UPI पर होने वाले अधिकांश ट्रांजैक्शन रहेंगे फ्री, किन पर लगेगा टैक्स, सरकार ने दिया बड़ा अपडेट
UPI से पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने साफ किया है कि आम यूजर्स के लिए UPI पेमेंट फिलहाल फ्री रहेगा। यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने यानी Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसके अलावा ज्यादातर मर्चेंट पेमेंट भी बिना शुल्क के जारी रहने की उम्मीद है।
हालांकि, भविष्य में कुछ खास Merchant Transactions पर मामूली Merchant Discount Rate (MDR) लागू किया जा सकता है। यह शुल्क सभी UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा, बल्कि एक तय सीमा यानी Threshold से ऊपर होने वाले चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर ही लागू किया जा सकता है।
क्या UPI से पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आम ग्राहक को UPI से पेमेंट करने के लिए कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देना होगा।
खास तौर पर:
- P2P UPI पेमेंट: पूरी तरह फ्री रहेगा।
- आम यूजर्स: UPI पेमेंट करने पर कोई शुल्क नहीं।
- ज्यादातर मर्चेंट पेमेंट: फिलहाल फ्री रहने की उम्मीद।
- चुनिंदा बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन: भविष्य में मामूली MDR लग सकता है।
- हर UPI पेमेंट पर चार्ज: ऐसा नहीं होगा।
- MDR क्या है और किसे देना पड़ सकता है?
MDR यानी Merchant Discount Rate एक तरह का शुल्क है, जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले मर्चेंट से लिया जा सकता है। सरकार के प्रस्तावित ढांचे के तहत यदि MDR लागू किया जाता है तो इसका असर आम UPI यूजर के बजाय चुनिंदा मर्चेंट्स पर पड़ेगा।
यह शुल्क भी सभी मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा। इसके लिए एक निश्चित Threshold तय किया जाएगा। यानी तय सीमा से ऊपर के पात्र ट्रांजैक्शन पर ही मामूली MDR लगाया जा सकता है। सरकार का कहना है कि यदि MDR लागू किया गया तो इसकी दर Debit Card और Credit Card से जुड़े सामान्य MDR की तुलना में काफी कम होगी।
क्या हर UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?
नहीं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI पर कोई Blanket Charge लगाने की योजना नहीं है। यानी रोजमर्रा में UPI से चाय, किराना, सब्जी, ऑनलाइन खरीदारी या किसी व्यक्ति को पैसे भेजने वाले यूजर्स को अचानक हर पेमेंट पर शुल्क देना शुरू नहीं होगा।
सरकार के मुताबिक UPI पर होने वाले अधिकांश ट्रांजैक्शन फ्री ही रहेंगे।
UPI पर चार्ज लगाने की बात क्यों सामने आई?
सरकार UPI के लगातार बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इसके लंबे समय तक टिकाऊ वित्तीय मॉडल पर जोर दे रही है। डिजिटल पेमेंट का दायरा तेजी से बढ़ने के साथ सिस्टम को टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड रोकने और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार निवेश की जरूरत पड़ती है।
सरकार का तर्क है कि UPI के अगले चरण के विस्तार के लिए केवल सब्सिडी पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं हो सकता। चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर सीमित शुल्क से पेमेंट कंपनियों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने और इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
नए नियमों में क्या बदलाव हो सकता है?
लोकसभा से Payment and Settlement Systems Act, 2007 में संशोधन से जुड़ा विधेयक पारित होने के बाद सरकार को UPI और अन्य अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम पर शुल्क लगाने की अनुमति देने की शक्ति मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
प्रस्तावित बदलाव के बाद यदि MDR लागू करने का फैसला लिया जाता है तो NPCI की अध्यक्षता वाली UPI and Services Steering Committee इसकी व्यवस्था और दर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
क्या दुकानदार ग्राहकों से यह शुल्क वसूल सकते हैं?
सरकार का मौजूदा स्पष्टीकरण आम यूजर्स के लिए राहत देने वाला है। हालांकि, यदि भविष्य में चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होता है, तो इसका सीधा भुगतान मर्चेंट स्तर पर हो सकता है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई है कि दुकानदार या कारोबारी बाद में इस लागत को सामान और सेवाओं की कीमतों में शामिल करके ग्राहकों से वसूल सकते हैं।
हालांकि, सरकार ने कहा है कि उसकी मौजूदा स्थिति स्पष्ट है—नागरिकों के लिए UPI फ्री रहेगा और अधिकांश मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी फ्री रहेंगे।
UPI यूजर्स के लिए आसान भाषा में समझें
अगर आप किसी दोस्त या रिश्तेदार को UPI से पैसे भेजते हैं- कोई चार्ज नहीं।
अगर आप रोजमर्रा की खरीदारी UPI से करते हैं- आमतौर पर कोई चार्ज नहीं।
अगर आप मर्चेंट हैं - ज्यादातर ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे, लेकिन भविष्य में तय सीमा से ऊपर के कुछ ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR लागू हो सकता है।
हर UPI पेमेंट पर चार्ज - नहीं।
फिलहाल UPI इस्तेमाल करने वाले आम लोगों को हर पेमेंट पर शुल्क लगने की चिंता करने की जरूरत नहीं है। यदि भविष्य में MDR लागू किया जाता है तो उसका दायरा और दर अलग से तय की जाएगी।

