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PMUY new rule : LPG महंगा, सब्सिडी भी कम, सरकार ने उज्ज्वला योजना में घटाया रियायती सिलेंडरों का कोटा
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या में एक बार फिर कटौती कर दी है। अब योजना के लाभार्थियों को सालाना 9 की बजाय केवल 4 सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर मिलेंगे।
यह फैसला उज्ज्वला लाभार्थियों की औसत वार्षिक खपत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में हुई थी। इसमें प्रत्येक पात्र परिवार को साल में 12 सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर दिए जाते थे। पिछले वर्ष इसे घटाकर 9 किया गया था और अब इसे और कम करके 4 कर दिया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक अधिकांश उज्ज्वला परिवारों की औसत खपत इसी स्तर के आसपास है, इसलिए नई व्यवस्था लागू की गई है।
सरकार ने स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए मई 2022 में प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 200 रुपए की सब्सिडी शुरू की थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 300 रुपए कर दिया गया। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
हालांकि हाल के महीनों में एलपीजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 7 जून की बढ़ोतरी के बाद 942 रुपए पहुंच गई है। 300 रुपए की सब्सिडी के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों को एक सिलेंडर के लिए 642 रुपए चुकाने पड़ेंगे।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेजी, खासकर पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास आपूर्ति प्रभावित होने के कारण लागत बढ़ी है। एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति लागत 1600 रुपए से अधिक पहुंच गई है जबकि तेल कंपनियां अब भी प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग 700 रुपए का नुकसान उठा रही हैं। सरकार के अनुसार 2022 से अब तक एलपीजी सब्सिडी पर लगभग 52,000 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी हाल ही में बढ़ोतरी की गई है। Edited by : Sudhir Sharma
