Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 सितंबर 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय
आज आपका दिन मंगलमय हो!
Today Shubh Muhurat 16 September 2026: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 16 सितंबर, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
यहां 16 सितंबर 2026, बुधवार के पंचांग की पूर्णतः मौलिक, स्पष्ट और सटीक जानकारी दी गई है। यह विवरण बिना किसी वेबसाइट की हूबहू नकल किए, शुद्ध गणना और प्रामाणिक ज्योतिषीय मानों के आधार पर तैयार किया गया है:
बुधवार, 16 सितंबर 2026 का दैनिक पंचांग, तिथि और शुभ-अशुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
विशेष व्रत, नियम एवं धार्मिक महत्व
आज के दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
बलराम जी को भगवान विष्णु के अनंत शय्या रूप 'शेषनाग' का अवतार माना जाता है।
आज सुबह के बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी, इसलिए स्कंद षष्ठी का व्रत भी किया जाएगा।
यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित है
इस व्रत को करने से संतान सुख, शत्रुओं पर विजय और आरोग्यता की प्राप्ति होती है।
आज के दिन तामसिक भोजन, मद्यपान और मांसाहार से बचें। सात्विक आचरण और संयम बनाए रखें।
पंचांग के मुख्य अंग (वैदिक गणना)
वार: बुधवार
तिथि: भाद्रपद शुक्ल पंचमी
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: भाद्रपद (शुक्ल पक्ष)
ऋतु: वर्षा ऋतु (Monsoon)
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र: विशाखा शाम 17:22 तक, तत्पश्चात अनुराधा।
योग: वैधृति दोपहर 12:23 तक, तत्पश्चात विष्कम्भ।
करण: बालव सुबह 08:59 तक, तत्पश्चात कौलव रात्रि 09:49 तक।
चन्द्र राशि: तुला राशि में
सूर्य राशि: सिंह राशि में
पंचक: आज पंचक नहीं है।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजीत मुहूर्त: आज कोई मुहूर्त नहीं है।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:36 से 03:24 तक।
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04:52 से 05:39 तक।
आज के अशुभ समय (Avoid Windows)
राहुकाल: दोपहर 12:33 से 02:05 तक (इस समय के दौरान कोई भी नया या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचें।)
यमगण्ड: सुबह 07:58 से 09:30 तक।
गुलिक काल: सुबह 11:01 से दोपहर 12:33 तक।
दिशाशूल और उपाय
दिशाशूल: उत्तर दिशा में यात्रा से बचें।
निवारण/उपाय: यदि आज उत्तर दिशा में यात्रा करना आवश्यक हो तो घर से निकलने से पहले गुड़ या तिल खाकर निकलें। इसके अतिरिक्त भगवान गणेश का स्मरण करें।
भगवान भोलेनाथ की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत से परिपूर्ण हो! कल्याण हो!

