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संत शिरोमणि रविदास जी का संक्षिप्त जीवन परिचय

शनिवार,फ़रवरी 27, 2021
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आचार्य रामचरण महाराज की 302वीं जयंती मनाई जाएगी। रामचरण जी का जन्म माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को आता है। उनका जन्म संवत् 1776 (1719 ई.) को राजस्थान के जयपुर जिले के मालपुरा नामक नगर के पास सोडा नामक ग्राम में हुआ था। जो उनका ननिहाल था। वे ...
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भारत के महान ऋषि वामदेव

गुरुवार,फ़रवरी 25, 2021
वैदिक काल के ऋषि वामदेव गौतम ऋषि के पुत्र थे इसीलिए उन्हें गौतम भी कहा जाता था। वामदेव जब मां के गर्भ में थे तभी से उन्हें अपने पूर्वजन्म आदि का ज्ञान हो गया था। वामदेव जब मां के गर्भ में थे तभी से उन्हें अपने पूर्वजन्म आदि का ज्ञान हो गया था। ...
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महाराष्ट्र के अमरावती जिले के शेणगांव अंजनगांव में संत गाडगे बाबा का जन्म 23 फरवरी 1876 को हुआ था। उनका बचपन का नाम डेबूजी था।
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22 फरवरी को स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती की जयंती है। उनका जन्म 22 फरवरी 1856 को पंजाब के जालंधर जिले के तलवान ग्राम में एक कायस्थ परिवार में हुआ था और उनका निर्वाण 23 दिसंबर 1926 को दिल्ली के चांदनी चौक में हुआ था। स्वामी श्रद्धानंद का मूल नाम ...
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स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जन्म तारीख के अनुसार 18 फरवरी 1836 को बंगाल के एक प्रांत कामारपुकुर गांव में हुआ था और तिथि के अनुसार फाल्गुन शुक्ल द्वितीया को हुआ था।
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चैतन्य महाप्रभु ऐसे संत हुए हैं जिन्होंने भक्ति मार्ग का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। जब भारत वर्ष में चारों ओर विदेशी शासकों के भय से जनता स्वधर्म का परित्याग कर रही थी।
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स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म काठियावाड़ क्षेत्र जिला राजकोट, गुजरात में सन् 1824 में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ।
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स्वामी दयानंद आर्य समाज के संस्थापक तथा समाज-सुधारक थे। यहां पढ़ें 5 विद्वानों के विचार एवं उनके 5 उल्लेखनीय कार्य-
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महर्षि महेश योगी का जन्म 12 जनवरी 1918 को छत्तीसगढ़ के राजिम शहर के पास ही स्थित पांडुका गांव में हुआ।
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रामानंद अर्थात रामानंदाचार्य वैष्णव भक्तिधारा के महान संत हैं। उन्होंने उत्तर भारत में वैष्णव सम्प्रदाय को पुनर्गठित किया तथा वैष्णव साधुओं को उनका आत्मसम्मान दिलाया। स्वामी रामानंदाचार्य का जन्म माघ माह की कृष्ण सप्तमी को हुआ था। इस बार 4 फरवरी ...
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आचार्य महाश्रमण का जन्म राजस्थान के चुरू जिले के सरदारशहर में दिनांक 13 मई 1962 को हुआ। बारह वर्ष की अल्पायु में दिनांक 5 मई 1974 को सरदारशहर में आचार्य श्री
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च्यवन ऋषि ने ही जड़ी-बुटियों से 'च्यवनप्राश' नामक एक औषधि बनाकर उसका सेवन करके वृद्धावस्था से पुनः युवा बन गए थे। महाभारत के अनुसार, उनमें इतनी शक्ति थी कि वे इन्द्र के वज्र को भी पीछे धकेल सकते थे। च्यवन ऋषि महान् भृगु ऋषि के पुत्र थे। इनकी माता का ...
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ओशो एक ऐसे संबुद्ध सद्‍गुरु हैं जिन्होंने मानवीय चेतना को धर्म की रूढ़िवादी व बद्धमूल धारणाओं से मुक्त किया।
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ब्रह्मा के पुत्र अत्रि ने कर्दम ऋषि की पुत्री अनुसूया से विवाह किया था। अनुसूया की माता का नाम देवहूति था। अत्रि को अनुसूया से एक पुत्र जन्मा जिसका नाम दत्तात्रेय था। अत्रि-दंपति की तपस्या और त्रिदेवों की प्रसन्नता के फलस्वरूप विष्णु के अंश से ...
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एक जमान था जब भावातीत ध्यान की बहुत धूम थी। भावातीत ध्यान को लेकर पहले लोग इस तरह से जुनूनी हो चले थे कि वे समझते थे कि हमने बहुत बड़ी विद्या प्राप्त कर ली। ऐसी भी अफवाहें थी कि इस ध्यान के माध्यम से लोग हवा में उपर उठ जाते थे। फिर ओशो का जमाना आया ...
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महर्षि महेश योगी का जन्म 12 जनवरी 1918 को छत्तीसगढ़ के राजिम शहर के पास ही स्थित पांडुका गांव में हुआ।
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शारदा देवी (जन्म- 22 सितंबर, 1853, मृत्यु- 20 जुलाई, 1920) रामकृष्ण परमहंस की जीवन संगिनी थीं। रामकृष्ण परमहंस ने शारदा देवी को आध्यात्मिक ज्ञान दिया और देवी शारदा बाद में मां शारदा बन गईं। 1888 ई. में परमहंस के निधन के बाद उनके रिक्त स्थान पर ...
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स्वामी विवेकानंद के बारे में भारत के युवा कितना जानते हैं? शायद बहुत कम या शायद बहुत ज्यादा? आओ जानते हैं 8 पॉइंट में उनके बारे में कुछ खास।
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महापुरुष कृपालु होते हैं, उनका दिल दया से पूर्ण होता है और दुःखियों के दुःख दूर करने के लिए स्वयं को कष्टों में डालते हैं। ऐसे ही एक महापुरुष गुरु गोकुल दास का जन्म 6 जनवरी 1907 को उत्तरप्रदेश के बेलाताल गांव में हुआ था।
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