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'मैं वापस आऊंगा' को लेकर वेदांग रैना बोले– Gen Z को बदलने की ताकत है इस कहानी में

Vedang Raina interview
मेरा काम है मैं एक बहुत अच्छे किरदार को अपनाऊं। मुझे जिसमें भरोसा वो काम कर सकूं और मुझे ऐसा लगता है कि मैं कई जेन जी को बदल कर रख दूंगा। ये एजेंडा लेकर नहीं आया हूं जो किरदार है मुझे लगे कि मैं वह कर सकता हूं क्योंकि अगर मुझे खुद में यकीन नहीं होगा तो किसी रोल को लेकर कैसे निभाऊंगा मैं? दूसरी बात यह कि मैं अलग अलग तरीके के किरदार निभाना चाहता हूं। 
 
सच कहूं तो मुझे आज के समय में जेन जी मेरे बारे में क्या सोच रही है? या कोई भी अभिनेता मेरे बारे में क्या सोचा है। कोई किसी के बारे में भी क्या सोचा, मुझे नहीं पता होता है। आपको यह सारी जानकारी जो है, वह इंटरनेट पर मिलती है। सोशल मीडिया पर मिलती है और वह मुझे बड़ा कंफ्यूज कर के रख देता है। समझ में नहीं आता है कि सच क्या है और गलत क्या है क्या ये पीआर है। मैं अपनी फिल्म के लिए भी सोशल मीडिया पर कई अलग अलग तरीके की चीजें पढ़ता हूं। बहुत बार उसमें तारीफें होती है। लेकिन फिर मुझे लगता है यह सच में हुआ भी है या नहीं हुआ है। 
आज के समय में हम जिस तरीके की जिंदगी में है हम सच को भी विश्वास करने से डरते हैं। यह कहना है वेदांग रैना का जो सही मायने में जेन जी के लिए एक अच्छे कलाकार साबित हो सकते हैं। उनके अच्छे लुक और सहज अभिनय के लिए। पहली फिल्म आर्चीज में भी पसंद किया गया था। और अब 'मैं वापस आऊंगा' में वह इम्तियाज अली के साथ काम कर रहे हैं जो एक पीरियड फिल्म है। 
 
फिल्म के प्रमोशन के दौरान वेब दुनिया के इस सवाल के बाद वेदांग ने और भी कई सवालों के जवाब देते हुए आगे बताया कि मेरे लिए तो बहुत बड़ी बात थी कि मुझे जिगरा जैसे फिल्म के लिए बुलाया गया था। मतलब मैं इतने बड़े बैनर में काम कर रहा हूं। मेरे साथ आलिया भट्ट है मुझे और क्या चाहिए है?  वर्ना मुझे लगा था, आर्चीज रिलीज हो गई लोगों के सामने आ गई है। अब मेरा यहां पर काम इतना ही है। मैं अपने कॉलेज में लौटूंगा और एमबीए करूंगा। उसके बाद फिर जिगरा जैसी फिल्म मेरे सामने आती हैं और सच कहूं तो मुझे बॉक्स ऑफिस क्या होता है, उसका रिपोर्ट क्या होती है। उसका परफॉर्मेंस कैसे होता है और कैसे यह सब चीज है। मेरी अगली फिल्म और मेरे करियर पर प्रभाव डालेगी मुझे इसकी बिल्कुल कोई मालूमात ही नहीं थी। 
 
आर्चीज में भी जब मुझे बोला गया कि मैं 7 कलाकारों में से एक हूं और मुझे चुन लिया गया है। तब मुझे लगा था कि यह तो दूसरे लोगों के लिए लांच होने वाली फिल्म है। मैं तो साथ में एक कलाकार ही हूं। मेरी फिल्म चले या नहीं उससे भी बड़ी बात तो यह है कि मुझे फिल्म मिल गई। उससे भी ज्यादा मायने यह रखता है कि अब मैं सिंगल स्क्रीन में दिखाई देने वाला हूं। लोग मुझे सिनेमा हॉल में जाकर देखने वाले हैं। बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट से मैं क्यों डरूं? मैं तो यही करने आया हूं अपने जिंदगी में। 
 

इम्तियाज अली की कौन सी फिल्म बहुत अच्छी लगती है 

नंबर वन चमकीला और नंबर 2 रॉकस्टार। बहुत इमोशंस के साथ फिल्म बनाई है। जहां तक रॉकस्टार की बात है तो मैंने से कॉलेज में देखी थी। वह समय था जब मैं इंटर स्कूल, इंटर कॉलेज कंपटीशन में बतौर गायक जाया करता था। तब मुझे बड़ा अपना सा लगता था वह करैक्टर! 

आप अपने समय में पॉपुलर बॉय रहे हैं। 

हां कह सकते हैं कि मैं पॉपुलर बॉय रहा हूं। वरना मुझे तो लगता है मैं बहुत ही शर्मीला हूं। कितना बोलना पड़ता है इस प्रोफेशन में आकर आप देखिए मैं यहां पर रूम में आया हूं। आप सभी लोग मेरे इर्द-गिर्द मौजूद है। दरवाजा बंद है और मेरे सामने अब बात करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है तो बात कर रहा हूं। वरना मैं थोड़ा शर्मीला ही हूं। पॉपुलर बॉय कि अगर मैं बात करूं तो मैं अपने स्कूल में स्कूल कैप्टन हुआ करता है तो काफी सारे लोग मुझे जानते थे। उस तरीके से अगर आप कहे कि मैं पॉपुलर था तो ठीक है, कह सकते हैं।
 
आपने बताया कि आप इम्तियाज अली के साथ कश्मीर के बारे में बात करते थे तो कोई रोल भी निभाना चाहेंगे 
अगर, कोई कश्मीर पर फिल्म बनती है तो बिल्कुल मेरी तो बहुत इच्छा है कि कोई कश्मीर फिल्म में मेन रोल में दिखाई दूं। मैं कश्मीर का सबसे बड़ा फैन हूं। मैंने अपने मम्मी पापा दादा दादी इन सभी से कश्मीर की कहानियां सुनी हमेशा सोचा था कि जाऊंगा मेरे माता-पिता दोनों ही कश्मीर से हैं इसलिए मैं शत-प्रतिशत कश्मीरी ही हूं। 
 
मौका पड़ा था जब 2023 में तब मैं कश्मीर गया था जिंदगी में पहली बार। मेरे मम्मी पापा दिल्ली के आसपास हम घूमते थे। फिर आइसक्रीम खाते थे और जब मैं वहां पर गया था, मेरी आंखें खुली की खुली रह गई और मुझे ऐसा लगा कि मैं तो किसी परी की दुनिया में आ गया हूं। इतनी खूबसूरत कोई कैसे जगह हो सकती हैं। कैसे ऐसा हो सकता है कि आप लोग यहां पर रह चुके हैं? मेरा यकीन करना जरा मुश्किल हो गया था।     
 
इम्तियाज सर से कश्मीर के बारे में बात होती है। बहुत सारी बातें फिल्मों से भी जुड़ी होतीं। उनकी तीन फिल्में हाईवे रॉकस्टार और लैला मजनू कश्मीर से ताल्लुक रखती हैं। उन्हें कश्मीर से लगाव भी है। फिल्मों के अलावा हम कभी कश्मीर के संस्कृति की बात करते तो कभी कश्मीरी खाने की बात करते हो। कभी कश्मीरी कहवा की बातें करते थे। 
 

पल्लवी जोशी ने अपने इंटरव्यू के दौरान हमें बताया था कि नई जनरेशन वह एक ऐसी जनरेशन है जिसके ऊपर कॉलोनियल हैंगओवर नहीं है। आपका क्या कहना है? 

बिल्कुल सही लगता है हम लोगों ने आजादी की लड़ाई और उसकी कहानियां सुनी है। हमारी फिल्म मैं वापस आऊंगा में भी पार्टीशन की कहानियां है। बंटवारा हमने कहानियां में सुना है। महसूस तो बिल्कुल नहीं किया है। हमारे दादा दादी की कहानियां है या पापा मम्मी से कहानियां सुनी है। और यह एक बहुत गंभीर विषय है। इस बात को तब समझा जब मैं वॉर मेमोरियल गया था। 
 
मुझे लगा हम हमारे परिवार के कश्मीर से निकलना हो या पार्टीशन होना। एक परिवार दूसरी जगह जा रहा है। अपने घर बार को छोड़कर वह दूसरी जगह जा रहा है। ये बहुत ही दुख देने वाली बात है। इम्तियाज सर भी यही बोलते हैं कि पार्टीशन के दर्द को बताने के लिए यह फिल्म का अभी आना बहुत जरूरी था। वह इसलिए क्योंकि जिस पीढ़ी बंटवारे को देखा है और झेला है वह लगभग अब खत्म हो गई है। आज से 5 साल बाद यह फिल्म आए तो हो सकता है। इसके मायने बदल जाए, लेकिन यह फिल्म अगर अभी आई है तो हो सकता है। पार्टीशन के दर्द को झेल चुके ने वाली पीढ़ी के जख्मों पर मरहम लगा सके। 
लेखक के बारे में
रुना आशीष भूतड़ा
रुना आशीष भूतड़ा को बतौर पत्रकार मीडिया इंडस्ट्री में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह आज तक, जी न्यूज, न्यूज नेशन, टीवी9, फर्स्ट पोस्ट और बीबीसी जैसे मीडिया संस्थानों के लिए काम कर चुकी है। वर्तमान में रुना वेबदुनिया के लिए फिल्म इंडस्ट्री के कार्यक्रमों की वीडियो रिपोर्ट और.... और पढ़ें
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