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Last Updated :दुबई/वॉशिंगटन , शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 (18:04 IST)

अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बीच 1600 करोड़ का अमेरिकी 'सुपर-ड्रोन' लापता, क्या है कोड 7700 का रहस्य

US-Iran ceasefire news
खाड़ी देशों में शांति की बहाली की कोशिशों को एक बड़ा झटका लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक युद्धविराम को अभी 48 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि अमेरिकी नौसेना का सबसे अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन, MQ-4C ट्राइटन (Triton), स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) के पास रहस्यमयी परिस्थितियों में रडार से गायब हो गया है। इस घटना ने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है, क्योंकि यह 'सुपर-ड्रोन' दुनिया के सबसे महंगे और उन्नत सर्विलांस सिस्टम्स में से एक माना जाता है।

क्या क्रैश हुआ ड्रोन

इस घटना का सटीक कारण आधिकारिक रूप से अभी तक पुष्टि नहीं किया गया है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन क्रैश हुआ, उसे इंटरसेप्ट किया गया या उसमें कोई तकनीकी खराबी आई थी। Strait of Hormuz दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक बना हुआ है, ऐसे में यह घटना वैश्विक सुरक्षा और नौसैनिक ऑपरेशनों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है। ड्रोन के अंतिम पलों में क्या हुआ, इस पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान केंद्रित होने के साथ जांच की उम्मीद जताई जा रही है।

इमरजेंसी सिग्नल के बाद समुद्र में समाया ड्रोन

फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और 'दी वॉर जोन' की रिपोर्ट के अनुसार, इटली के सिगोनेला बेस से उड़ान भरने वाला यह ड्रोन करीब तीन घंटे तक फारस की खाड़ी की निगरानी कर रहा था।

कोड 7700 : वापसी के दौरान ड्रोन ने अचानक 'कोड 7700' (आपातकालीन स्थिति का संकेत) भेजा।

अचानक बदला रास्ता: रडार डेटा के मुताबिक, ड्रोन ने अचानक अपना रुख ईरान की ओर मोड़ा और ऊंचाई से तेजी से समुद्र की ओर गोता लगाने लगा।
 
संपर्क भंग : इसके कुछ ही पलों बाद ड्रोन रडार स्क्रीन से पूरी तरह ओझल हो गया।

क्यों खास है MQ-4C ट्राइटन?

पेंटागन के लिए यह नुकसान एक बड़ा सामरिक झटका है। इस ड्रोन की खासियतें इसे बेजोड़ बनाती हैं:
 
लागत : इसकी कीमत लगभग 200 मिलियन डॉलर (करीब 1600 करोड़ रुपये) है।
 
क्षमता : यह 50,000 फीट की ऊंचाई पर लगातार 24 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भर सकता है।
 
रेंज : इसकी रेंज 7,400 नॉटिकल मील है, जो इसे दुश्मन की हर हरकत पर पैनी नजर रखने की ताकत देती है।

नाजुक शांति पर मंडराता खतरा

यह घटना उस समय हुई है जब ईरान हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सुरक्षित रखने पर सहमत हुआ था। रक्षा गलियारों में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि  क्या यह कोई तकनीकी खराबी थी या फिर जानबूझकर किया गया हमला?  फिलहाल अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन इस रहस्यमयी गुमशुदगी ने क्षेत्र में फिर से तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। Edited by : Sudhir Sharma
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