भारत में प्रदर्शनों पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बड़ा बयान, UN एक्सपर्ट्स पर भी कसा तंज
Marco Rubio India Visit: भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिका का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात और द्विपक्षीय बातचीत के बाद रूबियो ने स्पष्ट किया कि भारत में जारी प्रदर्शन उसका आंतरिक राजनीतिक मामला है, जिसमें अमेरिका किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगा। इसके साथ ही उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सराहना करते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक्सपर्ट्स पर भी तीखा तंज कसा।
भारत एक जीवंत लोकतंत्र
द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने भारत आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से जब हालिया विरोध प्रदर्शनों (जैसे नीट-यूजी पेपर लीक और ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग) को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत स्पष्ट शब्दों में अमेरिका का पक्ष रखा। रूबियो ने कहा कि यह भारत का घरेलू मामला है। मैं उनकी राजनीति में शामिल नहीं होने वाला। भारत में लोकतंत्र है, यहां चुनाव होते हैं और यह तय करना भारत की जनता का काम है। हम ऐसे आंतरिक राजनीतिक मुद्दों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। ALSO READ: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन का बड़ा दावा: CJP को मिल रही अमेरिका से फंडिंग, पीएम मोदी के खिलाफ साजिश का आरोप
उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विचार-विमर्श स्वाभाविक प्रक्रियाएं हैं। रूबियो के मुताबिक, अमेरिका में भी हर दिन विरोध प्रदर्शन होते हैं।
विरोध प्रदर्शन और दंगों में होता है अंतर
मार्को रूबियो ने शांतिपूर्ण विरोध और हिंसा के बीच के फर्क को भी रेखांकित किया। उन्होंने यूरोप का हवाला देते हुए कहा कि मैं दंगों की बात नहीं कर रहा, जैसे आप यूरोप में देखते हैं जहां इमारतों में तोड़फोड़ की जाती है या उन्हें जला दिया जाता है। कई मायनों में लोगों का सड़कों पर निकलकर अपनी बात रखना इस बात का संकेत है कि यह एक ऐसा देश है जहां जीवंत राजनीतिक चर्चा और मतभेद मौजूद हैं।
निरंकुश शासन व्यवस्थाओं से तुलना करते हुए रूबियो ने क्यूबा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि क्यूबा जैसी जगहों पर विपक्ष का कोई अस्तित्व नहीं है, वहां विरोध करने वालों को जेल, दमन या निर्वासन का सामना करना पड़ता है। ALSO READ: अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला
UN एक्सपर्ट्स पर तीखा तंज
भारत में विरोध प्रदर्शनों को लेकर यूएन एक्सपर्ट्स की आलोचना से जुड़े सवाल पर मार्को रूबियो ने हंसते हुए चुटकी ली। उन्होंने कहा कि यूएन एक्सपर्ट्स मेरे फेवरेट हैं। यूएन एक्सपर्ट्स शब्द खुद में ही एक विरोधाभास है।
मार्को रूबियो की इस यात्रा को रणनीतिक और द्विपक्षीय लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनकी बैठक में दोनों देशों के साझा हितों और वैश्विक मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई, वहीं आंतरिक मुद्दों पर उनके बयान ने भारत-अमेरिका रिश्तों में परिपक्वता को स्पष्ट किया है।
उल्लेखनीय है कि भारत यात्रा पर रवाना होने से पहले करीब आधा दर्जन अमेरिकी सांसदों ने भी रुबियो से आग्रह किया था कि वे भारत यात्रा के दौरान वहां हो रहे प्रदर्शनों का मुद्दा उठाएं।

