वापस मिलेगा और परिवार में खुशहाली आएगी।
सिंह राशि: सूर्य-बुध के प्रभाव से आत्मविश्वास और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नौकरी व व्यापार में बड़ा लाभ मिलेगा।
धनु राशि: देवगुरु की कृपा से भाग्योदय होगा, सुखद यात्राएँ होंगी और मांगलिक कार्यों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
मकर राशि: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, करियर में पदोन्नति के योग हैं और अटके हुए काम पूरे होंगे।
मीन राशि: पारिवारिक मतभेद समाप्त होंगे, व्यापारिक योजनाओं में सफलता मिलेगी और सुख-सुविधाओं का विस्तार होगा।
ज्योतिषीय उपाय
ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचाव के लिए ये उपाय फलदायी माने गए हैं:
मंत्र जाप: 'ॐ नमः शिवाय' या चंद्रमा के बीज मंत्र 'ॐ सों सोमाय नमः' का जाप करें।
दान कार्य: ग्रहण समाप्ति के बाद सफेद वस्तुओं (दूध, दही, चावल या सफेद वस्त्र) का जरूरतमंदों को दान करें।
पाठ: नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें।

