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SBI Data Breach: एसबीआई के हजारों ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर लीक, नुकसान को लेकर क्या बोला बैंक

SBI Data Breach
SBI Data Breach: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) पर हुए साइबर अटैक में हजारों लोगों से जुड़ा बैंकिंग और कस्टमर डेटा लीक हो गया। प्रारंभिक जांच में लगभग 3.75 लाख रिकॉर्ड में से 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी सामने आने की बात कही गई है। इसमें मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, ईमेल, पते और अन्य वित्तीय विवरण शामिल हो सकते हैं। बैंक जांच कर रहा है कि यह डेटा थेफ्ट कितने बड़े पैमाने पर हुआ है।
 

16 अक्टूबर को डेटा लिक के बारे में पता चला?

इस दावे के बारे में साइबर सुरक्षा की निगरानी करने वाले अकाउंट साइबर पल्स 56 ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी। इस पोस्ट में कहा गया है कि हैकर ग्रुप के पास देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक से जुड़ी 3.75 लाख डाटा एंट्री और 2,722 पीडीएफ दस्तावेज मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि लीक हुए इस डाटा में ग्राहकों की निजी जानकारी, पते, लोन आवेदन, जरूरी दस्तावेज और आवेदन से जुड़े अन्य रिकार्ड शामिल हैं। साइबरपल्स56 ने सबसे पहले 16 अक्टूबर को इस दावे के बारे में बताया था।
 
इस पोस्ट में कहा गया कि थ्रेट एक्टर इसे डेटासेट का पहला खुलासा बता रहा है। कथित लीक की प्रामाणिकता, मूल स्रोत और दायरे की अभी पुष्टि होना बाकी है। यदि यह डेटा असली है, तो इसके कारण पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी, टारगेटेड फिशिंग और फर्जी लोन आवेदन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 
 
SBI को इस दावे की जांच करनी चाहिए, यह सत्यापित करना चाहिए कि क्या ग्राहकों के रिकॉर्ड लीक हुए हैं, और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से संभावित रूप से प्रभावित ग्राहकों को इसकी सूचना देनी चाहिए।
भारतीय स्टेट बैंक ने बताया कि उसे 16 अक्टूबर को डिफेंस साइबर एजेंसी (DCyA) और इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) की ओर से ग्राहकों के डेटा के संभावित रूप से डार्क वेब पर सामने आने की सूचना मिली थी। इसके बाद डार्क वेब पर ग्राहकों के रिकॉर्ड की जांच की गई। इसमें 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मिली।
 

बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय प्रदर्शन पर बड़ा असर नहीं

हालांकि SBI का कहना है कि साइबर अटैक की इस घटना से उसकी मुख्य बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय प्रदर्शन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। ️डेटा कहां से लीक हुआ, कितना डेटा प्रभावित है और ग्राहकों को कितना जोखिम है, इसकी विस्तृत जांच जारी। बैंक ने साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय किए, स्वतंत्र CERT-In-empanelled एजेंसी से जांच कराई जा रही है।
 

क्या सावधानी रखें ग्राहक?

ग्राहकों को SBI के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल, मैसेज और ईमेल से सतर्क रहना चाहिए। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा करें।
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