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वैष्णो देवी में डेढ़ किमी लंबी कतारें, 4 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ संभालने की चुनौती

Vaishno Devi Yatra
सुरेश एस डुग्‍गर
शारदीय नवरात्रों में माता वैष्णो देवी के दरबार में उमड़ी भारी भीड़ ने यात्रा व्यवस्था की परीक्षा शुरू कर दी है। पहले ही दिन भवन परिसर में दर्शनों के लिए करीब डेढ़ किमीर तक कतारें लगीं। खराब मौसम के कारण हेलीकाप्टर सेवा भी प्रभावित रही। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को सुगम बनाए रखना श्राइन बोर्ड और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।
 
रिपोर्ट के मुताबिक, 11 अक्टूबर को नवरात्र के पहले दिन 47,346 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। श्राइन बोर्ड ने पूरे नवरात्र के दौरान लगभग चार लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया है। नवरात्र 11 से 20 अक्टूबर तक चलेंगे। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बीच कतारों का नियमन, यात्रा मार्ग पर आवाजाही, पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थलों और चिकित्सा सहायता की उपलब्धता पर लगातार निगरानी जरूरी है।
 
यही कारण है कि श्रद्धालुओं की प्रमुख परेशानी दर्शनों के लिए लंबा इंतजार और भीड़ के बीच आगे बढ़ने में लगने वाला समय है। भवन परिसर में लगातार उद्घोषणाओं के जरिये दर्शन कर चुके श्रद्धालुओं से कटड़ा की ओर लौटने की अपील की जा रही है, ताकि पीछे इंतजार कर रहे लोगों को जगह मिल सके। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में व्यापक अव्यवस्था या श्रद्धालुओं की शिकायतों की संख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसलिए असुविधाओं को लेकर सभी श्रद्धालुओं की एक जैसी राय मानना उचित नहीं होगा।
 
यह सच है कि मौसम की मार ने भी व्यवस्था की मुश्किलें बढ़ाई हैं। कल हेलीकाप्टर सेवा बंद रहने से इस सुविधा पर निर्भर यात्रियों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़े थे। यात्रा मार्ग पर भीड़ के दबाव के बीच बुजुर्गों, दिव्यांगों और बीमार श्रद्धालुओं के लिए सहायता तथा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था का सुचारु रहना विशेष महत्व रखता है।
 
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और अन्य एजेंसियों की तैनाती की गई है। श्राइन बोर्ड ने आपदा प्रबंधन, अग्निशमन व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों की निगरानी की तैयारियों की समीक्षा भी की है।
 
हालांकि श्राइन बोर्ड ने आपदा प्रबंधन दलों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया है। पर अब चुनौती तैयारियों को जमीन पर प्रभावी बनाने की है। श्रद्धालुओं को कतारों में लगने वाले अनुमानित समय की नियमित जानकारी, साफ-सफाई, पर्याप्त पेयजल और विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।

शिकायतों के निवारण के लिए सक्रिय व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि किसी परेशानी के सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। नवरात्रों के शेष दिनों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच व्यवस्थाओं की असली कसौटी यही होगी कि सुरक्षा के साथ दर्शन कितने सुगम और सुविधाजनक रहते हैं।
 

आंकड़ों में यात्रा

47,346 : 11 अक्टूबर को पहले दिन दर्शन करने वाले श्रद्धालु।
करीब 4 लाख : नवरात्रों के दौरान संभावित श्रद्धालु।
करीब 1.5 किमी : पहले दिन भवन परिसर में कतारें।
69.79 लाख : वर्ष 2025 में पूरे साल माता वैष्णो देवी के दर्शन करने वाले श्रद्धालु।
लेखक के बारे में
सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।.... और पढ़ें
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