Bhai Dooj 2026: भाई दूज पर तिलक करते समय ज़रूर बोलें यह 1 पौराणिक मंत्र, यमराज देंगे लंबी उम्र का वरदान
भाई दूज का पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 11 नवंबर 2026 गुरुवार के दिन रहेगा। भाई दूज के दिन बहनें जब अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं, तो शास्त्रों के अनुसार एक विशेष पौराणिक मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह मंत्र भाई की लंबी आयु, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए बोला जाता है।
भाई दूज तिलक का पौराणिक मंत्र
भ्रातस्तवाग्रजाताहं भुङ्क्ष्व भक्तमिदं शुभम्।
प्रीतये यमराजस्य यमुनायाश्च गुप्तये॥
मंत्र का सरल हिंदी अर्थ
"हे भाई! मैं आपकी अनुजा (या बहन) हूँ। यमराज की प्रसन्नता और यमुना जी के संरक्षण एवं कृपा की प्राप्ति के लिए मेरे द्वारा प्रेमपूर्वक बनाए गए इस शुभ अन्न/भोजन को आप ग्रहण करें।"
भाई दूज तिलक का पौराणिक मंत्र-2
गंगा पूजे यमुना को, यमी पूजे यमराज को।
सुभद्रा पूजे कृष्ण को,
गंगा यमुना नीर बहे, मेरे भाई की आयु बढ़े॥
गंगा यमुना नीर बहे, मेरे भाई की आयु बढ़े॥
तिलक के समय इस मंत्र का महत्व
अकाल मृत्यु से रक्षा: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंत्र का उच्चारण करते हुए तिलक करने और भाई को भोजन कराने से यमराज प्रसन्न होते हैं और भाई को अकाल मृत्यु व यमलोक के भय से मुक्ति मिलती है।
यम-यमुना का आशीर्वाद: यह मंत्र यमराज और यमुना जी के उस पावन संबंध का स्मरण कराता है, जिसके तहत यमुना जी ने अपने भाई यमराज से सभी भाइयों की दीर्घायु का वरदान प्राप्त किया था।
सकारात्मक ऊर्जा का संचार: तिलक करते समय इस मंत्र का जाप करने से भाई-बहन के रिश्ते में आपसी स्नेह, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
तिलक लगाने की सही विधि
- भाई को उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठाएं।
- रोली, कुमकुम और अक्षत (बिना टूटे चावल) से माथे पर तिलक लगाएं।
- माथे पर तिलक लगाते समय ऊपर दिए गए मंत्र का मन में या स्पष्ट उच्चारण के साथ जाप करें।
- इसके बाद भाई के ऊपर थोड़ा सा अक्षत छिड़कें, उनकी आरती उतारें और फिर उन्हें मीठा पान या मिठाई खिलाएं।

