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नीम करोली बाबा और कैंची धाम: स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग से लेकर विराट कोहली तक क्यों खींचे चले आते हैं दिग्गज?

In the picture Neem Karoli Baba Kainchi Dham, Jobs, Mark Zuckerberg, Virat Kohli
उत्तराखंड की हसीन वादियों में नैनीताल से लगभग 17 किलोमीटर दूर भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित ‘कैंची धाम’ (Kainchi Dham) केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर के महान विचारकों, टेक-दिग्गजों, उद्योगपतियों और हस्तियों के लिए एक आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन चुका है।
 
इस पावन आश्रम की स्थापना 20वीं सदी के महान संत नीम करोली बाबा (Neem Karoli Baba)—जिन्हें उनके भक्त प्यार से 'महाराज जी' कहते हैं—ने की थी। बाबा नीम करोली को भगवान हनुमान का अवतार माना जाता है। लेकिन सवाल उठता है कि दुनिया को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले टेक-दिग्गज और खेल जगत के सितारे आखिर इस साधारण से दिखने वाले पहाड़ी आश्रम में शांति और मार्गदर्शन क्यों तलाशते हैं?
 

1. स्टीव जॉब्स (Apple): जब दिशा खो चुके जॉब्स को मिला नया रास्ता

1970 के दशक में जब स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) अपने जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे थे और 'एप्पल' (Apple) कंपनी शुरू करने से पहले जीवन का मार्गदर्शन खोज रहे थे, तब वे अपने दोस्त डैन कोटके के साथ नीम करोली बाबा के दर्शन के लिए भारत आए थे।
क्या हुआ जब जॉब्स पहुँचे?: दुर्भाग्यवश, जब स्टीव जॉब्स कैंची धाम पहुँचे, उससे कुछ समय पहले (1973 में) नीम करोली बाबा का देहांत हो चुका था।
प्रभाव: भले ही जॉब्स बाबा जी से जीवित रूप में न मिल सके, लेकिन कैंची धाम की हवा और बाबा की आध्यात्मिक ऊर्जा ने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। वहीं से उन्हें अपनी दूरदृष्टि (Vision) और एप्पल को दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनाने की प्रेरणा मिली।

2. मार्क जुकरबर्ग (Meta/Facebook): जब डूबती कंपनी के समय मिली कैंची धाम जाने की सलाह

2015 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में फेसबुक्स (अब Meta) के हेडक्वार्टर का दौरा किया था, तब मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने खुद इस बात का बड़ा खुलासा किया था।
फेसबुक का कठिन दौर: जुकरबर्ग ने बताया कि 2000 के दशक के मध्य में जब फेसबुक एक कठिन दौर से गुजर रहा था और कंपनी बिकने के कगार पर थी, तब उनके मेंटर स्टीव जॉब्स ने उन्हें कैंची धाम जाने की सलाह दी थी।
भारत यात्रा: जुकरबर्ग भारत आए और कैंची धाम आश्रम में कुछ दिन बिताए। जुकरबर्ग ने माना कि उस आध्यात्मिक प्रवास ने उन्हें एक नई स्पष्टता (Clarity) दी, जिसके बाद वे वापस लौटे और फेसबुक को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।

3. विराट कोहली और अनुष्का शर्मा: संकट के समय ली बाबा की शरण

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) भी नीम करोली बाबा के अनन्य भक्तों में शामिल हैं।
फॉर्म में वापसी: जब विराट कोहली अपने करियर के सबसे खराब दौर (सेंचुरी के सूखे) से गुजर रहे थे, तब नवंबर 2022 में वे अनुष्का और अपनी बेटी वामिका के साथ कुमाऊं स्थित कैंची धाम पहुंचे।
चमत्कारिक बदलाव: कैंची धाम में माथा टेकने और बाबा का आशीर्वाद लेने के ठीक बाद विराट कोहली का फॉर्म चमत्कारिक रूप से वापस लौटा और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बैक-टू-बैक शतक और रिकॉर्ड तोड़ पारियां खेलीं।
 

4. जूलिया रॉबर्ट्स और हॉलीवुड हस्तियाँ

ऑस्कर विजेता हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स (Julia Roberts) भी नीम करोली बाबा की तस्वीर देखकर उनसे इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने इस बात का खुलासा किया था।
 
5. भजन: इसके अलावा, हॉलीवुड के मशहूर संगीतकार जय उत्तम (Jai Uttal) और कृष्ण दास (Krishna Das) ने नीम करोली बाबा के भक्ति भजनों को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाया।
 

क्या है नीम करोली बाबा का दर्शन और कैंची धाम का आकर्षण?

आखिर क्यों दुनिया के सबसे अमीर और सफल लोग बाबा की ओर खिंचे चले आते हैं?

अत्यंत सादगी (Simplicity): बाबा नीम करोली महाराज कोई आडंबर, बड़ा प्रवचन या जटिल अनुष्ठान नहीं करते थे। वे एक साधारण कंबल ओढ़ते थे और हमेशा कहते थे—"सबकी सेवा करो, सबको प्यार करो, राम नाम जपो, भूखे को भोजन दो, ईश्वर को याद करो और सच बोलो।"
 
आत्मिक शांति और क्लैरिटी: कैंची धाम की भौगोलिक स्थिति और वहां का शांत वातावरण मानसिक तनाव (Stress) और दिशाहीनता से जूझ रहे लोगों को असीम मानसिक शांति (Mental Peace) और सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है।
 
अहंकार का समर्पण: दुनिया में सब कुछ हासिल कर चुके लोगों को कैंची धाम आकर यह अहसास होता है कि एक परम शक्ति ऐसी भी है जो मानवीय शक्ति और धन-दौलत से परे है।
 
नीम करोली बाबा ने कभी किसी को अपना शिष्य नहीं बनाया, न ही कोई नया संप्रदाय चलाया। वे सिर्फ प्रेम और करुणा के प्रतीक थे। आज भले ही बाबा नीम करोली महाराज सशरीर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन कैंची धाम से निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा आज भी वैश्विक दिग्गजों से लेकर आम इंसानों तक को जीवन का सही रास्ता दिखा रही है।
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