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ज्ञानवापी मस्जिद के वो 5 तथ्‍य जो करते हैं संदेह पैदा

गुरुवार,मई 19, 2022
Gyanvapimasjid
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Gyanvapi kua : शिव मंदिरों के पास आपको अक्सर कुआं, कुंड या कूप मिल जाएंगे, क्योंकि शौच, शुद्धि और आचमन ने साथ ही शिवजी पर जल अर्पित करने के लिए इसकी जरूरत होती है। बताया जा रहा है कि काशी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में ऐसा ही एक कुआं हैं। ...
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Mandir Masjid vivad : कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर को हम देखते हैं तो पता चलता है कि भारत गुप्तकाल में किस भव्यता के साथ खड़ा था। 7वीं सदी के पूर्व भारतीय लोग शांत और सुरक्षित जीवन जी रहे थे। युद्ध थे लेकिन युद्ध का स्वरूप अलग था। लेकिन सम्राट ...
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History of gyanvapi masjid mosque: कहते हैं कि काशी में विश्वनाथ के एक बहुत ही विशालकाय मंदिर था। ईसा पूर्व 11वीं सदी में राजा हरीशचन्द्र ने जिस विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था उसका सम्राट विक्रमादित्य ने जीर्णोद्धार करवाया था। इसका पौराणिक ...
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Lord Narasimha Narsingh Jayanti 2022: हिरण्यकश्यप को ब्रह्माजी से वरदान मिला था कि उसे कोई भी न धरती पर और न आसमान में, न भीतर और न बाहर, न सुबह और न रात में, न देवता और न असुर, न वानर और न मानव, न अस्त्र से और न शस्त्र से मार सकता है। इसी वरदान के ...
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Tripada Gayatri Mata : आपने किसी देवी या देवता के 2, 3, 4 या 5 मुख की मूर्ति के संबंध में तो सुना ही होगा और देखा भी होगा। लेकिन आपने यह कभी नहीं सुना होगा कि किसी देवी या देवता के तीन या पांच पैर होते हैं। मध्यप्रदेश में एक ऐसी जगह गायत्री माता की ...
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Badrinath dham temple : छोटा चार धाम में से एक है बद्रीनाथ धाम। कहते हैं कि भविष्य में यह धाम लुप्त हो जाएगा। वर्तमान में उत्तराखंड के चमोली में स्थित मुख्‍य बद्रीनाथ धाम के अलावा 6 बद्रीनाथ धाम और है जिसे सप्त बद्री का जाता है। आओ जानते हैं इन सभी ...
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History of History of Gyanvapi masjid : काशी में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा विश्वनाथ का मंदिर का इतिहास बहुत ही प्राचीन है। यह आओ जानते हैं कि कब बना था काशी में शिव मंदिर और कब इसे तोड़ा गया और फिर कब यहा पर ज्ञानवापी नाम की मस्जिद बनी।
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Story of Krishna Janmashtami : कहते हैं कि मथुरा में श्रीकृष्‍ण जन्मभूमि पर एक विशालकाय मंदिर बना था। इस भव्य मंदिर को कई बार तोड़ा गया और अंत में यहां पर एक ईदागाह बना दी गई। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में हुआ था। आओ जानते हैं मथुरा ...
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Karni Mata Temple: हिन्दू धर्म में हवा, पृथ्वी, जल, पशु-पक्षी आदि को भी भगवान के रूप में पूजा जाता है तथा इनके मंदिरों के बारे में भी आपने कई बार सुना होगा। एक ऐसा ही मंदिर है - बीकानेर राजस्थान में, जो इन दिनों काफी चर्चा में है। ये है देशनोक का ...
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Manikarnika ghat story in hindi : काशी को वाराणसी और बनारस भी कहते हैं। यहां के घाट बहुत ही प्राचीन और प्रसिद्ध हैं। यहां पर मणिकर्णिका घाट के साथ ही गंगा घाट, दशाश्‍वमेघ घाट, अस्सी घाट सहित कई ऐतिहासिक घाट देखने लायक हैं। अस्सी घाट की गंगा आरती को ...
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Kashi paryatan sthal : भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी में स्थित विश्‍वनाथ का शिवलिंग बहुत ही महत्वपूर्ण है। काशी को बनारस और वाराणसी भी कहते हैं। शिव और काल भैरव की यह नगरी अद्भुत है जिसे सप्तपुरियों में शामिल किया गया है। दो नदियों ...
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Kedarnath temple char dham yatra 2022 : 6 मई 2022 शुक्रवार वैशाख शुक्ल पंचमी के दिन प्रात: 6 बजकर 25 मिनट पर केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले। कोरोनाकाल के करीब 2 वर्ष बाद भक्त लोग मंदिर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर पा रहे हैं। हजारों की संख्या में ...
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Kedarnath Temple Yatra Mystery : चार धाम यात्रा में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री तीर्थ की मुख्‍य रूप से यात्रा की जाती है। यदि आप केदारनाथ की यात्रा पर जा रहे हैं तो जान लें यहां की मुख्‍य और रहस्यममी बातों को।
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श्री पीताम्बरा पीठ दतिया : मध्यप्रदेश के दतिया शहर में पीतांबरा पीठ स्थित है। इसे शक्तिपीठ भी माना जाता है। यहां पर महाभारतकालीन वनखण्डेश्वर शिव मंदिर स्थित है। कहते हैं कि पीतांबरा पीठ क्षेत्र में श्री स्वामीजी महाराज के द्वारा मां बगलामुखी देवी और ...
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Char Dham Yatra 2022 : 3 मई 2022 मंगलवार से छोटा चार धाम की यात्रा प्रारंभ हो गई है। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा को छोटा चार धाम यात्रा कहते हैं। वैसे बड़े चार धाम के नाम है बद्रीनाथ, जगन्नाथ, रामेश्वरम और द्वारिका धाम। ...
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Gangotri, yamunotri, kedarnath, badrinath yatra : 3 मई 2022 अक्षया तृतीया से छोटा चार धाम की यात्रा प्रारंभ हो गई है। इस चार धाम में गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की तीर्थ यात्रा की जाती है। यह सभी स्थान उत्तराखंड में स्थित है। बद्रीनाथ ...
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नवरात्र: वैष्णों देवी में रौनक। नवरात्रि में वैष्णो देवी धाम में इस बार भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। बताया जा रहा है कि 4 दिन में ही श्रद्धालुओं का आंकड़ा 1 लाख के पार जा चुका है। कोरोना महामारी के बाद केवल 31 दिसंबर 2021 को यात्रा में बढ़ोतरी हुई ...
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Kedarnath yatra ki puri jankari: उत्तराखंड के चार धाम की यात्रा में केदारनाथ और बद्रीनाथ प्रमुख है। इसके बाद गंगोत्री और यमुनोत्री भी यात्रा मार्ग में आते हैं। बद्रीनाथ धाम में ही केदारनाथ (शिव ज्योतिर्लिंग), यमुनोत्री (यमुना का उद्गम स्थल) एवं ...
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Amarnath Yatra Plan And Instructions 2022: कोविड 19 कोरोना वायरस के कारण 2 सालों से स्थगित अमरनाथ यात्रा इस बार 30 जून को आरंभ होकर 11 अगस्त तक चलेगी। इस बार 10 लाख लोगों को न्योता दिया गया है। यदि आप अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं तो रखें 20 बातों का ...
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#TheKashmirFiles : द कश्मीर फाइल्स फिल्म में कश्मीर के मंदिरों और विद्वानों की चर्चा हुई है। इसी संदर्भ में जानते हैं कि कश्मीर घाटी के 10 प्राचीन मंदिरों के बारे में संक्षिप्त जानकारी। हालांक कश्मीर के अधिकतर मंदिर उपेक्षा के कारण खंडर में बदल गए ...
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हिरण्यकश्यप को ब्रह्माजी से वरदान मिला था कि उसे कोई भी न धरती पर और न आसमान में, न भीतर और न बाहर, न सुबह और न रात में, न देवता और न असुर, न वानर और न मानव, न अस्त्र से और न शस्त्र से मार सकता है। इसी वरदान के चलते वह निरंकुश हो चला था।
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महाशिवरात्रि 2022 : ग्वालियर से लगभग 80 किलोमीटर दूर और मुरैना से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थति ग्वालियर और भिंड सीमा पर रिठौरा क्षेत्र के जंगलों में बहुत ही प्राचीन और ऐतिहासिक नरेश्वर शिव मंदिरों ( Nareshwar Shiva Temple Morena) की एक श्रृंखला मौजूद ...
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Nageshvara Jyotirling Gujarat : गुजरात के द्वारिकापुरी धाम से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से नागेश्वर ज्योतिर्लिंग पर महाशिव रात्रि के दिन श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रहती है। यह स्थान गोमती द्वारका से बेट द्वारका जाते समय रास्ते ...
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भारतीय राज्य उत्तराखंड में गिरिराज हिमालय की केदार नामक चोटी पर स्थित देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सर्वोच्च केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग का मंदिर। इस संपूर्ण क्षेत्र को केदारनाथ धाम के नाम से जाना जाता है। यह स्थान छोटा चार धाम में से एक है। ...
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महाशिवरात्रि 2022: उत्तराखंड प्रदेश में हरिद्वार अर्थात हरि का द्वार है, जो गंगा के तट पर स्थित है। इसे गंगा द्वार और पुराणों में इसे मायापुरी क्षेत्र कहा जाता है। यह भारतवर्ष के सात पवित्र स्थानों में से एक है। यहां से कुछ किलोमीटर दूर सबसे प्राचीन ...
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उज्जैन। पुरातत्व विभाग को खुदाई के दौरान उज्जैन में बड़नगर रोड पर ग्राम कलमोड़ा में 1000 साल पुराना भगवान शिव मंदिर मिला है जिसके गर्भगृह में एक विशाल शिवलिंग नजर आ रहा है। खुदाई में मंदिर के साथ साथ कलश, आमलक, अमल सारिका, स्तंभ भाग, लता वल्लभ, कोणक ...
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रामभक्त और रामदूत हनुमानजी के जन्मस्थान को लेकर मतभेद रहा है। हाल ही में आंध्र प्रदेश के तिरुपति तिरुमाला में आंजनेद्री ( anjanadri parvat) पर्वत पर स्थित हनुमान जन्म स्थान पर भव्य प्रतिमा स्थापित करने और मंदिर बनाने को लेकर शिलान्यास हो रहा है। यह ...
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नमस्कार! 'वेबदुनिया' के मंदिर मिस्ट्री चैनल में आपका स्वागत है। इस चैनल में हम आपको मंदिरों के अनसुलझे रहस्यों के बारे में बताते रहे हैं। इस बार हम बताते हैं छत्तीसगढ़ राज्य के खरौद शहर में स्थित लक्ष्मणेश्वर मंदिर के रहस्यमय शिवलिंग के बारे। कहते ...
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Basant Panchami: बसंत पंचमी पर माता सरस्वती की पूजा अक्सर स्कूलों में और उन दफ्तर या संस्थानों में होती है जहां पर लेखन, गायन और वादन का कार्य होता है। वैसे तो देश में माता सरस्वती के बहुत ही कम मंदिर है। फिर भी वसंत पंचमी पर जानिए देश के 10 ...
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भारत की प्राचीन नगरियों में से एक अयोध्या को हिन्दू पौराणिक इतिहास में पवित्र और सबसे प्राचीन सप्त पुरियों में प्रथम माना गया है। इसे श्रीहरि विष्णु की प्रथम पुरी भी कहा जाता है। आओ जानते हैं अयोध्या के बारे में 10 खास बातें।
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हर दिन की अच्छी शुरुआत करने के लिए सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) सबसे अच्छा व्यायाम माना गया है। इसे आप अपने घर के हॉल, लॉन, खुली छत या बगीचे में भी कर सकते हैं। अभी कोरोना संक्रमण चारों ओर फैला हुआ है, ऐसे समय में आप घर पर रहकर ही सूर्य नमस्कार ...
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