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UPI Payment Rules : आम यूजर के लिए UPI रहेगा फ्री, किन ट्रांजेक्शन पर लगेगा चार्ज, जान लीजिए सरकार के नए नियम

MDR Charges on UPI payment
UPI से पैसे भेजने वालों के लिए बड़ी राहत है। नए पेमेंट फ्रेमवर्क के मुताबिक एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (P2P) को किए जाने वाले UPI भुगतान पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, चाहे ट्रांजैक्शन की रकम कितनी भी हो। यानी दोस्तों, परिवार या किसी दूसरे व्यक्ति को UPI से पैसे भेजना पहले की तरह मुफ्त रहेगा।
नए नियमों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आम व्यक्ति का P2P UPI भुगतान मुफ्त बना रहेगा। बदलाव मुख्य रूप से कुछ बड़े Merchant Payments पर MDR से जुड़ा है। इसलिए अगर आप रोजमर्रा में दोस्त, परिवार या किसी व्यक्ति को UPI से पैसे भेजते हैं, तो आपको इस बदलाव से सीधे तौर पर कोई नया शुल्क नहीं देना होगा। 
 
हालांकि, दुकानदार या कारोबारी को किए जाने वाले कुछ बड़े UPI भुगतान (P2M) पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होगा। ₹2,000 से ज्यादा के कुछ Merchant Transactions पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया जाएगा।

₹2,000 से ज्यादा के हर UPI पेमेंट पर ग्राहक को चार्ज नहीं देना होगा

 
यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। MDR मुख्य रूप से Merchant और Payment Ecosystem के बीच लगने वाला शुल्क है। इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहक के UPI ऐप से ₹2,000 से ज्यादा भुगतान करने पर उसके खाते से अलग से 0.4 प्रतिशत काट लिया जाएगा।
 
सरकार ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि व्यापारी MDR की लागत ग्राहक से न वसूलें।
 

P2P UPI पेमेंट हमेशा फ्री रहेगा

 
अगर आप अपने दोस्त, रिश्तेदार या किसी अन्य व्यक्ति को UPI से पैसे भेजते हैं, तो उस पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
 
  • ₹500 भेजें — कोई चार्ज नहीं
  • ₹2,000 भेजें — कोई चार्ज नहीं
  • ₹10,000 भेजें — कोई चार्ज नहीं
  • इससे भी ज्यादा रकम भेजें — P2P UPI पर कोई चार्ज नहीं
 
P2P ट्रांजैक्शन UPI के कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का करीब 37 प्रतिशत और कुल वैल्यू का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा हैं।
 

दुकानदार को ₹2,000 से ज्यादा देने पर क्या बदलेगा?

 
Person-to-Merchant यानी P2M ट्रांजैक्शन में ₹2,000 से ज्यादा के कुछ भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा।
 
यह शुल्क पेमेंट सिस्टम से जुड़े अलग-अलग हिस्सेदारों, जैसे बैंक और ऐप प्रोवाइडर के बीच साझा किया जाएगा।
 
₹75,000 या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा।
 

उदाहरण से समझिए

 
अगर किसी पात्र Merchant Transaction की रकम ₹10,000 है, तो 0.4 प्रतिशत के हिसाब से MDR ₹40 होगा।
 
वहीं ₹75,000 या उससे ज्यादा की रकम पर 0.4 प्रतिशत की गणना ₹300 से ज्यादा होने पर भी MDR ₹300 तक सीमित रहेगा।
 
रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और पेट्रोल जैसे क्षेत्रों के लिए अलग नियम
 
कुछ जरूरी सेवाओं और क्षेत्रों में ₹2,000 से ज्यादा के UPI Merchant Payments पर फ्लैट ₹5 MDR लागू होगा।
 
इनमें शामिल हैं:
 
  • रेलवे
  • टेलीकॉम
  • इंश्योरेंस
  • ईंधन/फ्यूल
  • कृषि से जुड़े इनपुट
 
  • इन क्षेत्रों के ट्रांजैक्शन UPI के P2M भुगतान में बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं।
  • म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार से जुड़े भुगतान पर भी MDR
  • म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर्स से जुड़े भुगतानों पर 0.02 प्रतिशत MDR लागू होगा।
  • इसका अधिकतम शुल्क ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा।
 

छोटे दुकानदारों को राहत

 
छोटे व्यापारियों के लिए भी व्यवस्था में राहत रखी गई है। P2PM कैटेगरी में ऐसे छोटे व्यापारी जो UPI QR Code के जरिए महीने में ₹1 लाख तक प्राप्त करते हैं, उनके लिए सभी ट्रांजैक्शन पर अनिवार्य Zero MDR जारी रहेगा।
इसका मतलब छोटे दुकानदारों और छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त शुल्क का दबाव नहीं पड़ेगा।
 

UPI ऐप अलग से Platform Fee नहीं लगा सकेंगे

 
नए नियमों में UPI ऐप प्रोवाइडर्स को अलग से Platform Fee या Hidden Charges लगाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि व्यापारी MDR का खर्च सीधे ग्राहक से न वसूलें। यानी ग्राहक को दुकान पर UPI से भुगतान करते समय अलग से कोई छिपा हुआ UPI चार्ज नहीं लगाया जाना चाहिए।
 

UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए कोई Monthly Limit नहीं

 
आम यूजर्स के लिए मुफ्त UPI ट्रांजैक्शन की संख्या पर कोई मासिक कोटा या वॉल्यूम लिमिट नहीं होगी। यानी ऐसा नहीं है कि महीने में एक निश्चित संख्या में मुफ्त UPI भुगतान करने के बाद हर ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगने लगेगा।

Daily UPI Limit और चार्ज अलग-अलग चीजें हैं

 
बैंक और NPCI अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से UPI की दैनिक सीमा तय करते हैं। यह सीमा आम तौर पर ₹1 लाख से ₹5 लाख तक हो सकती है। लेकिन इसे UPI शुल्क नहीं समझना चाहिए। यह सीमा मुख्य रूप से सुरक्षा और रिस्क मैनेजमेंट के लिए होती है।
 

आम यूजर के लिए सबसे जरूरी 5 बातें

 
1. व्यक्ति से व्यक्ति UPI: किसी भी रकम पर मुफ्त रहेगा।
2. Merchant को भुगतान: ₹2,000 से ज्यादा के कुछ पात्र P2M ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा।
3. ₹75,000 या उससे ज्यादा: MDR अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तक रहेगा।
4. छोटे दुकानदार: महीने में ₹1 लाख तक UPI QR से प्राप्त करने वाले पात्र छोटे व्यापारियों के लिए Zero MDR जारी रहेगा।
5. ग्राहक से Hidden Charge: UPI ऐप या व्यापारी द्वारा MDR को अलग से ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं होगी।
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