1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. उत्तर प्रदेश
  4. lucknow-ayodhya-namo-bharat-corridor-rrts-budget-approved-13-crore

Lucknow to Ayodhya नमो भारत कॉरिडोर, 13.50 करोड़ मंजूर, अब सिर्फ 60 मिनट में तय होगा 150 KM का सफर

Lucknow Ayodhya Namo Bharat Corridor
Namo Bharat Train Uttar Pradesh: रामनगरी अयोध्या को आधुनिक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रदेश सरकार ने लखनऊ से बाराबंकी होते हुए अयोध्या तक लगभग 150 किलोमीटर लंबे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के लिए 13.50 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इस बजट से परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), रूट अलाइनमेंट और प्रारंभिक सर्वे का काम पूरा किया जाएगा।

​लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर का विस्तार

​यह महत्वाकांक्षी योजना लखनऊ-कानपुर के बीच प्रस्तावित 'नमो भारत' कॉरिडोर का ही एक विस्तार है। वर्तमान में लखनऊ-कानपुर खंड के लिए DPR तैयार की जा रही है, जिसे अब बाराबंकी के रास्ते सीधे अयोध्या से जोड़ा जाएगा। DPR तैयार होने के बाद स्टेशनों की संख्या, मार्ग, आवश्यक भूमि, परियोजना की कुल लागत और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या का स्पष्ट खाका तैयार होगा।

3 घंटे का सफर अब 60 मिनट में

​वर्तमान में लखनऊ से अयोध्या की दूरी तय करने में रेलवे से दो से ढाई घंटे और बस से तीन घंटे से अधिक का समय लगता है। 'नमो भारत' ट्रेन शुरू होने के बाद यह दूरी महज 60 से 70 मिनट में सिमट जाएगी। इससे प्रतिदिन आवागमन करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का समय और सफर दोनों आसान हो जाएंगे।

'नमो भारत' ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं

  • ​रफ्तार का रोमांच : 180 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड और 160 किमी/घंटा की परिचालन गति।
  • ​विश्वस्तरीय सुविधाएं : पूरी तरह वातानुकूलित (AC) कोच, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर और मेट्रो जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं।
  • ​सफल मॉडल : दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर इस ट्रेन का सफल संचालन जारी है। अयोध्या तक इसका विस्तार उत्तर प्रदेश का दूसरा प्रमुख रीजनल रैपिड कॉरिडोर बनेगा।

​धरातल पर उतरीं तैयारियां

​परियोजना को गति देने के लिए शासन ने अयोध्या के जिलाधिकारी और विकास प्राधिकरणों को पत्र जारी कर दिया है, ताकि सर्वे टीमों को आवश्यक डेटा और स्थानीय सहयोग तुरंत उपलब्ध कराया जा सके। DPR और अलाइनमेंट फाइनल होने के बाद केंद्र व राज्य सरकार से अंतिम वित्तीय मंजूरी ली जाएगी।
लेखक के बारे में
संदीप श्रीवास्तव
संदीप श्रीवास्तव करीब 25 वर्ष से ज्यादा समय से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वेबदुनिया के लिए उत्तर प्रदेश में स्ट्रिंगर के रूप में कार्य करते हैं। .... और पढ़ें
अगला लेख
Rahul Gandhi : प्रियंका गांधी को सड़क पर पटका, राहुल बने ढाल